Friday, April 23, 2021

Pados ke bahiya ne blackmail ker bhabhi ki chudai keri

April 23, 2021 0 Comments

 Bhabhi ki chudai ki kahani

Bhabhi ki chudai ki kahani :-  हेलो फ्रेंड्स मेरा नाम अभी है और मैं १८ साल का हूँ. मेरे घर में हम ५ लोग रहते है जिनमे पापा मम्मी में भैया और स्टोरी की हीरोइन मेरी माधवी भाभी रहती है. मेरे भाई की शादी हुए अभी कुछ १ साल ही हुआ है.जब उनकी शादी हुई थी तब मेरे मन में भाभी क लिए कुछ भी नहीं था बूत एक दिन जब मैंने भाभी को बाथरूम में सिर्फ उनके टॉवल में देख लिया तब से सब कुछ ही बदल गया.सॉरी मैं बताना भूल गया की मेरी भाभी दिखने में बिलकुल श्रुति हस्सान जैसी लगती है और उनकी हाइट लहजभाग ५’६” होगी और मैं अपने बारे में बताना तो भूल ही गया की मेरी हाइट ५’११” है और मेरा लुंड ७ इंच का है.

तोह जब से मैंने भाभी को टॉवल में देखा तब से मेरा मन उनको छोड़ने का करने लगा. मैं रोज़ ही कोई बहाना ढूंढ़ने लगा की कैसे मैं उनके पास ज्यादा वक्त गुजार सकू.जब वो रसोई में होती तोह मैं जान बुझ कर रसोई में पानी पीने के बहाने चला जाता और पानी पीते-पीते उनकी गांड को देखने लगता. कई बार हिम्मत कर के उनकी गांड को थोड़ा सा हाथ भी लगा देता पर मुझे हर वक्त डर ही रहता की वो किसी को बता ना दे इसलिए मैं आगे कुछ नहीं कर पाटा.फिर एक दिन मैंने एक प्लान बनाया. मेरा रूम शाट पर था और हर रोज भाभी करीब ११ बजे कपडे सुखमे आती थी. एक दिन जब घर पर हमारे दोनों के इलावा और कोई भी नहीं था मैं जान बुझ कर उनके ऊपर आने सी पहले बाथरूम में नहाने चला गया.

Bhabhi ki chudai ki kahani
Bhabhi ki chudai ki kahani

 

 

जब मुझे उनके ऊपर आने की आवाज़ आयी तोह मैं सिर्फ टॉवल में ही बाथरूम सी बहार आ गया और सीधा भाभी की तरफ गया और उनसे कहा की मैं आपकी मदद कर देता हु कपडे सुखाने में तोह उन्होंने पहले मन किया.बूत फिर मेरे इंसिस्ट करने पर वो मान गयी. फिर मैं सिर्फ टॉवल में उनके पीछे-पीछे बहार चला गया और कपडे वायर पर डालने लगा. भाभी ने उस दिन ब्लू कलर का सलवार सूट पहना था और बो बहुत ही सेक्सी लग रही थी.मेरा लुंड तोह आलरेडी खड़ा था टी उनको देख कर. भाभी ने भी मेरे टॉवल में टेंट नोटिस कर लिया था और उनकी नज़र बार-बार मेरे टॉवल की तरफ जा रही थी. 

फिर मैंने अपने प्लान के मुताबिक़ गिरने की एक्टिंग की और ऐसे शो किया की जैसे मेरी राइट थिगह में चोट लग गयी हो.भाभी मेरी तरफ जल्दी से आयी और मुझे उठाने लगी मैं जान बुझ कर जोर-जोर सी चिलाने लगा. जब वो मुझे उठा रही थी तोह मैं जान बुझ कर कभी उनके शोल्डर पर हाथ रखने के बहाने उनके बूब्स को छू लेता और कभी उनकी गांड को टच करता.फिर भाभी मुझे मेरे कमरे में ले गयी और मैं सीधा बीएड पर गिर पड़ा. भाभी पूछने लगी की ज्यादा चोट लगी है क्या? तोह मैं कहने लगा की बहुत दर्द हो रहा है और उन्होंने ने खा की चलो मैं तेल से मालिश कर देती हु तोह शायद थोड़ा आराम मिले.

जब वो तेल ले कर आयी तो मैंने अपना टॉवल थोड़ा सा ऊपर खींच लिया और भाभी तेल सी मालिश करने लगी. फिर मैंने जान बुझ कर टॉवल गिरने की एक्टिंग की और ऐसी एक्टिंग करने लगा की जैसे मैं उससे उठाना चाहता हु पर दर्द बहुत हो रहा है.भाभी ने कहा “रहने दो कोई बात नहीं मैं तुम्हारी भाभी ही तोह हु.” तोह मैंने खा की सॉरी भाभी तोह उन्होंने खा की कोई बात नहीं तुम्हारे तो चोट लगी है इसमें तुम्हारी कोई गलती नहीं है.भाभी को देख कर मेरा लुंड एक दम तन गया था अपने ७ इंच के अकार में और भाभी की नज़र भी बार-बार मेरे लुंड पर आ रही थी.

 मालिश के बहाने उन्होंने ने दो-तीन बार मेरे लुंड को टच भी किया. फिर जब मालिश हो गयी तो वह जाने लगी तोह मैं उनको बैठने के लिए कहा.हुए मैं भी उठ कर बैठ गया. मैंने उनसे कहा की मुझे बाथरूम जाना है तो उन्होंने ने कहा “चलो मई तुम्हे ले चलती हूँ और टॉवल को उठाने लगा तो भाभी ने खा की कोई बात नहीं है घर में कोई भी नहीं है.

 ऐसे ही आ जा.तोह फिर मैं भाभी का कन्धा पकड़ कर धीरे-धीरे चलने लगा और ऐसे एक्टिंग करने लगा की जिअसे टांग अभी भी दर्द कर रही हो. कई बार तो मैंने भाभी के बूब्स पर भी हाथ रख दिया और जान बुझ कर अपना लुंड भाभी की गांड पर टच करने लगा.भाभी थोड़ा उनकंफर्टबले हो रही थी बूत उन्होंने ने कुछ नहीं बोलै फिर जब मैं बाथरूम सी बहार निकला तो भाभी सीधा मेरे लुंड को देखने लगी और कमरे में जाते वक्त कहने लगी “अभी तुम्हारा लुंड तोह काफी बड़ा है मैंने पूछा “क्यों? भैया का लुंड इतना बड़ा नहीं है क्या?” तोह वह कहने लगी “नहीं उनका लुंड तोह सिर्फ ५ इंच का है.” तो मैं समझ गया की भाभी को मेरा लुंड चाहिए. मैंने कहा की अगर आपको बड़ा लुंड ाचा लगता है तोह आप कभी भी मेरे पास आ सकते है.तोह हु एक दम सी गुस्सा होने लगी और कहने लगी “मैं तुम्हारी भाभी हु यह सभ मैंने इस लिए किया क्योंकि तुम मेरे देवर हो और तुम्हारे चोट लग गयी है. इसके आगे हमारे बिच में कुछ भी नहीं है.”

Bhabhi ki chudai ki kahani

और वो जब उठ कर जाने लगी तो मैंने उनका हाथ पहाड़ लिया और उनको अपनी तरफ खींच लिया और वो सीधा मेरे ऊपर गिर पड़ी. मेरा लुंड उनकी जांघो पर टच होने लगा. और इससे पहले की वह कुछ बोल पाती मैंने उनको एक जबरदस्त लिप किश कर डाली.पहले तो उन्होंने ने रेसिस्ट किया बूत बाद में वो मेरा साथ देने लगी. मैं भी उनकी गांड सहलाने लगा और बूब्स दबाने लगा. फिर उन्होंने ने भी बता ही दिया की मैं भी तुम्हारे साथ कितने ही समय सी सेक्स करना चाहती थी बूत कभी भी घर ऐसा खली नहीं मिला.

तोह मैंने जल्दी से भाभी का सूट और सलवार उतार दी और अब वो सिर्फ पंतय और रेड ब्रा में थी. पहले भाभी ने अपना ब्रा उतार दिया और पंतय नहीं उतारी और वो सीधा मेरे लुंड को मुँह में लेके चूसने लगी मैं तो जैसे ७ वे आसमान में था.

फिर मैंने उनकी पंतय भी उतार दी और वो बिलकुल किसी पोर्नस्टार क जैसे लग रही थी. उन्होंने ने अपनी छूट भी शेव कर राखी थी. जैसे ही वो मेरा लुंड अपने मुँह में दुबारा लेने लगी तभी बहार से दरवाजा खुलने की आवाज़ आयी और मैं तो बिलकुल दर ही गया. मैंने भाभी को कहा की आप कमरे में ही रहना मैं देख कर आता हु की कोण है.मैं कपडे पहन कर निचे गया और दरवाजा खोला तोह देखा की हमारे पडोसी का लड़का जो की १९ साल का है वह आया था और कह रहा था की आपकी चाट (टेरेस) पर मेरी बॉल गिर गयी है. मैंने कहा की मई लाकर देता हूँ.

वह बोलै की ठीक है पर मुझे कही पर भी बॉल नज़र नहीं आयी तो मैंने उससे चाट (टेरेस) पर सी ही आवाज़ लगाई की तुम ऊपर आकर ढून्ढ लो. वह ऊपर आया और बहार चाट पर बॉल धोंडे लगा और मैंने अंदर जा कर भाभी सी कहा की बहार मत आना और मैं बहार आए गया.गर्मी बहुत ज्यादा थी तोह राज (पडोसी का लड़का) मुझे कहने लगा की भैया थोड़ा पानी मिलेगा? मैंने खा की अभी ला कर देता हूँ और मैं निचे फ्रिज में से पानी लेने चला गया. जब मैं वापिस ऊपर आ रहा था तोह मुझे भाभी के चीखने की आवाज़ आयी.मैं डर गया की अब क्या हो गया? जब मैं ऊपर गया तो मैंने देखा की भाभी कमरे में से बहार सीधा बहार भाग रही है और तभी राज ने भाबी को नंगा देख लिया और भाभी भी अपने हाथो से उनके बूब्स और छूट हो ढकने लगी.राज तो उन्हें देख ता ही रह गया. मैंने भाभी से पूछा की आप भार क्यों आ गए? तोह उन्होंने बताया की कमरे में एक लिज़र्ड उनके ऊपर गिर पड़ी. 

तब मैंने राज को देखा वोह बिलकुल दांग था भाभी को इस हालत में देख कर.जब मैं उसके पास गया और उसको कहने लगा की प्लीज तुम यह बात किसी को बताना मत तभी वो कहने लगा की ठीक है नहीं बताऊंगा बूत जैसे ही वह अपने घर वापिस जाने लग्गा तभी उसका बड़ा भाई जो की लगभग २१ साल का है हमारे घर पर आ गयाऔर उसने भाभी को बहार नंगा खड़ा देख लिया तब भाभी और भी दर गयी और उन्होंने ने अपनी बॉडी एक कर्टेन सी धक् ली. तो रोहित (बड़ा भाई) कहने लगा की यह क्या भाई अपनी भाभी के साथ अकेले-अकेले मज़े लेने का प्लान है लगता है?

मैंने उससे खा की ऐसी कोई बात नहीं है और वह मेरी भाभी की तरफ देखने लगा और कहने लगा की क्या माल है तुम्हारी भाभी यार. तोह मैंने उससे कहा “प्लीज तुम यह बात किसी को बताना मत पर वह मान नहीं रहा था.भाभी भी अब कर्टेन सी बहार निकल कर उससे कहने लगी “प्लीज किसी को मत मत बताना वार्ना बहुत बदनामी हो जाएगी.”

 जब भाभी कर्टेन से बहार निकली तो रोहित का लुंड उसके पंत में टेंट बनाने लगा तोह मैं समझ गया की उसके इरादे ठीक नहीं है.वो कहने लगा “नहीं मैं तोह गली में सब लड़को को बताऊंगा.” 

Bhabhi ki chudai ki kahani :- मैंने उससे कह दिया “ऐसा मत करना अगर चाहो तो तुम भी भाभी के साथ चुदाई कर लो तोह वह झट सी मान गया और भाभी मेरी तरफ हैरान होकर देखने लगी बूत उनके पास भी और कोई चारा नहीं था.उनको हमारी बात मन नई पड़ी. मैं और रोहित दोनों ने अपने कपडे उतार दिए. रोहित का लुंड तक़रीबन ७.५ इंच का था पर पतला था मेरे लुंड से. फिर क्या था हम दोनों भाभी पर टूट पड़े. मैं भाभी के बूब्स दबाने लगा और और रोहित सीधा भाभी के मुँह में लुंड डालने लगा.करीब १० मिनट्स के बाद मैंने अपना लुंड भाभी की छूट में दाल दिया और रोहित ने अपना लुंड भाभी की गांड में दाल दिया. भाभी डर के मारे चीख रही थी और राज अभी भी खड़ा सभ कुछ देख रहा था तोह रोहित ने खा की घर जा और किसी को कुछ नहीं बताना.

बूत अब वह कहने लगा की मुझे भी यह करना है तोह रोहित ने उससे समझने की कोशिश की बूत वह कहने लगा की मैं घर जाकर सब कुछ बता दूंगा. तोह रोहित ने खा की चल कर ले बूत सिर्फ एक बार तो वह झट सी मान गया.भाभी को भी अब मज़ा आने लगा था. राज ने अपनी पंत उतारी और अपना ५.५ इंच का लुंड निकाल कर भाभी के पास आ गया और भाभी को हसी आगयी की इतना छोटा सा लड़का मेरे साथ सेक्स करना चाहता है. तोह भाबी ने उसका लुंड पकड़ा और ऊपर निचे करने लगी.वो सिसकारियां लेने लगा फिर भाभी ने उसका land अपने मुँह में लिया और उसे चूसने लगी. 

इधर हम दोनों भी भाभी को ताबड़-तोड़ छोड़ रहे थे. फिर यही कुछ ३ मिनट में राज कहने लगा की मेरे लुंड में कुछ हो यहा है और उसने अपना सारा माल भाभी के मुँह में ही छोड़ दिया.वह लेत गया और कहने लगा की बहुत मज़ा आया. फिर रोहित ने उससे घर जाने को कहा और व्वह घर चला गया. इधर मैं और रोहित ने अब पोसिशन्स चेंज कर ली और अब वह भाभी की Chut मार रहा था.जब वह झड़ने वाला था तोह उसने अपना सारा माल भाभी के बूब्स पर निकाल दिया और पीछे जाकर बैठ गया. इधर मैं फिर सी भाभी की chut मरने लगा और तक़रीबन ५ मिनट्स में मैंने अपना सारा माल भाभी के अंदर ही निकाल दिया.

जब मैं उठा और बाथरूम जाने लगा तो रोहित ने मुझे कहा की अब कब चढ़ाई करेंगे? तोह मैंने खा की यह फर्स्ट एंड लास्ट टाइम था अब तुमने एक बार कर लिया है.

 वह हसने लगा और मुझे अपने फ़ोन में वीडियो दिखने लगा जिसमे मैं भाभी को छोड़ रहा हु. सेल ने उस वक्त हमारी वीडियो बनाली और कहने लगा की अब से जब भी मैं चहु तुम्हारी भाभी को मुझसे छोड़ना पड़ेगा.नहीं तोह मैं यह वीडियो सब लड़को को भेज दूंगा और इंटरनेट पर भी दाल दूंगा तोह भाभी तोह बिलकुल डर ही गयी और रोने लगी बूत रोहित ने उनका एक लम्बा सा स्मूच लिया और कहने लगा की वह किसी और को नहीं बताएगा अगर वह उसकी बात मानेगी तोह. भाभी और मैं मान गए.उसके बाद रोहित जब चाहे भाभी को chodna का प्लान बना लेता और उसने अपने फ्रेंड्स सी भी भाभी की चढ़ाई करवा दी. यह कैसे हुआ नेक्स्ट स्टोरी में पढ़ लेना और रही मेरी बात. मैं और भाभी तोह लग-भाग रोज ही सेक्स करने लगे थे.होप आप सब लोगों को यह स्टोरी अछि लगी होगी.

Tuesday, April 20, 2021

Call boy ne seema bhabhi ki chudai ki kahani

April 20, 2021 0 Comments

 Seema bhabhi sex story in hindi

 Seema bhabhi sex story in hindi :- हेलो दोस्तों कैसे हो आप सब? मुझे तो आप सब जानते ही है. फिर भी जो नई रीडर्स स्टोरी पढ़ने आये है उनको मई अपने बारे में बता देता हु.मेरा नाम रोहित है. मई एक कॉल बॉय हु. मेरी आगे २२ है और लुंड का साइज ७″ है. मई राजस्थान का हु.

 मैंने अब तक बहुत सी लड़कियों एंड भाभियो को छोड़ा है. अब मई अपनी स्टोरी पर आता हु. इस स्टोरी में मैंने एक हाउसवाइफ को कॉल बॉय सर्विस दी थी.वो मेरी सर्विस से बहुत खुश हुई थी और मुझे २ दिन के जयपुर ट्रिप पर ले गयी और वह भी मैंने उसको खूब छोड़ा और उसने मुझे मेरे चार्जेज दिए. जयपुर में मैंने उसके साथ क्या किया ये आपको इस स्टोरी के नेक्स्ट पार्ट में बताऊंगा. 

Seema bhabhi sex story in hindi

 Seema bhabhi sex story in hindi


 

अभी इस पार्ट में मई आपको ये बताने जा रहा हु की कैसे मैंने उस हाउसवाइफ को choda. तो स्टोरी स्टार्ट करता हु.मेरे पास १० दिन पहले एक मेल आया. उस मेल में उस हाउसवाइफ लेडी ने अपने बारे में बताया. उसने कहा-लेडी: मेरा नाम सीमा अग्गरवाल है. मेरी आगे ३५ है और मई लखनऊ की रहने वाली हु.

उसने मुझे कहा की वो छोड़ना चाहती है. मैंने उससे रिप्लाई दिया-मई: मैडम आपको मेरे होमटाउन आना होगा. मई यही chodta हु.वो आने को मान गयी और २ दिन बाद आने को बोल रही थी

. फिर २ दिन बाद वो मेरी सिटी के होटल में रुकी. उसने मुझे फ़ोन किया की वो आ चुकी है और मुझे भी अपने पास उसी होटल में बुला लिया.फिर मई उसके होटल में गया और उसके रूम की बेल्ल बजायी तो सीमा ने दूर ओपन किया.

 उस वक़्त उसने ब्लू जीन्स एंड ब्लू टॉप पहने हुए थी. उसकी गांड जीन्स में उभरी हुई थी. उसको देख कर मैंने स्माइल पास की तो उसने भी स्माइल दी और हेलो से रिप्लाई दिया.हम दोनों सोफे पर बैठे थे. उसने कॉफ़ी आर्डर की और हम कॉफ़ी पीने लगे. 

वो मुझसे पूछ रही थी-

सीमा: फिर कैसे खुश करोगे बेबी मुझे आज?

मैं: बेबी टेंशन मत लो आज आपको पूरा खुश करके भेजूंगा. आपको पूरा मज़ा मिलेगा.सीमा: हम्म्म मुझे मज़ा ही चाहिए. मैंने बहुत पड़ी है तुम्हारी स्टोरीज. वैसे ही करना है तुम्हे आज जैसा स्टोरीज में करते हो.मैंने उसको कहा: ओके बिलकुल वैसे ही करूँगा.

फिर हमारी कॉफ़ी फिनिश हुई और वो मेरी गॉड में आके बैठ गयी और बालो में अपनी सॉफ्ट सी उंगलिया घुमा रही थी. मैंने अपनी नाक उसकी ब्लू टॉप के अंदर डाली और खुशबू सूंघने लगा.

अह्हह्ह्ह्ह… क्या सुगंध थी दोस्तों उसके बूब्स की. मैंने उसका मुँह पकड़ा और उसके गुलाबी होंठो को किश करने और चूसने लगा. उसने भी अपने होंठ खोल दिए और मेरी जीभ को अपने मुँह से अंदर खींचने लगी.हमारी सिसकारियां गूँज रही थी. ुह्ह्हह्ह… आह्हः.. उउउउउ… मई उसको डीप किश दे रहा था और सीमा भी मज़े से मेरा साथ दे रही थी.

 कभी मैं उसके होंठो को हल्का काट लेता तो वो बोलती-

 Seema bhabhi sex story in hindi: आह्ह्ह्हह… रोहित क्या करते हो बेबी.मई उसकी एक न सुनता और अपने काम में लगा रहता. मैंने फिर कहा उसको-मई: क्या हुआ जान? दर्द हो रहा है तो किश न करू?

सीमा: बेबी… दर्द हो रहा है बूत मज़ा बहुत आ रहा है. ऐसा किश तो मेरे हस्बैंड ने भी नहीं किया कभी उफ्फ्फ.. रोहित. बेबी.. काश तुम मेरे हुब्बी होते तो रोज़ ऐसे ही मज़े दिया करते.मैं उसकी इन बातो से थोड़ा गरम होने लगा. 

हम किश भी करते जाते और वो मुझसे बाते भी करती रहती. वो पूरा मज़ा ले रही थी. उसी सोफे पर बैठे-बैठे हमने २० मिनट तक किश किया.उसके बाद मई वही पर उसकी गर्दन और गालो को चूमने और चाटने लगा. वो गरम आहें भरने लगी और उसके बूब्स ऊपर-नीचे उछलने लगे.

 Seema bhabhi ki chudai ki kahani: आह्ह्ह्ह.. उह्ह्ह.. रोहित.. बेबी… मज़ा दे रहे हो तुम बहुत…फिर मैंने सीमा को गॉड में उठाया और बीएड पर पटक दिया और वो लेट गयी. उसने मुझे अपने ऊपर ज़ोर से खींचा. 

मैं सीधा उसके होंठो पर अपने होंठ चिपका कर उसके ऊपर लेट गया.फिरसे हमारा किश कम्पटीशन स्टार्ट हो गया. कभी वो मुझे किश कर रही थी तो कभी मई उसको किश कर रहा था.

सीमा: उह्ह्ह… बेबी.. मज़ा आ रहा है. और करो बेबी… काटो मुझे.मई: जान मज़ा आ रहा है ना?वो बोली: बहुत ज़्यादा मेरे प्यारे रोहित.मैंने उसका टॉप उतारा और वो ब्लैक ब्रा में थी. उसके बूब्स ब्रा में बहुत कड़क थे और बाहर आने को बोल रहे थे.

 Bhabhi ki chudai ki kahani :- Padosan bahbhi ki chudai ki kahani

मैंने सीमा से कहा: बेबी देखो आपके बूब्स बाहर आने को मचल रहे है. देखो कैसे ऊपर-नीचे हो रहे है.सीमा ने एक बार अपने उछलते हुए बूब्स की और देखा.सीमा शर्माते हुए बोली: बेबी अब तुम पर देपेंद करता है की तुम इन बेचारो को तड़पने देते हो या इन्हे आज़ाद करते हो.मई समझ गया की वो क्या चाहती है.मैंने उसकी ब्रा खोल दी और बूब्स उछाल कर मेरे सामने आ गए. 

ऐसा लग रहा था जैसे कही चिप गए थे और अब अचानक मुझे सरप्राइज करने के लिए एक-दम से बाहर आ गए हो. मई उन बूब्स को अपने दोनों हाथो से मसलने लगा.सीमा: आराम से करो दर्द होता है.ये उसका दर्द का झूठा नाटक था. वो चाहती थी की मई और कस के दबाउ.फिर मैंने उसका एक निप्पल अपने मुँह में रखा और चूसने लगा. बहुत ही सॉफ्ट था उसका निप्पल. मुझे निप्पल चूसने में बहुत मज़ा आ रहा था.

मई उसको चूसता गया और दुसरे बूब को ज़ोर-ज़ोर से दबा रहा था. वो मछली की तरह तड़प रही थी और मज़ा भी ले रही थी.सीमा: आह्ह्ह्हह… ुह्ह्ह्ह… मज़ा आ रहा है. और चूसो और चूसो हम्म्म.. हम्म..मई बूब्स को बारी-बारी से चूसता गया और वो मज़ा लेती रही. वो अब बहुत गरम हो चुकी थी. फिर मई बूब्स चूसता हुआ उसके पेट पर पहुंचा. वो बहुत सॉफ्ट था. उसकी नाभि में मैंने अपनी नाक घुसाई और खुसबू लेने लगा.सीमा: उउइइइइइ.. मा..मई धीरे-धीरे उसकी नाभि को चाट रहा था और किश भी कर रहा था. वो लम्बी-लम्बी सिसकारियां भर रही थी.

 उसकी सिसकारियों से बूब्स ऊपर-नीचे हो रहे थे. मेरे दोनों हाथ बूब्स दबा रहे थे और मेरा मुँह नाभि में ही था.फिर मई नीचे गया तो उसकी ब्लू जीन्स मेरे सामने थी. मैंने उसको भी धीरे से उतारा. उसने गांड ऊपर करके जीन्स उतारने में मेरी हेल्प की. मैंने जीन्स उतार दी और वो अब ब्लैक पंतय में थी. उसकी पंतय पूरी गीली थी. मैंने पंतय के ऊपर से ही एक किश किया.सीमा: रोहित… अह्ह्ह्ह.. माआआ..मैंने पंतय को ऊपर से पकड़ते हुए उतारा. सीमा अब मेरे सामने बिलकुल नंगी थी. 

उसने अपनी छूट पर हलके बाल रखे थे और छूट पर वो बाल उसकी ख़ूबसूरती में चार चाँद लगा रहे थे.उसको देख कर लग रहा था की उसका पति सेक्स नहीं करता है अचे से. मैंने अपना मुँह छूट पर लगा दिया और छूट में अपनी जुबां घुमा दी. वो ज़ोर से आहें भरने लगी.सीमा: ुउउइइइइइमायआ.. ऐसा तो मेरे हस्बैंड ने वह कभी नहीं किया है. मज़ा बहुत आ रहा है बेबी.मई उसकी इस बात से और एक्ससिटेड हो गया और जुबां को और ज़ोर से छूट में घुमा रहा था.

 उसकी छूट के ऊपर के हिस्से को भी जीभ से चाट रहा था. वो पूरे बीएड पर उछाल-कूद कर रही थी और मेरे सर को छूट में दबा रही थी और बोल रही थी-सीमा: मज़ा आ गया राजा. और ज़ोर से ाःह.. अब से मई हर बार तुमसे ही सेक्स करवाउंगी. अह्ह्ह्ह.. ोीीिमआ.. और अंदर डालो अपनी जुबां आह्हः..मैंने २० मिनट उसकी छूट छाती और वो २ बार झाड़ गयी थी. अब वो उठी और मेरे कपडे उतारने लगी. 

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उसने मेरी शर्ट और जीन्स उतारी जल्दी से. अब मई इनर-वियर में था. उसने झट से वो भी उतार दिए और मई उसके सामने नंगा था.अब हम दोनों नंगे थे. वो मेरे ऊपर आयी और मुझे बीएड पर पीठ के बल लिटा दिया. वो मुझे किश करने लगी कभी होंठो पर तो कभी गाल और गर्दन पर. अब वो किश करते हुए मेरी चेस्ट पर आ गयी और मेरे निप्पल्स को चूसने लगी.मुझे बहुत मज़ा आ रहा था.

 मेरे मुँह से अह्ह्ह.. निकल गयी. फिर वो मेरे खड़े लुंड की और आयी. उसने लुंड को झट से मुँह में ले लिया और मई जन्नत की सैर कर रहा था.वो लुंड चूसती गयी अपने कोमल से मुलायम होंठो से. सीमा ने लुंड को चाटना शुरू किया. फिर मेरे अंडो को मुँह में लेकर चूस रही थी. पूरा मज़ा दे रही थी. जिसके कारण पहली बार ५ मिनट में मेरा पानी निकाल दिया उसके इस सेक्सी ब्लोजॉब ने. 

उसके साथ सेक्स करके मज़ा आ गया.फिरसे वो लुंड खड़ा करने के लिए लुंड को मुँह लेकर चूसने लगी. १० मिनट चूसने के बाद लुंड फिरसे खड़ा हो गया. अब वो छोड़ने के लिए तैयार थी. उसने लुंड पर कंडोम चढ़ाया और बीएड पर लेट गयी.मैंने उसकी टाँगे पकड़ी और दूर किया. फिर लुंड को हिलाते हुए उसकी छूट पर हलके-हलके से घुमाने लगा.वो बोली: उह्ह्ह.. मत तड़पाओ यार… बहुत दिन से तड़प रही हु इस पल के लिए. तुम और देर न करो. प्लीज बेबी दाल दो और छूट फाड़ दो.

मैंने एक ज़ोर का झटका दिया और आधा लुंड उसकी छूट में घुस गया.वो चिल्लाई: आह्ह्ह्हह.. धीरे.. डालो.वो बीएड पर अपने हाथ पेअर पटकने लगी. शायद बहुत दिन बाद चूड़ी थी इसलिए. उसकी छूट भी काफी टाइट लग रही थी और वो इसी वजह से चिल्लाई. मैंने अब लुंड को धीरे-धीरे आगे-पीछे करने लगा.सीमा: उह्ह्ह.. अह्ह्ह.. माँ.. धीरे-धीरे करना प्लीज.मई ५ मिनट तक धीरे-धीरे छोड़ रहा था. अब उसे भी मज़ा आने लगा और ज़ोर से छोड़ने को बोल रही थी. मैंने अब एक ज़ोर का धक्का दिया और पूरा लुंड उसकी छूट में चला गया.

Seema bhabhi ki chudai ki kahani:- उम्.. अह्हह्ह्ह्ह.. करके चिल्ला रही थी और मई उसको छोड़ता जा रहा था. वो धीरे छोड़ो धीरे छोड़ो बोलती गयी और मई छोड़ता गया. १० मिनट में वो अपनी कमर मेरे लुंड की और हिलाने लगी. मई समझ गया की अब उसको मज़ा आ रहा है और में छोड़ता गया.फिर मैंने पोजीशन बदली और उसको डोगग्य बनाया. फिर पीछे से उसकी २ मिनट गांड और छूट एक साथ छाती और लुंड छूट में घुसेड़ दिया.सीमा: हरामज़ादे.. कुत्ते.. धीरे छोड़ न.उसके मुँह से गाली सुन कर मज़ा आ गया. 

मई और ज़ोर से छूट मारने लगा और एक हाथ से उसके बाल पकड़ के खींच रहा था. वो पूरी मस्त होकर मेरे धक्को का जवाब अपनी गांड आगे-पीछे करके देने लगी.हम दोनों पसीने में भीगे हुए थे. एक चालु था और हम दोनों गर्मी में चुदाई का गेम खेल रहे थे. १५ मिनट ऐसे ही छोड़ने के बाद मैंने उसको दीवार के सहारे खड़े होने को कहा.वो मेरी इस बात से खुश हुई और बोली-सीमा: आज तक मई बीएड से उतर कर कभी चूड़ी ही नहीं. आज पहली बार कोई मुझे बीएड से दूर ले-जाकर छोड़ेगा. मेरी जान.. लव यू.फिर वो दीवार को पकड़ के कड़ी हो गयी. 

मैंने उसकी कमर को पकड़ कर पीछे किया और वो झुक गयी. मैंने लुंड उसकी छूट में घुसाया एक ही बार में लुंड अंदर घुसेड़ दिया.सीमा: आह्ह्ह्ह.. क्या लुंड है बे तेरा. साला दर्द दिए बिना अंदर नहीं जाता क्या?मई हसने लगा और चुदाई करने लगा.सीमा: ऊह्ह्ह्हह्ह.. यस फ़क में फ़क में बेबी.वो ऐसे बोलती रही और मई उसको छोड़ता गया. इसी बीच वो झाड़ गयी. वो अब तक ५ बार पानी निकाल चुकी थी. मई अपनी चरम सीमा पर था. फिर मैंने उसको उठाया और बीएड के किनारे लिटा दिया और छोड़ने लगा.

Seema bhabhi sex story in hindi: एसससस फ़क फ़क में फाड़ दो मेरी छूट को.वो बोलती गयी और में ज़ोरदार चुदाई करता गया. और ५ मिनट बाद मेरा पानी निकल गया. मई छूट में ही फ्री हो गया और उसके ऊपर आ गया और वो मुझे और मई उसको चूमने लगा.सीमा: रोहित बेबी तुमने खूब मज़ा दिया है आज. मेरे हुब्बी से भी बहुत ज़्यादा चुदाई की है.फिर ५ मिनट बाद मैंने लुंड बाहर निकला और उस पर से कंदों को निकला जिसमे मेरा माल था. सीमा ने कंडोम को हाथ में लिया और उसको ऊपर से ही चाटने लगी और थोड़ी सी जुबां कंडोम के अंदर डाली जिसमे मेरा पानी भरा हुआ था.उसने उस पानी को हल्का सा छाता और आँख बंद करके अपनी जुबां मुँह के अंदर ले गयी.

सीमा: ुह्ह्ह्ह क्या मस्त स्वाद है इसका.मई: तो पूरा पी जाओ मेरी बुलबुल.वो मुझे देखते हुए सारा पानी पी गयी. उसके बाद मैंने उसको रात में ४ बार और छोड़ा. मॉर्निंग में ७ बजे मेरी आँख खुली.वो मुझसे लिपट कर बोली: बेबी मेरे साथ २ दिन के लिए टूर पर चलोगे क्या जयपुर.मैंने भी बोल दिया: उसके लिए एक्स्ट्रा चार्ज लगेगा.वो बोली: कोई बात नहीं तुम ले लेना अपने चार्जेज.

 लेकिन मुझे वह २ दिन तक मस्ती करवानी होगी. छूट में लुंड डालना होगा और मई वह तुमसे अपनी गांड भी मरवाना चाहती हु.मई: ठीक है. कब जाना है?सीमा: आज ही.

Sunday, April 18, 2021

Maa ka boyfriend ki odia sex story

April 18, 2021 0 Comments

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odia sex story :-  ସମସ୍ତଙ୍କୁ ନମସ୍କାର, ମୁଁ ଆର୍ଯ୍ୟନ୍, 22 ବର୍ଷ | 2 ବର୍ଷ ପୂର୍ବେ ଘଟିଥିବା ମୋ ମା’ର ନୂଆ ପ୍ରେମିକ ବିଷୟରେ ମୁଁ ମୋର ବାସ୍ତବ ଜୀବନର ଅନୁଭୂତି ବାଣ୍ଟିବାକୁ ଚାହୁଁଥିଲି | ଆମର ଏକ ଛୋଟ ପରିବାର, ମୁଁ, ମୋ ମା ଏବଂ ବାପା | ଯେତେବେଳେ ମୁଁ 5 ବର୍ଷ ବୟସରେ ଆମେ ଆମେରିକା ଯାଇଥିଲୁ, ଏବଂ ବର୍ତ୍ତମାନ ଆମେ NRI |

ଗତ କିଛି ବର୍ଷ ଧରି ମା ଏବଂ ବାପାଙ୍କ ମଧ୍ୟରେ ସର୍ବଦା ମତଭେଦ ଏବଂ ସମସ୍ୟା ରହିଥିଲା ​​| ତେଣୁ ଗୋଟିଏ ଭଲ ଦିନ, ସେମାନେ ନିଜର ଉପାୟ ଖୋଜିବାକୁ ସ୍ଥିର କଲେ ଏବଂ ଛାଡପତ୍ର ହେଲେ | ମୁଁ ସେତେବେଳେ କଲେଜର ପ୍ରଥମ ବର୍ଷ ଶେଷ କରିଥିଲି |

ଛାଡପତ୍ର ପରେ ମା ’ଭାରତ ଯାଇ ମୁମ୍ବାଇରେ ମୋ ଜେଜେବାପାଙ୍କ ବ୍ୟବସାୟର ଯତ୍ନ ନେବାକୁ ସ୍ଥିର କଲେ। ତେଣୁ ମୋ ମା ଏବଂ ମୁଁ ମୁମ୍ବାଇକୁ ଫେରିଗଲି, ଏବଂ ମୋର ଅଧ୍ୟୟନ ଜାରି ରଖିବା ପାଇଁ ମୁଁ ପୁଣି କଲେଜରେ ଯୋଗ ଦେଲି |

ମୋତେ 45 ବର୍ଷ ବୟସ୍କା ମା ’ତରଙ୍କୁ ପରିଚିତ କରାଇବାକୁ ଦିଅ | ସେ ଜଣେ ଚମତ୍କାର ସ beauty ନ୍ଦର୍ଯ୍ୟ | ଅତ୍ୟନ୍ତ ନ୍ୟାୟଯୁକ୍ତ ଏବଂ ଏକ ସୁପରିଚାଳିତ ଚିତ୍ର, ନିୟମିତ ବ୍ୟାୟାମ କରନ୍ତି ଏବଂ ବହୁତ ସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟ ସଚେତନ | ତାଙ୍କର 36-28-36 ର ଏକ ସୁନ୍ଦର ଚିତ୍ର ଅଛି |

ସତ କହିବାକୁ ଗଲେ ଆପଣ ତାଙ୍କୁ ବିଦ୍ୟା ବାଲାନ ସହିତ ତୁଳନା କରିପାରିବେ। ତା’ର ଚେହେରା ବହୁତ ସମାନ | ସେ ବହୁତ ବକ୍ର ଏବଂ ଭଲ ଗୋଲାକାର ବଟ ଅଛି ଯାହା ସେ କଠିନ ପୋଷାକ ପିନ୍ଧିବା ସମୟରେ ସୁନ୍ଦର ଦେଖାଯାଏ | ସେ ଆଧୁନିକ ପୋଷାକ ପିନ୍ଧନ୍ତି ଏବଂ ଜଣେ ପ୍ରକୃତ ହେଡ ଟର୍ନର | ତାଙ୍କର ମଧ୍ୟ ଏକ ମଧୁର ସ୍ୱର ଅଛି, ଏବଂ ମୁଁ ଭାବୁଛି ସେ ଯେକ any ଣସି ପୁରୁଷଙ୍କୁ ପ୍ରତାରଣା କରିପାରନ୍ତି |

ତେବେ ଏଠାରେ ଯାହା ଘଟିଲା | ଆମେ ମୁମ୍ବାଇ ଯିବା ପରେ ମା ’ଦାଦାଙ୍କ ବ୍ୟବସାୟ ଶିଖିବାରେ ଏବଂ ବୁ understand ିବାରେ ବହୁତ ବ୍ୟସ୍ତ ହେଲେ | ସେ ବହୁତ କଠିନ ପରିଶ୍ରମ କରିଥିଲେ ଏବଂ କିଛି ମାସ ପରେ, ସେ ବହୁତ କ୍ଳାନ୍ତ ଦେଖାଯାଉଥିଲେ | ତା’ପରେ ଜିନିଷଗୁଡ଼ିକ ସ୍ଥିର ହେବାକୁ ଲାଗିଲା |


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ଆମେ ଆମ ଜେଜେବାପାଙ୍କ ଘରେ ରହିଥିଲୁ | ତେଣୁ କିଛି ମାସ ପରେ, ମା ଅଲଗା ଅଲଗା ହେବାକୁ ଚାହିଁଲେ ଏବଂ ଏକ ସୁନ୍ଦର ଫ୍ଲାଟ ଭଡା କଲେ | ଏହା ପରେ ମା ସାମାଜିକ ହେବା ଆରମ୍ଭ କଲେ, କିଛି କ୍ଲବରେ ଯୋଗ ଦେଲେ ଏବଂ ବନ୍ଧୁତା କଲେ |

ଯେହେତୁ ଆମେ ପ୍ରାୟ 15 ବର୍ଷ ଆମେରିକାରେ ଥିଲୁ ଆମେ ସଂସ୍କୃତିକୁ ବହୁତ ଭଲ ଭାବରେ ଜାଣୁ | ପ୍ରେମିକା, ସମ୍ପର୍କ, ଏବଂ ଡେଟିଂ ପ୍ରକାରର ଜିନିଷ ଆମ ପାଇଁ ନୂଆ ନୁହେଁ | ସେ କିଛି ପୁରୁଷ, ଚଳଚ୍ଚିତ୍ର, ରାତ୍ରୀ ଭୋଜନ ଏବଂ ସମସ୍ତଙ୍କୁ ଡେଟିଂ ଆରମ୍ଭ କଲେ |

କିନ୍ତୁ ସେ ଜୟଙ୍କୁ ଭେଟିବା ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ କିଛି ଗମ୍ଭୀର ନଥିଲା। ଜୟ, 34 ବର୍ଷ, ଜଣେ ସଫଳ ବ୍ୟବସାୟୀ, ଭଲ ଶିକ୍ଷିତ ଏବଂ ଭଲ ଭ୍ରମଣକାରୀ | ସେ ଲମ୍ବା, ସୁନ୍ଦର ଏବଂ ଜଣେ ଯୋଗ୍ୟ ସ୍ନାତକ ଏବଂ ବହୁତ ପରିପକ୍ୱ | ଏକ ସାମାଜିକ ଇଭେଣ୍ଟ ସମୟରେ ସେ ମୋ ମା’ଙ୍କୁ ଏକ କ୍ଲବରେ ଭେଟିଥିଲେ ଏବଂ ଉଭୟ ସଂଯୋଗ ହୋଇ ଡେଟିଂ ଆରମ୍ଭ କରିଥିଲେ |

ନଭେମ୍ବର ମାସ ପାଖାପାଖି ଥିଲା | ଶନିବାର ଦିନ, ମା ଜୟଙ୍କ ସହ ଡେଟରେ ଯାଇ ମଦ୍ୟପାନ କରିଥିଲେ। ଜୟ ରାତି ପ୍ରାୟ 11 ଟା ସମୟରେ ମା’ଙ୍କୁ ଘରେ ଛାଡିଦେଲା | ମୁଁ ତାଙ୍କୁ ପ୍ରଥମ ଥର ଦେଖିଲି ମା ଜଣେ ସାମାଜିକ ପାନୀୟ ଏବଂ ସର୍ବଦା ତାଙ୍କ ସୀମା ମଧ୍ୟରେ ପାନ କରନ୍ତି ଏବଂ ସେ କେବେବି ନିୟନ୍ତ୍ରଣ ବାହାରେ ନଥିଲେ |

କିନ୍ତୁ ଆଜି ସେ ମଦ୍ୟପାନ ଉପରେ ଟିକିଏ ଅଧିକ ଥିଲେ। ଜୟ ତାଙ୍କୁ କାରରୁ ଆମ ଫ୍ଲାଟର ଦ୍ୱାର ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ଧରି ରଖିବାକୁ ପଡିଲା | କବାଟ ବାଜିଲା, ଏବଂ ମୁଁ କବାଟ ଖୋଲିଲି | ମୁଁ ପ୍ରଥମ ଥର ପାଇଁ ଜୟଙ୍କୁ ଦେଖିଲି |

ମୁଁ: କ’ଣ ହେଲା?

ଜୟ: ସେ ଆଜି ମଦ୍ୟପାନ ଉପରେ ଟିକିଏ ଅଧିକ ପାଇଲେ | ତୁମେ ଆର୍ଯ୍ୟନ୍, ଠିକ୍?

ମୁଁ: ହଁ

ଜୟ: ମୁଁ ଜୟ, ତୁମ ମାଙ୍କର ବନ୍ଧୁ |

ମୁଁ: ଧନ୍ୟବାଦ, ଜୟ ମୁଁ ତାଙ୍କର ଯତ୍ନ ନେବି।

ମା (ଜୟଙ୍କୁ ଏକ ଅସ୍ପଷ୍ଟ ସ୍ୱରରେ): ବିଦାୟ, ପ୍ରିୟ!

ଏହା ଶୁଣିବା ପରେ, ମୁଁ ଟିକେ ଆଶ୍ଚର୍ଯ୍ୟ ହୋଇଗଲି ଏବଂ ଭାବିଲି ସେମାନେ ନିକଟତର ହେଉଛନ୍ତି | ପରଦିନ, ମା ଏବଂ ମୁଁ ପୂର୍ବ ରାତି ବିଷୟରେ କହିଥିଲୁ | ମା ମୋତେ କ୍ଷମା ମାଗିଲେ ଏବଂ ଟିକିଏ ନେଇଗଲେ ବୋଲି କହିଥିଲେ | ତା’ପରେ ମୁଁ ଜୟ ବିଷୟରେ ପଚାରିଲି | ସେ ମୋତେ କହିଥିଲେ ଯେ ସେ ତାଙ୍କୁ ଦୁଇ ସପ୍ତାହ ଧରି ଡେଟ କରୁଛନ୍ତି ଏବଂ ତାଙ୍କୁ କ୍ଲବରେ ଭେଟିଛନ୍ତି। (Read this odia sex story only on antarvasnaxxxstory)

ମୁଁ: ଏହା ଏକ ଗମ୍ଭୀର ସମ୍ପର୍କ କି?

ମା: ଏପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ନିଶ୍ଚିତ ନୁହେଁ, କିନ୍ତୁ ବୋଧହୁଏ |

ମୁଁ: ବୋଧହୁଏ?

ମା: (ମୋ ଉପରେ ହସିଲେ) ଏହା ଏକ ଗମ୍ଭୀର କି ନୁହେଁ ମୁଁ ଆପଣଙ୍କୁ ଜଣାଇବି | ତୁମେ ତାଙ୍କୁ ଭେଟିବା ଉଚିତ୍ | ସେ ଜଣେ ସୁନ୍ଦର ଲୋକ ମୁଁ ତାଙ୍କୁ ରାତ୍ରୀ ଭୋଜନ ପାଇଁ ନିମନ୍ତ୍ରଣ କରିବି କି?

ମୁଁ: ଠିକ୍ ଅଛି |

ତେଣୁ ମା ତାଙ୍କୁ ରାତିରେ ରାତ୍ରି ଭୋଜନ କରିବାକୁ ନିମନ୍ତ୍ରଣ କଲେ | ସେ ଆସିଲେ ଏବଂ ଆମେ ସମସ୍ତେ ଏକ ସୁନ୍ଦର ବାର୍ତ୍ତାଳାପ କଲୁ | ଜୟ, ବହୁତ ହାସ୍ୟାସ୍ପଦ ଏବଂ ବୁଦ୍ଧିମାନ ସହିତ କଥାବାର୍ତ୍ତା କରିବାକୁ ବହୁତ ସୁନ୍ଦର ଥିଲା | ସେ କିଛି ଘଣ୍ଟା ମଧ୍ୟରେ ମୋ ସହିତ ବହୁତ ବନ୍ଧୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ହେଲେ | ଆମେ ଭଲ ରାତ୍ରୀ ଭୋଜନ କଲୁ ଏବଂ ସେ ଚାଲିଗଲେ | ସେ ଚାଲିଯିବା ପରେ,

ମା: ତେବେ, ଜୟ ବିଷୟରେ ତୁମେ କ’ଣ ଭାବୁଛ?

ମୁଁ: ସେ ଭଲ, ଏବଂ ମୁଁ ତାଙ୍କୁ ପସନ୍ଦ କଲି | କିନ୍ତୁ ତୁମେ ଭାବୁନାହଁ ଯେ ସେ ତୁମ ପାଇଁ ବହୁତ ଛୋଟ?

ମା: ଆରେ, ମୁଁ ବୃଦ୍ଧ ଦେଖାଯାଉଛି କି?

ମୁଁ: ନା, ଲୁକ୍ ଦ୍ୱାରା ନୁହେଁ | କିନ୍ତୁ ବୟସ ଅନୁସାରେ?

ମା: ଆହା, ବୟସ କେବଳ ଏକ ସଂଖ୍ୟା | ଏଇଟା ଭୁଲିଯାଅ।

ମୁଁ: ଠିକ୍, ଏହା ଆପଣଙ୍କ ଉପରେ ନିର୍ଭର କରେ | ଯେପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ତୁମେ ଖୁସି, ମୁଁ ଠିକ ଅଛି |

odia sex story :- ମା ହସି ହସି ମୋ ଗାଲକୁ ଚୁମ୍ବନ ଦେଇ କହିଲା, ଧନ୍ୟବାଦ, ମୁଁ ତୁମକୁ ଭଲ ପାଏ! ଏବଂ ମୁଁ ଉତ୍ତର ଦେଲି, ମୁଁ ମଧ୍ୟ ତୁମକୁ ଭଲ ପାଏ।

ଏହା ସେତେବେଳେ ଡିସେମ୍ବର ଥିଲା ଯେତେବେଳେ ମା ନୂଆ ବର୍ଷ ବିଷୟରେ କଥା ହେବା ଆରମ୍ଭ କଲେ |

ମା: ଆରେ, ଆମେ ମୁମ୍ବାଇରୁ ନୂଆ ବର୍ଷ ପାଳନ କରିବାକୁ ଯୋଜନା କରୁଛୁ |

ମୁଁ: କେଉଁଠାରେ?

ମା: ଆମେ ଏପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ସ୍ଥାନ ବିଷୟରେ ନିଷ୍ପତ୍ତି ନେଇନାହୁଁ | ଆପଣ ଆମ ସହିତ ଯୋଗ ଦେବାକୁ ଚାହୁଁଛନ୍ତି କି?

ମୁଁ: ୟା, ନିଶ୍ଚିତ |

ମା ନିୟମିତ ଭାବେ ଜୟଙ୍କ ସହିତ ବାହାରକୁ ଯିବା ଆରମ୍ଭ କଲେ | ସେମାନେ ଏକାଠି ଅନେକ ସପିଂ ଏବଂ ଡିନର୍ କରିଥିଲେ | ମୁଁ କହିପାରେ ଯେ ସେମାନେ ପ୍ରକୃତରେ ସଂଯୁକ୍ତ ହୋଇଥିଲେ ଏବଂ ଏହା ପ୍ରାୟ ଏକ ସମ୍ପର୍କ ପରି ଥିଲା | ତା’ପରେ ଖ୍ରୀଷ୍ଟମାସ ଅତିକ୍ରମ କଲା,

କିନ୍ତୁ ତଥାପି, ସେମାନେ ସେମାନଙ୍କର ଭ୍ରମଣ ସ୍ଥାନ ଯୋଜନା କରିନାହାଁନ୍ତି | ଶେଷରେ, ମା 28 ତାରିଖ ସନ୍ଧ୍ୟାରେ ଘରକୁ ଫେରି କହିଲା ଆମେ ଗୋଆକୁ ଯାଉଛୁ | ସେହି ଦିନ ରାତିରେ ଆମେ ଆମର ବ୍ୟାଗ ପ୍ୟାକ୍ କରିଥିଲୁ ଏବଂ ଆମର ବିମାନ 29 ତାରିଖ ମଧ୍ୟାହ୍ନରେ ଥିଲା |

ପରଦିନ ଜୟ ଆମକୁ ନେବାକୁ ସକାଳେ ଆସିଥିଲେ | ସେ ମୋତେ ବିମାନ ବନ୍ଦରକୁ ଯିବାକୁ ଦେଲେ। ଗାଡି ଚଳାଇବା ସମୟରେ ଦୁହେଁ ପଛ ସିଟରେ ଥିଲେ। ମା ତାଙ୍କ ଉପରେ ଆଉଜିଥିଲେ ଏବଂ ତାଙ୍କ କାନ୍ଧରେ ହାତ ଥିଲା | ମୁଁ ସେମାନଙ୍କୁ ସମୀକ୍ଷା ଦର୍ପଣରେ ଯାଞ୍ଚ କରୁଥିଲି | ସେ ତାଙ୍କ କାନ୍ଧ, କେଶକୁ ଯତ୍ନ ନେଉଥିଲେ ଏବଂ ମୁଁ ମଧ୍ୟ ତାଙ୍କ ହାତକୁ ତା ବାଣ୍ଡକୁ ଘଷୁଥିବାର ଦେଖିଲି |

ବାଟରେ, ସେ ଏକ ବେଳାଭୂମି ରିସର୍ଟକୁ ମଧ୍ୟ ଏକ କଲ କରିଥିଲେ ଯେଉଁଠାରେ ସେ ଗୋଆ ପରିଦର୍ଶନ କରିବା ସମୟରେ ସାଧାରଣତ। ରହିଥା’ନ୍ତି | ସେ ୨ଟି କୋଠରୀ ସଂରକ୍ଷଣ କରିଥିଲେ। ଆମେ ବିମାନବନ୍ଦରରେ ପହଞ୍ଚି କାର ପାର୍କିଂ କଲୁ | ଆମେ ବିମାନ ନେଇ ଗୋଆରେ ପହଞ୍ଚିଲୁ ଏବଂ ରାତି ପ୍ରାୟ 4 ଟା ସମୟରେ ହୋଟେଲରେ ପହଞ୍ଚିଲୁ |

ହୋଟେଲରେ ପହ As ୍ଚିବା ବେଳକୁ ଆମକୁ ଏକ shock ଟକା ଲାଗିଥିଲା ​​| ରିସର୍ଟ ମ୍ୟାନେଜର ଆମକୁ କହିଥିଲେ କେବଳ ଗୋଟିଏ କୋଠରୀ ଉପଲବ୍ଧ ଅଛି | ସେମାନଙ୍କର ଜଣେ ଅତିଥି ସେମାନଙ୍କ ରହଣି ବୃଦ୍ଧି କରିବାକୁ ଚାହୁଁଥିଲେ | ତେଣୁ ଅନ୍ୟ କୋଠରୀ ଯାହା ଆମର ବୋଲି ଅନୁମାନ କରାଯାଉଥିଲା ଖାଲି ନଥିଲା | ଏହା ଶୁଣି ଜୟ ଏବଂ ମା ନିରାଶ ହୋଇଥିଲେ ଏବଂ ଏହା ସେମାନଙ୍କ ମୁହଁରେ ସ୍ପଷ୍ଟ ହୋଇଥିଲା।

କିଛି ସମୟ ପାଇଁ ନୀରବତା ରହିଲା | ମୁଁ ପରିସ୍ଥିତିକୁ ବୁ understood ିଲି ଏବଂ କହିଲି, ମୁଁ ଅନ୍ୟ କିଛି ହୋଟେଲ ଚେଷ୍ଟା କରିପାରିବି | ମ୍ୟାନେଜର କହିଛନ୍ତି, ଏହା ନୂଆ ବର୍ଷର ସମୟ, ଏବଂ ସମସ୍ତ ହୋଟେଲ ସମ୍ପୂର୍ଣ୍ଣ ବୁକ୍ ହୋଇଯିବ | ତେବେ ସେ ନିକଟସ୍ଥ ହୋଟେଲଗୁଡ଼ିକୁ ଡାକି କ rooms ଣସି କୋଠରୀ ଉପଲବ୍ଧ ଅଛି କି ନାହିଁ ଯାଞ୍ଚ କରିଥିଲେ। ଦୁର୍ଭାଗ୍ୟବଶତ।, କ none ଣସିଟି ଉପଲବ୍ଧ ନଥିଲା |

ଶେଷରେ, ଜୟ କହିଛନ୍ତି ଯେ ଆମେ ଉପଲବ୍ଧ କୋଠରୀ ନେଇ ମୋ ପାଇଁ ଏକ ଅତିରିକ୍ତ ଶଯ୍ୟା ଯୋଗ କରିପାରିବା | କିନ୍ତୁ ତାଙ୍କର ସ୍ୱର ଅତ୍ୟନ୍ତ ନିରାଶାଜନକ ଥିଲା | କ guests ଣସି ଅତିଥି ଖାଲି ଅଛନ୍ତି କି ନାହିଁ ତାହା ଜଣାଇବାକୁ ସେ ମ୍ୟାନେଜରଙ୍କୁ ଅନୁରୋଧ କରିଥିଲେ। ଯାହାଫଳରେ ଆମେ ସେହି କୋଠରୀ ନେଇପାରିବା | ଏପରିକି ମୁଁ ସେମାନଙ୍କ ପାଇଁ ଖରାପ ଅନୁଭବ କଲି କିନ୍ତୁ ମୁଁ କିଛି କରିପାରିବି ନାହିଁ |

ଆମେ ଆମ ରୁମକୁ ଯାଇ ସତେଜ ହୋଇଗଲୁ | ଆମେ କିଛି ଚା ପିଇଲୁ ଏବଂ ସମୁଦ୍ର କୂଳକୁ ଗଲୁ | ଜୟ ଏବଂ ମାଆ ପ୍ରେମୀ ବା ଦମ୍ପତି ପରି ସମୁଦ୍ର କୂଳରେ ହାତ ଧରିଥିଲେ | ଆମେ ସୂର୍ଯ୍ୟାସ୍ତକୁ ଉପଭୋଗ କଲୁ ଏବଂ ସମୁଦ୍ର କୂଳରେ ଥିବା ଏକ ରେଷ୍ଟୁରାଣ୍ଟରେ କିଛି ମଦ ସହିତ ରାତ୍ରୀ ଭୋଜନ କଲୁ | ରାତି ପ୍ରାୟ 10 ଟାରେ ଆମେ ରୁମକୁ ଫେରିଲୁ |

ତା’ପରେ ଆମେ ବର୍ଷା କରି ଶଯ୍ୟା ପାଇଁ ପ୍ରସ୍ତୁତ ହେଲୁ | କିଏ ଅତିରିକ୍ତ ଶଯ୍ୟା ନେବାକୁ ଯାଉଛି ସେ ବିଷୟରେ କହିବା ପୂର୍ବରୁ, ମୁଁ ଯାଇ ଏହାକୁ ଦଖଲ କଲି | ଏହା ରାଜା ଆକାରର ଶଯ୍ୟା ପାଖରେ ଥିଲା |

ତା’ପରେ କିଛି ସମୟ ପରେ ଜୟ ଏବଂ ମା ମଧ୍ୟ ଖଟ ଉପରେ ଆଘାତ କଲେ | ମା ଏକ ନାଇଟ୍ ଗାଉନ୍ ପିନ୍ଧିଥିଲେ ଏବଂ ଜୟ ବକ୍ସର ଥିଲେ | ଏହା ଆମ ତିନିଜଣଙ୍କ ପାଇଁ ଅତ୍ୟନ୍ତ ଲଜ୍ଜାଜନକ ପରିସ୍ଥିତି ଥିଲା | ପ୍ରାୟ 30-45 ମିନିଟ୍ ଅତିକ୍ରମ କଲା | ଏହା ସମ୍ପୂର୍ଣ୍ଣ ନୀରବତା ଥିଲା | ମୁଁ ଶୋଇ ନଥିଲି କିନ୍ତୁ କେବଳ ମିଛ କହି ଶୋଇବାକୁ ଚେଷ୍ଟା କରୁଥିଲି ଏବଂ ପରିସ୍ଥିତି ଭୁଲିଯିବାକୁ ଚେଷ୍ଟା କରୁଥିଲି |

ଏବଂ, ମୁଁ ଭାବିଲି ଯେ ଜୟ ଏବଂ ମା ଶୋଇଛନ୍ତି | ହଠାତ୍ ମୁଁ କିଛି ଫୁସ୍ଫୁସ୍ ଶୁଣିଲି | ଏହା ମା ବହୁତ କମ୍ ସ୍ୱରରେ କହୁଥିଲା | ନିମ୍ନଲିଖିତ ବାର୍ତ୍ତାଳାପ ଅତି ନିମ୍ନ ସ୍ୱରରେ ଘଟିଲା ଯେପରି ସେମାନେ ଫୁସ୍ଫୁସ୍ କରୁଥିଲେ |

ମା: ହନି, ସେ ଶୋଇଛି କି ନାହିଁ ଯାଞ୍ଚ କର |

ଜୟ: ଠିକ୍ ଅଛି |

ମୁଁ ଅନୁଭବ କଲି ଯେ କେହି ଖଟରେ ନଇଁପଡି ମୋ ପାଖକୁ ଆସୁଛନ୍ତି | ମୁଁ ଆଖି ବନ୍ଦ କରି ଶୋଇବାର ବାହାନା କଲି |

ଜୟ: ଶିଶୁ, ସେ ଶୋଇଥିଲେ |

ମା: ତା’ପରେ ଆସ, ମୋତେ ନେଇଯାଅ ପ୍ରିୟେ |

ତା’ପରେ ମୁଁ ଦୁହେଁ ଗାଡ଼ି ଓ ଚୁମ୍ବନ ଶୁଣିଲି | ଏହା ଏତେ ନୀରବ ଥିଲା ଯେ ମୁଁ ସେମାନଙ୍କ ଚୁମ୍ବନ ଶୁଣିବାକୁ ସକ୍ଷମ ହେଲି | ମୁଁ ଦେଖିଲି ମା’ର ନାଇଟ୍ ଗାଉନ୍ ବିଛଣାର ଅପର ପାର୍ଶ୍ୱରେ ଚଟାଣରେ ଫୋପାଡି ଦିଆଗଲା | ମୁଁ ନିଜକୁ ଭାବିଲି, ‘ଠିକ୍ ଅଛି, ସେମାନେ ଆରମ୍ଭ କରିଛନ୍ତି।’ ତା’ପରେ ମୁଁ ଦେଖିଲି ଜୟ ବିଛଣାର ଅପର ପାର୍ଶ୍ୱକୁ ଓହ୍ଲାଉଛନ୍ତି।

ମୁଁ ଖଟ ତଳେ ତାଙ୍କ ଗୋଡ ଦେଖିପାରିଲି | ସେ ଠିଆ ହୋଇଥିଲେ। ତା’ପରେ ମୁଁ ଶୋଷିବାର ଶବ୍ଦ ଶୁଣିଲି | ମା ତା ବିଆକୁ ଚୁଚୁଥିଲା | ସେ କ୍ରନ୍ଦନ କରୁଥିଲା ଏବଂ ମା କହିଲା, “ଶବ୍ଦ କର ନାହିଁ। ଯଦି ସେ ଜାଗ୍ରତ ହୁଏ ତେବେ ଏହା ଅତ୍ୟନ୍ତ ଲଜ୍ଜାଜନକ ହେବ। ” ତା’ପରେ ସେମାନେ ସେମାନଙ୍କର କ୍ରନ୍ଦନକୁ ନିୟନ୍ତ୍ରଣ କଲେ।

ମୁଁ ଶୋଷିବା ଶୁଣିପାରେ | ଜୟ ପାଟି କରି କହୁଥିଲେ, “ବେବି, ମୁଁ ଏହାକୁ ଭଲ ପାଏ | ମୋର ପ୍ରିୟତମ, ମୋତେ ଚୁପ୍ କର। ” ଏହା ପ୍ରାୟ 5 ମିନିଟ୍ ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ଚାଲିଲା | ତା’ପରେ ମୁଁ ଜୟଙ୍କୁ ଆଣ୍ଠୁମାଡି ବସିଥିବାର ଦେଖିଲି | ମୁଁ କଳ୍ପନା କଲି ସେ ତାଙ୍କୁ ଖାଇବାକୁ ଯାଉଛନ୍ତି | ମୁଁ କଳ୍ପନା କରିଥିବା ପରି ଏହା ଘଟିଛି 



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ଜୟ ମା’ର ଭାଉଜ ଖାଇବା ଆରମ୍ଭ କରିବା ମାତ୍ରେ ସେ ଏକ ହାଲିଆ ସ୍ୱରରେ ଏକ କ୍ରନ୍ଦନ ଦେଲା | ମୁଁ କ୍ରମାଗତ ଭାବରେ ଅତି ନିମ୍ନ ସ୍ୱରରେ କ୍ରନ୍ଦନ ଶୁଣୁଥିଲି | ମୁଁ ଅନୁଭବ କରିପାରିଲି ଯେ ସେମାନେ ପ୍ରକୃତରେ ଏହାକୁ ଉପଭୋଗ କରୁଛନ୍ତି | କିନ୍ତୁ ମୁଁ ଭାବିଲି ଯଦି ମୁଁ ସେଠାରେ ନଥା’ନ୍ତି ସେମାନଙ୍କ ପାଇଁ ଭଲ ହୋଇଥାନ୍ତା |

ତେଣୁ ସେ ତାଙ୍କୁ କିଛି ସମୟ ଖାଇଲେ ଏବଂ ବର୍ତ୍ତମାନ ସେ ପୁଣି ଠିଆ ହେଲେ | ମୁଁ ଅନୁମାନ କଲି ସେମାନେ ଫ୍ୟାକ୍ କରିବାକୁ ପ୍ରସ୍ତୁତ | ମୁଁ ଦେଖି ପାରିଲି ନାହିଁ, କିନ୍ତୁ ଜୟଙ୍କ ସ୍ଥିତିରୁ, ମୁଁ କହିପାରେ ଯେ ମା କୁକୁର ଅବସ୍ଥାରେ ଅଛନ୍ତି | ତା’ପରେ ଜୟ ପଚାରିଲେ

ଜୟ: ଶିଶୁ, ତୁମର କଣ୍ଡୋମ ଅଛି କି?

ମା: ହେ ମହୁ, ମୁଁ ଭାବିଲି ତୁମର ଏହା ଅଛି |

ଜୟ: ନା, ମୁଁ କିଣିବାକୁ ଭୁଲିଗଲି | ବର୍ତ୍ତମାନ କଣ କରିବା?

ମା: ହନି, ଏହାକୁ ଭୁଲିଯାଅ, ମୋତେ ଚୁଚୁମି |

ଜୟ: ପ୍ରିୟ, ତୁମେ ନିଶ୍ଚିତ କି?

ମା: ହଁ, ମୋତେ ଚୁଚୁମି, ତୁମେ ମା ଫ୍ୟାକର୍, ମୋତେ ବିଚ୍ ପରି ଚୁଚୁମି |

ଜୟ: ଓ ,, ତୁମେ ପ୍ରକୃତ ବ୍ୟଭିଚାର ପରି ଦେଖାଯାଉଛ |

ମା: ହଁ, ବର୍ତ୍ତମାନ ଚୁଚୁମି |

ମୁଁ ଅନୁମାନ କରୁଛି ଜୟ ତାଙ୍କ କୁକୁରକୁ ଭର୍ତ୍ତି କଲା | ମା ପୁଣି କ୍ରନ୍ଦନ କଲା | ଖଟଟି ସାମାନ୍ୟ ଥରି ଉଠୁଥିଲା, ତେଣୁ ଏହା ନିଶ୍ଚିତ ହୋଇଛି ଯେ ଜୟ ବର୍ତ୍ତମାନ ମାଙ୍କୁ ଚୁଚୁମିଛନ୍ତି | ମା କାନ୍ଦୁଥିବା ସ୍ୱରରେ କ୍ରନ୍ଦନ କରୁଥିଲା, “ଆସ, ଶିଶୁ, ମୋତେ ଚୁଚୁମି, ଓଁ ହଁ ମୋତେ ଚୁଚୁମି, ପ୍ରିୟଙ୍କା |”

ଜୟ ଉତ୍ତର ଦେଉଥିଲେ, “ହଁ, ଶିଶୁ, ମୁଁ ତୁମକୁ ଧୋକା ଦେବି | ତୁମେ ବହୁତ ଶୃଙ୍ଗ। ତୁମର ଭାଉଜ ଏତେ ଓଦା ଏବଂ ଟାଣ। ” ଦୁହେଁ ଆନନ୍ଦ ନେଉଥିଲେ | ମ In ିରେ, ମା କାନ୍ଦିବାକୁ ଲାଗିଲା |

Friday, April 16, 2021

Mausi ki chudai ki bangla sex story

April 16, 2021 0 Comments

bangla sex story

bangla sex story  :- নমস্কার দ্বৈত, আপনি কি জানেন যে আমরা আপনাকে বলছি যে আপনি সবার কাছে এসেছেন আমাদের এক নতুন দিকের বুহত হিট হিস্ট্প্পরিজ কাহিনী তার কাছে পড়ুন আপনি সমস্ত বুকহ মজা এখন এসেছেন। আজকের গল্পটি খুব মজাদারের কাছে পড়তে হবে আপনার সবগুলিই চলমান চড় جائগা। আজকের গল্পটি হ'ল রাজস্থানের জাহাজের একটি ছেলের সাথে তার পুরো রাত্রে চাপ পড়ছে। জি হ্যাঁ, এই ছেলেটির নাম নিহার হয়েছে যে বুহত হি বিগডা হ'ল। মন মন স্কুলও না ভাবি। যিনি বেশিরভাগই তাঁর আগাগারগিদিতে থাকলেন যা পুরো স্কুলটিতেই নাম বদলেছে।

কিছু দিনের ছুটির দিনে শিক্ষার্থীদের নিজের নানীর বাড়ি চালানো হয়েছিল যেখানে তিনি বেশ ভাল এবং রোমান্টিক সময় নিযুক্ত করেছেন। জি, হ্যাঁ, যখন আপনার নানীর বাড়ির বাড়ির কিছুটা নেই তবে বাড়ি থেকে বের হয়ে এসেছিল। দুজনের পাসে বুর্তির খুব দুরত্বের অভিজ্ঞতা রয়েছে যার নীহার নে বুধত উপস্থিত হয়েছে। যখন ভো ভাদ হয়েছে সে আগে তার প্রথম দিন তোমার আভারাগর্দী অনুসন্ধান শুরু করল। ভোদা সিডা মউসির সাথে কথা বলতে হবে এবং সেগুলি খুব কম নয় जा মৌসুমীও হরকতে দুদিকের অজিব ততক্ষণে ততক্ষণে রাতের খাবার খাওয়ার পরে ভোজনিও পুরোপুরি ধাক্কা খায় এবং রান্নার অ্যাকাউন্টে এতটা ধরণের থাকে না।
ভঞ্জে নে হিম্মত অনুসন্ধানের মউসির চুদনে প্রদত্ত চাপুর




সব রান্না খায়া এবং মুসি পাশের নিহার উপরে ছাত উপর তলতে যাওয়া হয়েছে। তড়িঘড়ি তল্লাশির পরে মুসি এবং নিহারের দূরত্ব কম হওয়া এবং নিহার নে মৌসীর কান্ডে হাত রাখা হয়েছে। মৌসি নে দেখেছে এবং দেখছি যখন ততক্ষণ নিহার নে মসি না দেখানো হয়েছে যেমন নিহার নে আপনার চোখের মুন্সীর জায়গা ঘোরাঘুরি তত্ক্ষণে নিশি কোমর নিভৃত এবং সম্পূর্ণরূপে মুড বুহত হিक्सी তৈরি করেছে। নিহারের সাথে যোজনা হচ্ছিলো তবে সে এই রকম হবে না সে সোহাক হয়ে গেছে। নিহার হেরান থু বৌসী সম্পূর্ণরূপে এবং চুম্বন এর উপভোগ করুন। নীহার নে আবার আপনার দিব্যি মাবুদের কৌতুক কম এবং তার বাহিরে প্রবেশ করিয়েছে।

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সে মাউসির কাসের সিলেকে ধরেছিল এবং নিজের হোথো থেকে জোর থেকে মাউসির চুমনা শুরু করল उसने মাছি নেও তার কাশ গ্লে থেকে নেওয়া হয়েছে এবং চুম্মিত হয়েছে। আবার দু'জনের উপরের দর্শনে একই স্তরের উপরের লট এবং দরজা বন্ধ করা হয়েছে। তিনি এতটাই ভাল কথা বলছেন যে এই মুহুর্তের মধ্যে কিছুটা হতাশাগ্রস্থ হয়ে ওঠেনি वस মাউসী হেল বিস্টারে লেটা কর বুহত দেরী হ্যাভস বুজাই এবং দুটো পুরো নাঙ্গা হকের সাথে অন্য এক সাথে খেলছে। মাউসী নিহার সমস্ত বদন উপর চুমা এবং বুহত হেক্সি কাছাকাছি সময়ে সমস্ত বদন আপনার হঠো থেকে চিত্র লুকো।

নিহার নে তার পরে মউসির বৌলবসের বেশ কয়েকদিন ধরে চাপ দিন এবং বুহত হেক্সির কাছাকাছি সময়ে মাইসির বড় হয়ে গেছে এবং নারায়াম বুদবস চুশতা রহ। মৌসি নে তার পরে নীহারের লন্ড ধরা পড়েছে এবং তোমার মুছে ফেলেছে সমস্ত বিস মিনিটুন মুসি ইন নিহারের বন্ধুরা থেকে চুদা এবং নিহার একবার বার সন্তুষ্টিত। নিহার নেতিও এনি তাড়াতাড়ি হার না মানি এবং মউসির বুহত হ'ল তত্পরতা থেকে নিজের মোটা এবং সক্ত লন্ড চুসায়া। মাউসির হালকান অবধি লন্ডস লুকোয়েনির পরে নিহারে একবার বার্সা হয়ে গেলো আপনার মুঠোফোনে প্রকাশ হয়েছে। তারপরে সে তার মাসিকে ধীরে ধীরে 15 মিনিট চুমা এবং তার সমস্ত জিম্মের বন্ধুরা অনুভব করেছিল।

তারপরে নিহার নে আপনার মোটা এবং মজবুত লন্ড মুসি এর চূড়ান্তভাবে ডল্ট এবং মউসির বুহাত এর চিকিত্সা চর্মুখ নেমেছে এবং মসি বুহত জোর জোর থেকে চিল্লেন লাগিয়েছে মাউসির চক্ষু সোনার পরে নীহার এবং বেশি লিখিত এবং ভোসসি এবং জোর থেকে চৌদ্দনে লাগানো হয়েছে। মুন্সি চিকেনেন এবং তিউজ হয়েছে তবে মুসি নেহারের সাথে সারারাত চিরমুশ হয়েছে। পুরো 1 ঘন্টা মৌসুমীর চৌদ্দনের পরে নিহার নে আপনার পুনর্বার ঘোষিত এবং পুনরায় স্বর্ণের পরে পুনরায় মৌসির গন্ধ মরি।

bangla sex story :- যে রাত মৌসি নিহার থেকে সমস্ত তিন বার চুদি যখন সকালের দিকে কিছুটা চলতে শুরু করে তবে মৃন্ময়ীর সাথে আনন্দ হয় নিহারের বাঁড়াটি উপভোগ করা যায় এবং তার সমস্ত ভালোবাসার চূড়ান্ত এবং গণ্ডিতে নামানো হয়। তারপরে নিহার যখন ততক্ষণে রাকা তখন ততক্ষণে চুদাতি হয়ে গেছে এবং রোজ রাত্রে হাওয়াসের নঙ্গা নাচ যেমন বরকর রহ। তবুও, ক্যাসি দুর্বার আজকের গল্প, আপনি পেন্দে আই হ্যাঁ কাল পুনর্বাসনা করুন ওয়েবসাইটটি পড়ুন এবং পড়ুন রাইমেন্সিক এবং হাভেসের ভরি কাহিনী।

Thursday, April 15, 2021

Padosan bahbhi ki chudai ki kahani

April 15, 2021 0 Comments

Chudai ki kahani :- 

हलो दोस्तों मेरा नाम युवी है और मई पंजाब पटिआला से हु. मेरी आगे २६ ईयर है और मई हमेशा चुदाई का प्यासा ही होता हु. मुझे बड़ी उम्र की गर्ल्स भाभियाँ और औंटीएस को छोड़ने में और उनका पानी निकाल कर पीने में बहुत मज़ा आता है.ये मेरी फर्स्ट स्टोरी है और आप लोग प्लीज मुझे फीडबैक ज़रूर देना की आपको मेरी स्टोरी कैसी लगी.तो चलिए आपको बोर न करते हुए स्टोरी पर आते है-दोस्तों उस टाइम मई २२ ईयर का था और मई अपने दोस्त की कॉलोनी में अक्सर उसके घर जाता रहता था.

 हम साथ में ही एक कॉलेज में थे तो आना-जाना लगा रहता था. तो एक बार उनकी कॉलोनी में एक नई कपल आया.वो लोग अपना सामान अपने में लेकर जा रहे थे.

Padosan bahbhi ki chudai ki kahani
Padosan bahbhi ki chudai ki kahani

 

 

 वो किसी को जानते भी नहीं थे और गर्मियों के दिन थे. दोनों हस्बैंड वाइफ गर्मी में सामान ऊपर ३र्ड फ्लोर पर कर रहे थे.मई आपको उस फॅमिली के बारे में बता दू. अमित और उसकी वाइफ मीरा ही थे फॅमिली में. मीरा ज़्यादा ब्यूटीफुल तो नहीं थी लेकिन उसका फिगर तो वाह! क्या बताऊ लुंड खड़ा हो जाता है याद करके.

Chudai ki kahani :- उसके बूब्स तरबूज़ जैसे थे और उसकी गांड देख कर तो लुंड बेकाबू हो जाता है. तो मई उनके पास गया और मैंने अमित को हलो बोलै और उनको अपना नाम बताया. फिर मैंने उनको हेल्प के लिए पुछा तो अमित ने कहा-अमित: येह सूरे.तो हमने सामान ऊपर undefined किया और मई बार-बार मीरा को देख रहा था. उसको भी अब शक सा होने लगा था की मई उसको ताड़ रहा हु. अब सामान सारा ऊपर हो गया था.वो दोनों थक गए थे और सोफे पर बैठे थे. इतने में मीरा कोल्ड ड्रिंक ले आयी और हमने कोल्ड-ड्रिंक पी ली. 

मैंने मीरा को काम-वासना की नज़र से देखा लेकिन उसने कुछ नहीं कहा.अब मैंने उनको बाई कहा और अपने घर आ गया. मेरी आँखों में बस मीरा का फिगर था. मई वाशरूम गया और उसके नाम की मुठ मारी. अब रात हो गयी थी और मुझे नींद नहीं आ रही थी.नेक्स्ट डे मई फिरसे वह गया और मई जान-बूझ कर उनके के सामने से १-२ बार गुज़रा ताकि वो मुझे देख सके. इतने में अमित ने मुझे आवाज़ दी और मैंने उसको ही कहा. फिर उसने मुझे अंदर बुलाया और कोल्ड ड्रिंक ऑफर की.

मैं कोल्ड ड्रिंक पी रहा था की इतने में मीरा बाथरूम से नाहा कर निकली. क्या मस्त लग रही थी वो. उसने अपने हेयर खुले छोड़े हुए थे. मेरा तो लुंड खड़ा हो गया लेकिन मैंने किसी तरीके से उसे छुपा लिया.लेकिन मीरा ने मेरा लुंड देख लिया था और उसने हलकी सी स्माइल की. फिर उसने मुझे हलो बोलै और मैंने भी ही कहा. फिर वो अपने रूम में गयी और कुछ मिनट्स बाद आयी और हमारे साथ बैठ गयी.वो मेरे बारे में पूछ रहे थे की मैं कहा से हु क्या करता हु वगैरा-वगैरा. 

मैंने उन्हें सब बताया और मैंने उनसे पुछा तो उन्होंने बताया की अमित की जॉब के कारण उन्हें यहाँ  होना पड़ा और मीरा पहले टीचर थी और अभी फ्री है मतलब हाउस वाइफ है.उसके बाद अमित और मेरे बीच दोस्ती हो गयी और हमने नंबर एक्सचेंज कर लिए. उसके बाद मई अपने दोस्त के घर चला गया. मेरे दोस्त के घर से मीरा की बालकनी दिखाई देती थी तो मई वह खड़ा रहता था की कब मुझे मीरा दुखायी दे.इतने में मीरा वह आयी और हमारी नज़रे मिली और उसने एक स्माइल की और मैंने भी. अब मुझे मीरा को छोड़ना ही छोड़ना था. मुझसे कण्ट्रोल नहीं हो रहा था.

 ऐसे ही कुछ वीक्स निकल गए.एक दिन मुझे अननोन नंबर से कॉल आयी और मैंने पुछा: कोण बोल रहा है?तो उसने बताया: मीरा बोल रही हु.मीरा का नाम सुन कर मेरी तो हार्टबीट तेज़ हो गयी. मैंने उसका हाल चाल पुछा और उसको पुछा 

Chudai ki kahani मैं: मेरा नंबर आपको कहा से मिला?उसने कहा: अमित के फ़ोन से लिया है.फिर मैंने पुछा: कैसे याद किया मुझे आज.उसने कहा: मुझे घर में सामान सही ढंग से लगाना है तो क्या आप मेरी हेल्प कर सकते है?ये सुनके मेरे मैं में लड्डू फूटने लग गए. मेने तुरंत हां कर दी और मई अपनी बाइक से वह पहुँच गया. मैंने दूर बेल्ल बजायी और उसने दूर ओपन किया. मैंने उसको देखा तो देखता ही रह गया.उसने मैक्सी पहनी हुई थी और उसकी ब्रा जैसे अभी फट जाएगी ऐसा लग रहा था. उसने कहा-मीरा: अंदर भी आओगे की वही खड़े रहना है?

तो मई होश में आया और अंदर चला गया.फिर उसने पुछा: क्या लोगे?मैंने नॉटी स्माइल करते हुए कहा: जो आप दे दो.तो उसने स्माइल की और कोल्ड ड्रिंक लेकर आ गयी. फिर हमने उनका बीएड सेट किया और बाकी का फर्नीचर भी सेट किया.मैंने पुछा: अमित कहा है?तो उसने कहा: वो काम के लिए २ दिन के लिए बाहर गया है.तो मेरी तो लाटरी निकल आयी. अब मुझे उसे छोड़ना था लेकिन कैसे ये समझ में नहीं आ रहा था.

Chudai ki kahani 

फिर उसने कहा: लंच करते है.मैंने बोलै: ठीक है.फिर वो बोली: मई नाहा कर आती हु फिर कही बाहर चल कर लंच कर लेंगे.उसके बाद वो नाहा कर और तैयार हो कर आयी. अब उसने जीन्स और शार्ट टॉप पहना हुआ था. बी गॉड एक-दम आईशा तकिए लग रही थी.फिर उसने कहा: हमारी कार में चलते है.तो हम मॉल गए और वह पिज़्ज़ा हूत में गए. फिर कुछ हॉर्स वह स्पेंड किये और इतने में शाम हो गयी. फिर हम वापस उसके घर आ गए.शाम को उसने कहा: मुझे तुम्हारी दोस्ती अछि लगी. तुम कुछ ही दिनों में हमारे काफी क्लोज आ गए जैसे बहुत पुराने दोस्त हो.और फिर वो रोने लग गयी. मैंने उसे चुप करवाया और रोने का कारण पुछा तो उसने नहीं बताया. 

मेरे लाख पूछने पर उसने बताया की उसके हस्बैंड का कही और अफेयर है और वो उस पर ध्यान नहीं देता.मैंने कहा: कितना बड़ा बेवक़ूफ़ है तुम्हारा हस्बैंड. इतनी प्यारी बीवी हो तो कोण बाहर जायेगा. मैंने उसको गालिया दी और मीरा को चुप करवाया. मैंने मीरा से फ़्लर्ट करते हुए कहा-मई: अगर मेरी ऐसी बीवी होती तो मई हमेशा उसको प्यार करता.और अब उसे भी कुछ हो रहा था.

तो उसने कहा: क्या करते तुम.तो मैंने कहा: मई उसको खुश रखता और उसको पलकों पर बिठा कर रखता.उसने पुछा: मैं तुम्हे कैसी लगती हु?मैंने बिना डर के उसको कहा: मुझे तुम पारी जैसी लगती हो.और ये सुन कर वो शर्मा गयी. 

फिर मैंने अपने हाथ से उसके फेस को पकड़ा और उसको किश करने के लिए आगे बढ़ा. इतने में उसने मुझे किश कर दिया और मेरे लिप्स को बाईट करने लगी.वो ऐसे बाईट कर रही थी जैसे बहुत सालो के बाद उसने किश की हो. वो वाइल्ड हो रही थी. मुझे उसने सोफे पर लिटा दिया और खुद किश किये जा रही थी. फिर मई उठा और उसको बाहो में उठा कर बीएड पर ले गया और किश करने लगा.फिर वो मेरी शर्ट के बटन खोल रही थी और किश कर रही थी. इतने में मैंने अपनी पंत भी खोल दी और अंडरवियर भी. अब मैंने उसकी जीन्स और टॉप खोल दिए और ब्रा भी. 

फिर मई उसके बूब्स पर टूट पड़ा और उनको मसलने और निचोड़ने लगा.फिर मैंने उसकी पंतय उतारी और उसकी छूट को जीभ से लीक करने लगा और ऊँगली भी अंदर-बाहर करने लगा. वो फिश के जैसे तड़प रही थी और उसने कहा-

मीरा: अब बर्दाश्त नहीं होता अब chod दो मुझे.मैंने बिना टाइम लगाए लुंड उसकी छूट पर रखा और छूट गीली होने के कारण लुंड अंदर जाने लगा. मैंने थोड़ा सा धक्का मारा तो आधा लुंड अंदर चला गया. वो सिसकिया लेने लगी और दर्द के कारण चीखने लगी.फिर मैंने और ज़ोर लगाया तो पूरा लुंड अंदर चला गया. मई उसे धीरे-धीरे छोड़ने लगा और उसके बूब्स पर बाईट करने लगा. फिर मैंने धक्को की स्पीड तेज़ करदी.कुछ टाइम बाद मैंने उसे घोड़ी बनाया और लुंड छूट में पेल दिया.

मैं उसे छोड़ते टाइम उसकी गांड के छेद को भी मसल रहा था वो अब तक २ बार पानी निकाल चुकी थी. हम १९-२० मिनट से चुदाई कर रहे थे.मैंने उसे कहा: मेरा निकलने वाला है.

तो उसने कहा: अंदर मत छोड़ना.लेकिन इतने में देर हो चुकी थी. मैंने अपना सारा पानी उसकी छूट के अंदर ही छोड़ दिया और उस पर लेट गया. फिर कुछ मिनट्स के बाद मई उठा और उसको सॉरी बोलै. उसने मुझे किश किया और कहा- आईटी’स ोकय .फिर हम एक-दुसरे को किश करते रहे और मेरा लुंड फिर खड़ा हो गया.तो दोस्तों नेक्स्ट पार्ट में मई आपको बताऊंगा की कैसे मैंने उसकी गांड छोड़ी.

Tuesday, April 13, 2021

Mausi ki jabardast chudai ki kahani - Bangla sex story

April 13, 2021 0 Comments

bengla sex story

 আমি আশা করি আপনারা আমার গল্পটি পছন্দ করবেন এবং এই গল্পটি পড়তেও উপভোগ করবেন।


এই গল্পটি কয়েক মাস আগের। আমি যখন বন্ধুদের পড়াশোনা করি। এই সময়ের বিষয় যে আমার এক মামা মাসিমা আছে, তিনি আমাকে প্রায়শই তার বাড়িতে ডাকতেন, কিন্তু আমি জানতাম না যে সে তার বাড়িতে যাচ্ছে।

আমার কলেজে আমারও বন্ধু রয়েছে এবং আমি 12 এ পড়ি। আমার কাগজপত্রও আসছিল, তাই আমি আমার কাগজের প্রস্তুতি নিচ্ছিলাম। এমন সময় আমার খালা আমাকে এখানে আসতে বলছিলেন।


Bangla sex story
Mausi ki jabardast chudai ki kahani - Bangla sex story


তারপরে আমি মামিকে বললাম যে আমার পরীক্ষা আসতে চলেছে এবং আমার পরীক্ষা শেষ হলে আমি নিশ্চিত হয়ে যাব, তখন খালা বলল।

আপনি ভাল পড়া এবং পাস, তারপর এসে ফোন হ্যাং আপ। বন্ধুরা, আমি আমার চাচীকে 5 বছর আগে দেখেছি এবং সে আমাকে এখনও দেখেনি বা খালা আমাকে তখনও দেখেনি। তারপরে আমি আমার পরীক্ষার জন্য প্রস্তুতি শুরু করি এবং কয়েক দিনের মধ্যে আমার পরীক্ষাও এসেছিল।

bengla sex story  :- আমি পরীক্ষা দিতে গিয়েছিলাম কারণ আমার কাগজপত্র অন্য জায়গায় অনুষ্ঠিত হচ্ছিল এবং আমার বন্ধুরা আমার কলেজের কেন্দ্রে তখন দুটি জায়গায় গিয়েছিল। আমি একা ঘরে থাকতাম এবং কারা আমার বন্ধু ছিল। তারা একসাথে থাকত। আমি ভাবতাম যে এই কাগজটি শীঘ্রই শেষ করা উচিত এবং আমার বাড়িতে যাওয়া উচিত। তারপরে আস্তে আস্তে আমার পরীক্ষাও শেষ হয়ে গেল এবং আমি আমার বাড়িতে চলে গেলাম।

তারপরে পরীক্ষার জন্য তিন মাসের ছুটি থাকে এবং আমার মনে হয়েছিল সেই দিনগুলিতে আমি কোথাও বেড়াতে এলে ভেবেছিলাম আমার খালা দীর্ঘদিন ধরে ডাকছেন calling আমি এখানে ঘোরাঘুরি। আমি আমার খালাকে সেদিন ডেকেছিলাম এবং আজ আমি যেখানে যাচ্ছি আপনার জন্য এখানে আসার পরে আমি তার বাড়ির উদ্দেশ্যে রওনা হয়েছি।

তারপরে আমি আমার খালার বাড়িতে পৌঁছে গেলাম কিন্তু আমি তার বাড়িটি চিনি না। তারপরে চাচিকে বললাম যে আমি এখানে দাঁড়িয়ে আছি, কেউ যদি বাসায় থাকে তবে পাঠাও, তখন সে বলেছিল যে এটা একটা থাইক। আমি আমার শ্যালকাকে পাঠাচ্ছি।

এর 5 মিনিট পরে, একটি মেয়ে আমাকে ডেকে বলেছিল যে আমি কী ধরণের পোশাক পরেছি, তাই আমি তাকে নিজের সম্পর্কে বললাম। তারপরে একটি মেয়ে বন্ধু এল, সে দেখতে দুর্দান্ত লাগছিল looking তারপরে আমি তার সাথে মাসির বাড়িতে গেলাম।

chudai ki kahani :- Holi Ke Din chachi ki chudai

খালাকে দেখে আমি ওর দিকে তাকিয়ে রইলাম। সে বিয়ের আগের মতোই দেখতে সুন্দর ছিল। এখন সে তার থেকে আরও ভাল দেখাচ্ছে এবং তার শীতল সেক্সি ফিগারটি হ'ল শীতল বুবস এবং তার পাছা আগের চেয়ে বড় ছিল।

তারপর মাসি আমাকে বসিয়ে দিলেন এবং চা নিয়ে এসে নোনতা বিস্কুট এবং কিছু খাবার খেতে দিলেন। খাওয়ার পরে আমি চাচীকে জিজ্ঞেস করলাম ওয়ার্টটি কোথায়? তিনি বলেছিলেন যে কাজের কারণে, তিনি বছরে মাত্র 4 - 5 বার বাইরে থাকেন এবং যখন তিনি আসেন, তখন তিনি 5 - 6 দিন অবস্থান করেন।

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তারপর চলে যাও। আমি এতো বড় বাড়িতে একা থাকি। তখন আমি জিজ্ঞাসা করলাম এই মেয়েটি কোথায় থাকে? আন্টি বলেছিল যে সে সামনে থাকে এবং আমি যখন একা থাকি তখন ফোন করি।

আমি এবং আমার খালা এভাবে কথা বলতে থাকলাম এবং তখন রাত হয়ে গেল এবং আমি খাবার খেয়ে ঘুমিয়ে পড়লাম। সকালে ঘুম থেকে উঠে ব্রাশ করে প্রাতঃরাশ করলাম। তারপর ছাদে, আমি এখানে এবং সেখানে তাকিয়ে ছিল।

আমি নীচে নেমে গেলে, খালা আমাকে খেতে বললেন। তারপরে আমি খেতে বসেছিলাম যে যখন তারা আমাকে খেতে দিতে মাথা নত করল, তখন তাদের মসৃণ মসৃণ দুধগুলি আমার কাছে উপস্থিত হতে শুরু করল। আমি ওদের বাড়া গুলো দেখতে লাগলাম। সে আমাকে দেখে চুষে তাকিয়ে হাসতে হাসতে ভিতরে .ুকল।

এইভাবে আমি সেখানে 8 দিন ছিলাম এবং সে আমার হাতে কখনও কখনও আমার পাছায় ঠাট্টা করত। আমিও ওর পাছায় হাত usedুকতাম। এই দেখে তিনি হাসতেন এবং আমার কপালে কিছু করতেন। আমি বুঝতে পেরেছিলাম যে সে আমাকে চুদতে চেয়েছিল তবে আমি তাকে এটি বলতে পারি না। আমি তার বলার অপেক্ষা করছিলাম।

তারপরে সে রাতে সে আমার কাছে এসেছিল এবং সেই সময় সে শাড়ি পরেছিল। তিনি আমার হাত ধরে এবং তার উরুর উপর এটি রেখে আমার উপর বসে এবং এটি দু: খ শুরু। আমি আমার একটা হাত ওদের বুকে নিয়ে আলতো করে টিপলাম। তিনি ঠিক 20 মিনিট আমার সাথে মজা করতে থাকলেন। তারপরে সে আমাকে তার শোবার ঘরে নিয়ে গেল এবং আমি তার শাড়িটি সরিয়ে ফেললাম, তারপরে সে আমার সামনে ব্লাউজে এসেছিল। আমি যখন তার ব্লাউজ এবং পেটিকোটটি খুললাম, তখন সে ব্রা এবং প্যান্টি দিয়ে আমার সামনে এসেছিল।

bengla sex story :- আমি ওর একটা দুধ আমার হাতে ধরে বললাম তোমার দুধটা কত বড়। তিনি বললেন হ্যাঁ, কিছু করুন এবং দেখুন মজাদার হবে। আমি ওর একটা দুধ ব্রা এর উপর দিয়ে দিলাম এবং চুষতে লাগলাম। ওদের বাড়া চুষার সাথে সাথে আমি তাদের ব্রাও খুললাম এবং তাদের দুধগুলি লাফিয়ে আমার সামনে এল।

তারপরে আমি ওর দুধের একটা মুখে andুকিয়ে চুষতে শুরু করলাম। তিনি আমার মাথা ধরে এবং এটি দু: খিত শুরু। আমি ওর একটা দুধ মুখে পুরে দিয়ে চুষছিলাম আর অন্য হাতে হাত দিয়ে দুধের স্তনের বোঁটাটা ঘুরিয়ে ঘুরিয়ে চুষছিলাম। ওদের দুধ চুষার পাশাপাশি আমি ওদের মুখের মধ্যে রেখে ঠোঁট চুষতে শুরু করলাম।

 

sex story in bengla :- আমি তাদের গুদে চুদতে শুরু করলাম যখন ওদের বাড়া inুকিয়ে দিয়েছিলাম। তারা তাদের মাই গুলোকে আঘাত করছে, তারা… তারা… তারা…। উআই উঁই উঁই মা মা মা… .. করছিল।

আমি ওর কোমরটা চেপে ধরে আমাকে আরও টেনে ধরলাম আর জোরে ঠুং ঠুং শব্দ দিয়ে ওকে ঠাপাতে লাগলাম। তিনি পুরো বিছানার উপর যন্ত্রণাদায়ক ছিল। ওদের গুদে ফেলে দেওয়ার সময় আমি তাদের চুদছিলাম।

আমি ওর দুটো দুটোই চেপে ধরে জোরে জোরে জোরে গুদে চুদছিলাম। সে আমার ঠোটে আমাকে চুমু খাচ্ছিল। আমি তাদের কিছুক্ষণের জন্য চোদনের বারে পড়তে দিয়েছি।

সে বলেছিল যে আমার গুদে একটা আঙুল দিয়ে জোর করে ঝাঁকান আমি তার গুদে একটা আঙুল putুকিয়ে দিয়ে খুব শক্ত করে কাঁপতে শুরু করি, এরপরে কিছুক্ষণের মধ্যে তার গুদ থেকে জল ফোলা বেরিয়ে আসে।

bengla sex story :- তারপরে আমার মাসি আর আমি এভাবে ঘুমিয়েছিলাম, সকালে ঘুম থেকে ওঠার সময় তার খোলা শরীরের দিকে তাকিয়ে আমার বাঁড়া আবার দাঁড়িয়ে গেল। আমি সকালে তাদের আবার চুদলাম, যতক্ষণ না আমি আমার খালার বাড়িতে প্রতিদিন দীর্ঘ সময় থাকতাম।

Monday, April 12, 2021

Anjan Aunty ki chudai ki kahani - Hindi sex story

April 12, 2021 0 Comments

Aunty ki chudai ki kahani

ही दोस्तों मेरा नाम जय है और मई दिल्ली का रहने वाला हु. मेरी उम्र २५ साल है और मेरा बॉडी टाइप एथलेटिक है. ये कहानी मेरे पहले सेक्स एनकाउंटर की है जो एक आंटी के साथ हुआ.तो स्टोरी कुछ इस तरह से शुरू होती है. साल २०१५ की गर्मी की छुट्टिया चल रही थी. मई कॉलेज से फ्री था तो मई रोज़ मॉर्निंग वाक पर जाता था.

Aunty ki chudai ki kahani
Aunty ki chudai ki kahani

 

जिस पार्क में मई जाता था वह बहुत सी खूबसूरत लड़किया और auntiesआती थी. मई रोज़ उनको देखता और घर आकर खुद को ठंडा करता था. एक दिन पार्क में मैंने एक ौंतियो का ग्रुप देखा जिसमे मैंने एक आंटी को देखा जो उन सब से उम्र में छोटी लग रही थी.वो बिलकुल एक २४ साल की लड़की की तरह थी. उसने रेड लोअर और थोड़ा ढीला येलो टॉप पहना हुआ था. उसकी गांड बहुत शेप में थी. जब वो चलती थी तो उसके ३४″ के बूब्स हिलते मस्त लग रहे थे. 

aunty ki chudai ki kahani  :- मैं रोज़ उस ग्रुप के पीछे चलता और उस आंटी की गांड देखता था.उसके टाइट बूब्स ढीले टॉप में और भी मस्त लगते थे. ऐसे ही कुछ दिन बीते तो एक दिन मई सुबह वाक के लिए गया. मैंने देखा की वो आंटी अकेली ही चल रही थी. 

मैं उसके पीछे चलने लगा और उसकी गांड निहार रहा था.मेरा दिल कर रहा था की उसकी गांड को बस पकड़ लू पीछे से. तभी वो थोड़ा तेज़ चलने लगी. २ राउंड के बाद अचानक उसका पेअर मुद गया और वो गिर गयी. मैंने जैसे ही उसको गिरते हुए देखा तो भाग कर उसके पास गया.पास जाके मई उसको देखता हे रह गया. दूध सा गोरा रंग और लाल होंठ थे उसके. तो उसने अचानक मुझे आवाज़ दी-

आंटी: देख क्या रहे हो हेल्प करो मेरी.फिर मैंने उसे उठाया और बेंच पर बिठा दिया. उसको दर्द हो रहा था. वो बोली-आंटी: शायद मेरा पेअर मुद गया है इसलिए दर्द हो रहा है.जब मैंने उसका पेअर देखा तो उसको बताया की उसके पेअर में मोच आ गयी है.

 तो वो बोली-आंटी: मुझे प्लीज घर ले चलो मेरे..तो मैंने उसको बाहो में उठा लिया और चल पड़ा. वो मेरी तरफ देखने लगी. उसकी कर्तव्य बॉडी मेरे मैं में हवस जगा रही थी. मैंने खुद को कण्ट्रोल किया और उसके घर की तरफ चल पड़ा.वो बहुत हे क्यूट सी दिख रही थी. रास्ते में उसने बात शुरू की और मेरे बारे में पुछा. फिर मैंने उसको अपना नाम बताया. मैंने बताया-मैं: मैं लास्ट ईयर में हु बी.टेक के.फिर मैंने उससे उसके बारे में पुछा तो वो बोली-आंटी: मेरा नाम समिति है और मई एक स्कूल में टीचर हु.उसने बताया की उसका पति दिल्ली में जॉब करता है और ज़्यादा टाइम वही रहता है. 

उसकी एक बेटी भी है जो कॉलेज में है. जब उसने बेटी का बताया तो मैं हैरान था. फिर उसका घर आ गया तो उसने दुर्बल बजायी और उसकी बेटी मानसी ने दरवाज़ा खोला.मानसी बिलकुल अपनी माँ की तरह खूबसूरत थी. 

उसने हमें देखा तो वो घबरा गयी और मैंने उसको साड़ी बात बताई. फिर उसने डॉक्टर को कॉल किया. डॉक्टर ने उनके पेअर को ठीक किया और उनको आराम करने के लिए बोलै.फिर मैं अपने घर आ गया.

 ४ दिन बाद समिति फिरसे वाक के लिए आयी. इस बार वोखुद मेरे साथ चलके वाक करने लगी और मुझसे बाते करने लगी. अब हम रोज़ मिल रहे थे. मई उसके साथ काफी खुल गया था और मैं उसके साथ बीच-बीच में फ़्लर्ट भी करता था.

वो भी जानती थी पर वो कुछ नहीं बोलती थी. फिर एक दिन उसने मुझसे मेरी गर्लफ्रेंड के बारे में पुछा तो मैंने उसे बताया की मेरी कोई भी गर्लफ्रेंड नहीं है.तो वो बोली: ऐसा क्यों?

तो मैंने बोलै: मुझे कोई लड़की अछि ही नहीं लगी.

फिर वो बोली: कैसी लड़की देख रहे हो?तो मैंने झट्ट से बोलै: आपके जैसी.और वो ये सुन कर हसने लग गयी और बोली-

समिति: मुझमे क्या पसंद आया तुम्हे.मैंने कहा: सब कुछ ही पसंद है ऊपर से नीचे तक सब ाचा लगता है.ये सुन कर वो थोड़ा गुस्से से मेरी तरफ देखने लगी और बाई बोल कर चली गयी. 

मैंने सोचा आंटी नाराज़ हो गयी तो मैंने उसको व्हाट्सअप पर सॉरी भेजा. मैंने लिखा-मैं: आंटी सुबह के लिए सॉरी. मई मज़ाक कर रहा था.तो उसने थोड़ी देर बाद आईटी’स ओके बोल के रिप्लाई कर दिया. 

aunty ki chudai ki kahani  :- नेक्स्ट मॉर्निंग वो वाक पर आयी तो उसने मुझे रात को डिनर पर इन्विते किया. मई बहुत खुश था डिनर का इनविटेशन पाकर. मई रात को डिनर पर गया तो वह मई मानसी और समिति थे.फिर हम डिनर करने लग गए. मैंने मानसी से खूब बाते की और समिति मुझे प्यार से देख रही थी. अगली सुबह मई वाक पर गया. जब समिति आयी तो उसने टाइट ब्लैक लोअर और पिंक टाइट टॉप पहना था जिसमे उसका बदन कस गया था पूरा. वो किसी मॉडल की तरह लग रही थी.वो मेरे साथ वाक करने लगी और उसने मेरा हाथ पकड़ लिया. मैंने उसको देखा तो वो बोली-स्मिता: क्या हुआ? अपने बॉयफ्रेंड का हाथ नहीं पकड़ सकती मैं?उसकी ये बात सुन कर मई हैरान हो गया.

 उसके बाद हम वह बैठे तो वो बोली-स्मिता: अब तुम क्या करोगे अपनी गर्लफ्रेंड के साथ?तो मैंने बोलै: सब कुछ.ये सुन कर वो हसने लगी. फिर हम रोज़ फ़ोन पर घंटो बात करते. फिर एक दिन वो बोली-स्मिता: मुझे चंडीगढ़ जाना है किसी काम से तो मेरे साथ चलो.

मैंने कहा: ठीक है.हम ट्रैन में चल दिए. उसने टाइट जीन्स और टॉप पहना हुआ था. हम चंडीगढ़ पहुंचे और एक रूम बुक करवा लिया. उसने मुझे २ दिन के लिए रूम बुक करवाने को कहा. 

फिर हमने थोड़ी देर रेस्ट की और बाद में मॉल गए.वो मेरे साथ ऐसे चल रही थी जैसे मेरी बीवी हो और वो सुन्दर इतनी थी की पत्नी लग भी रही. उसने शॉपिंग की और मैंने उसे एक ओने पीेछे ब्लू कलर का गिफ्ट किया. वो उसने तभी पहन लिया और मेरे साथ घूमने लगी.हम वापस रूम में आये तो मैंने उसको पकड़ा और अपनी और खींचा.

aunty ki chudai ki kahani 

 फिर उसने अपने होंठो को मेरे होंठो पे रख दिया और हम स्मूच करने लगे. लग-भाग १० मिनट के बाद वो हॉर्नी हो गयी.हम बिस्तर पर आये और मैंने उसका ओने पीेछे उतार दिया और उसने ब्रा और pant उतार दी. मई उसके बूब्स को मसल कर चूसने लगा और वो बस मोअन कर रही थी मम…. माहाहहहहांम..आआह्ह्ह्हह….फिर मैं नंगा हुआ और अपना ६ इंच लम्बा और २.५ इंच मोटा लुंड उसके हाथ में दिया तो वो बोली-स्मिता: इतना लम्बा!और फिर धीरे से वो लुंड मुहमे ले गयी और घुप्प.. घुप्प.. करके चूसने लगी. वो डीप थ्रोट कर रही थी और मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. फिर मैंने उसके बूब्स मसलने शुरू कर दिए.उसके बूब्स बहुत नरम और भरे हुए थे. हम दोनों एक-दुसरे में खो गए. मैंने उसके बूब्स को खूब चूसा और फिर मैंने उसकी chut चाटनी शुरू कर दी. 

aunty ki chudai story :- वो बस आअह्ह्ह… आअह्ह्ह्हह्हह…. ममम… कर रही थी.फिर वो बोली: मैंने आज तक अपने पति के अलावा किसी से नहीं छुड़वाई तो तुम थोड़ा ध्यान से डालना.फिर मैंने अपना लुंड उसकी छूट पर रखा. मेरा फर्स्ट टाइम था तो मई डर भी रहा था. लेकिन उसे देख कर कण्ट्रोल नहीं हुआ मुझसे. मैंने लुंड छूट के मुँह पर रखा और एक धक्का दिया तो मेरा सुपाड़ा उसकी छूट के अंदर चला गया. Land chut में जाते ही उसके मुँह से चीख निकली आआह.. आए… धीरे.उसकी छूट बहुत टाइट थी. मेरे लुंड का टांका भी टूट गया और मुझे भी दर्द हुआ.

 फिर मैंने एक और धक्का मारा तो वो चिल्ला पड़ी अअअअअअअ……मैंने अपने होंठ उसके होंठो पर रखे और धीरे-धीरे लुंड पूरा अंदर दाल दिया. उसे बहुत दर्द हो रहा था. १० मिनट हम उसी तरह रहे फिर जब दर्द काम हुआ तो मैंने धीरे-धीरे झटके मारने शुरू कर दिए.वो आआह्ह.. आह्ह्ह्ह.. कर रही थी. २० मिनट की चुदाई में हम दोनों साथ में झाड़ गए और सो गए.

aunty ki chudai kahani :-  नेक्स्ट मॉर्निंग मैंने देखा की उसकी छूट सूज गयी थी क्युकी बहुत टाइम बाद उसकी चुदाई हुई थी.हम दोनों का वीर्य बेडशीट पर लगा हुआ था. उसकी गोरी जांघो को देख कर मेरा दिल फिरसे उसकी छूट मारने का हुआ पर वो सो रही थी और उसकी chut वैसे ही सूज गयी थी तो मैंने कण्ट्रोल किया.फिर जब वो उठ कर चली तो उससे चला नहीं जा रहा था. वो लंगड़ा कर चल रही थी. हम दोनों रेडी हुए और उसके काम के लिए गए. वह से शाम को वापस आये तो मेरा दिल कर रहा था की उसको chod लू एक बार.जब मैंने उसको बोलै तो दर्द की वजह से उसने मन कर दिया. फिर मेरी उदासी देख कर वो बोली-स्मिता: चलो chut नहीं तो मुँह को ही chod लो मेरे.मैंने अपना लुंड निकला और उसके मुँह में दे दिया. फिर १० मिनट की मुँह की चुदाई में मई झाड़ गया और हम दोनों एक-दुसरे से लिपट कर सो गए. अगले दिन हमें वापस आना था. हम वह से ट्रैन में बैठ गए.स्मिता ने जीन्स और लॉन्ग कुर्ती पहनी हुई थी जिसमे वो गज़ब की रांड लग रही थी.

aunty ki chudai ki kahani :-  मेरा ध्यान उसकी सांस के साथ ऊपर नीचे हो रहे बूब्स पर था. मेरा दिल कर रहा था की उसको वही chodna शुरू कर दू लेकिन बहुत भीड़ थी और हम चिपक कर बैठे थे.वो मेरी तरफ देख रही थी और कान में बोली: क्या हुआ ऐसे क्या देख रहे हो? खा जाओगे क्या?और ये बोल कर वो हसने लग गयी. अभी सिटी आने में टाइम था तो मैंने उसको बोलै-

मैं: मुझे तुम्हे chodna है फिरसे.तो वो मेरी तरफ देखने लगी और बोली: यहाँ लोग है.तो मैंने उसको वाशरूम जाने को बोलै. वो गयी और थोड़ी सेकण्ड्स में ही बाहर आ गयी क्युकी वह बहुत स्मेल थी. जब मैंने उसको देखा तो उसने मुझे अपनी तरफ आने का इशारा किया. मैं उठ कर उसकी तरफ गया तो वो बोली-स्मिता: अंदर बहुत स्मेल है बाबू.ये सुनके मैं उदास हो गया.

 फिर वो बोली-स्मिता: उदास क्यों हो रहे हो?और वो अपने हाथ से मेरी पंत के ऊपर से ही मेरे लुंड को सहलाने लगी और बोली –स्मिता: मेरे पीछे खड़े हो जाओ.मुझे कुछ समझ नहीं आया तो मैं उसके पीछे खड़ा हो गया. भीड़ थी तो वो चिपक गयी मेरे साथ और झुक के कड़ी हो गयी. उसके आगे एक और औरत कड़ी थी.फिर उसने एक हाथ से कुर्ती को साइड किया तो मैंने देखा उसकी जीन्स में नीचे की तरफ एक छेद किया हुआ था. फिर उसने मुझे आँख मारी और मुझे land अंदर डालने का इशारा किया.

मैंने ज़िप खोली और लुंड उसकी chut में दाल दिया. उसने एक लम्बी सांस ली और फिर मैंने धीरे-धीरे उसको छोड़ना शुरू कर दिया. वो भी पूरा मज़ा ले रही थी पब्लिक में चुदाई का.उसको थोड़ा दर्द हो रहा था क्युकी उसकी टाँगे बिलकुल साथ चिपकी हुई थी जिससे उसकी chut और टाइट हो गयी थी. मैंने उसको १:३० घंटे तक choda जिसमे वो दो बार झड़ी. मैंने उसका माल रुमाल से साफ़ किया ताकि किसी को दिखे ना.अब मैं झड़ने वाला था तो मैंने उसको पकड़ा और सारा माल उसकी छूट में निकाल दिया और उसको बोलै-मैं: माल बाहर मत आने देना नहीं तो जीन्स पर दिखेगा.वो मुझे गुस्से से देखने लगी और कुर्ती को सही करके वही कड़ी हो गयी. 

उसकी chut का दर्द उसके चेहरे पर दिख रहा था. मैंने उसे पकड़ा और अपना सहारा दिया ताकि वो कड़ी रहे. मैंने उसे पीछे से पकड़ा हुआ था.वो बस आँखें बंद करके मुझसे चिपक कर कड़ी रही. थोड़ी देर बाद हम वापस सीट पर बैठ गए और अपनी सिटी पहुँच गए. जब वो ुहति तो मैंने देखा नीचे मेरा थोड़ा सा माल पड़ा था जो शायद उसकी छूट से गिरा था.हम ट्रैन से उतरे तो उसको उसकी बेटी लेने आयी थी मानसी जो मेरी उम्र की थी. फिर वो उसके साथ चली गयी. उसके बाद कैसे मैंने उसे प्रेग्नेंट किया और शादी भी की वो सब अगले पार्ट aunty ki chudai kahani में बताऊंगा.

Sunday, April 11, 2021

Aunty daru ke nesha mai choda | malayalam sex story

April 11, 2021 0 Comments

malayalam sex story

Aunty ki chudai :- ഹലോ സുഹൃത്തുക്കളെ, എന്റെ പേര് രാഹുൽ, ഇന്ന് ഞാൻ ഒരു വലിയ അമ്മായിയുടെ ചുഡായ് കഥ നിങ്ങളുമായി പങ്കിടാൻ പോകുന്നു. എനിക്ക് 29 വയസ്സായി, ഇപ്പോഴും കോളേജിലാണ്. ഞാൻ മഹാരാഷ്ട്ര നിവാസിയാണ്. എന്റെ വീടിനടുത്തുള്ള വീട്ടിൽ ഒരു അമ്മായി താമസിക്കുന്നു, അവളുടെ പേര് മാലതി, അവളുടെ പ്രായം 39 വയസ്സ്.

അവൾ വളരെ ശാന്തയായ സ്ത്രീയാണ്, അവളുടെ രൂപം എന്താണ്?

അവ മുകളിൽ നിന്ന് താഴേക്ക് വളരെ രസകരമായ സാധനങ്ങളാണ്.

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Aunty daru ke nesha mai choda | malayalam sex story

സഹോദരിയുടെയും കൂട്ടക്കൊല

എന്റെ മനസ്സ് അവനെ നോക്കിക്കൊണ്ടിരിക്കാൻ ആഗ്രഹിക്കുന്നു, അവന്റെ ശരീരം അത്ഭുതകരമാണോ?

ഈ അമ്മായി ദേശി ബാഹു ഡോട്ട് കോമിന്റെ ചുഡായ് കഥ ഞാൻ അവളെ കാണുമ്പോഴെല്ലാം, എന്റെ കോഴി നിവർന്നുപോകുന്നു, എനിക്ക് ആ സഹോദരിയെ വഞ്ചിക്കാൻ ആഗ്രഹമുണ്ട്.

ഇപ്പോൾ അദ്ദേഹം രാവും പകലും സ്വപ്നം കാണാറുണ്ടായിരുന്നു. ചില സമയങ്ങളിൽ അമ്മ അയാളുടെ വീട്ടിലേക്ക് പോകാറുണ്ടായിരുന്നു.

അദ്ദേഹത്തിന് ഒരു മകനുണ്ട്, എട്ടാം ക്ലാസ്സിൽ പഠിക്കുന്നു, അവന്റെ ഗണിതശാസ്ത്രം വളരെ ദുർബലമായിരുന്നു, അതിനാൽ ഞാൻ അദ്ദേഹത്തെ ഗണിതശാസ്ത്രം പഠിപ്പിക്കുമോ എന്ന് അദ്ദേഹം എന്നോട് ചോദിച്ചു.

അതിനാൽ ഞാൻ ഉടനെ തയ്യാറായി.

പിന്നെ എല്ലാ ദിവസവും ഉച്ചയ്ക്ക് 2 മണിക്ക് ഞാൻ അവനെ പഠിപ്പിക്കാൻ തുടങ്ങി.

ഇപ്പോൾ ഞാൻ മാൾതിയോട് ഒരുപാട് സംസാരിക്കുകയായിരുന്നു.

ഇപ്പോൾ ഞാൻ അവളുടെ മകനെ പഠിപ്പിക്കുമ്പോഴെല്ലാം അവൾ എന്നോടൊപ്പം താമസിക്കാറുണ്ടായിരുന്നു.

ഇപ്പോൾ ഞാൻ അവളിലേക്ക് കൂടുതൽ ശ്രദ്ധിക്കാൻ തുടങ്ങി, അതിനാൽ അവൾ ഇപ്പോൾ വളരെ സെക്സി വസ്ത്രങ്ങൾ ധരിക്കുന്നുവെന്ന് ഞാൻ കരുതി.

അമ്മായിയുടെ ചുഡായ് കഥ> ചുഡായ് ഓഫീസിലെ കഴുതയുടെ പങ്ക്

ഇപ്പോൾ അവൾ ഒരു സാരി ധരിക്കുമ്പോഴെല്ലാം അവളുടെ ബ്ല ouse സ് മുറുകുന്നു, അതിനാലാണ് അവളുടെ 40 വലുപ്പത്തിലുള്ള ടീഷർട്ടുകൾ.

അവളുടെ സാരിയും അവളുടെ കട്ടകളിൽ വളരെ ഇറുകിയതായിരുന്നു, അവളുടെ കന്ത് വളരെ വലുതാണ്, എന്റെ കോഴി മോശമായി എഴുന്നേറ്റു നിൽക്കുന്നത് കൊണ്ട്.

അവൾ സൽവാർ ധരിക്കുമ്പോഴെല്ലാം അവളും വളരെ ഇറുകിയതും മുകളിൽ ഒരു വലിയ ആലിംഗനവുമായിരുന്നു, അതിനാൽ അവളുടെ മുലക്കണ്ണുകൾ വളരെ സെക്സി ആയി കാണപ്പെട്ടു.

അവന്റെ കഴുതയും വളരെ ഇറുകിയതായിരുന്നു.

അയാളുടെ കഴുതയുടെ വലുപ്പവും 44 ഉം അരയ്ക്ക് 34 ഉം ആയിരുന്നു, അത് വളരെയധികം സാധനങ്ങളായിരുന്നു, അദ്ദേഹത്തിന് ചുറ്റും ധാരാളം ആളുകൾ ഉണ്ടായിരുന്നു.

അങ്ങനെയിരിക്കെ ഒരു ദിവസം ഞാൻ അവളുടെ ആൺകുട്ടിയെ പഠിപ്പിക്കുമ്പോൾ അവൾ എന്നെ അഭിമുഖമായി കട്ടിലിൽ ഇരിക്കുകയായിരുന്നു.

അന്ന് അവൾ പിങ്ക് നിറമുള്ള സാരിയും വളരെ വറ്റല് ബ്ല bl സും ധരിച്ചിരുന്നു.

അവന്റെ മുലക്കണ്ണുകളുടെ വലുപ്പത്തേക്കാൾ വളരെ ചെറുതാണെന്ന് തോന്നുന്നു, അതിനാൽ അപ്പോഴും അദ്ദേഹം ധരിച്ചിരുന്നു, അവൻ വളരെ ശാന്തനായി കാണപ്പെട്ടു.

ഇപ്പോൾ ഞാൻ കുറച്ച് സമയത്തിനുള്ളിൽ അവനെ കാണാറുണ്ടായിരുന്നു, ചിലപ്പോൾ എനിക്ക് അദ്ദേഹത്തെയും കാണാനാകും.

അവൾ ഒരു പുസ്തകം വായിക്കുന്നുണ്ടെങ്കിൽ, ആ പുസ്തകം വീണു, പിന്നെ അത് എടുക്കാൻ അവൾ കുനിഞ്ഞു. എന്റെ മുൻപിൽ ഇറുകിയ വളരെ കട്ടിയുള്ള രണ്ട് മുലക്കണ്ണുകൾ ഇപ്പോൾ എന്റെ മുന്നിലായിരുന്നു.

അമ്മായിയുടെ ചുഡായ് കഥ> എന്റെ സഹോദരനെ വഞ്ചിക്കാൻ ഞാൻ പ്രലോഭിച്ചു.

അവൾ വളരെ താഴ്ന്ന കട്ട് ബ്ല bl സ് ധരിച്ചു, അതിനാൽ ഞാൻ അവളുടെ മുലക്കണ്ണുകൾ ഒരുപാട് കണ്ടു.

പിന്നെ അവൾ പുസ്തകം എടുത്ത് വായിക്കാൻ തുടങ്ങി, പക്ഷേ അവൾ അവളുടെ സാരിയുടെ മുകളിൽ ഉയർത്തിയില്ല.

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ഇപ്പോൾ അയാളുടെ ഇറുകിയ കട്ടിയുള്ള ശീർഷകം അവളുടെ ബ്ല ouse സിൽ ഇറുകിയതായി കാണപ്പെട്ടു.

പിന്നെ അവൾ വളരെക്കാലം ഇതുപോലെ പഠനം തുടർന്നു, എന്റെ കോഴി മോശമായിക്കൊണ്ടിരുന്നു, എന്നിട്ട് അവൾ എഴുന്നേറ്റു പിന്നീട് പോയി.

ഒരു ദിവസം ഞാൻ അവന്റെ വീട്ടിൽ ചെന്നപ്പോൾ, അവന്റെ കുട്ടി തന്റെ സുഹൃത്തിന്റെ അടുത്തേക്ക് പോയി എന്ന് അയാൾ മനസ്സിലാക്കി .. നിങ്ങൾ ദേശി ബാഹു ഡോട്ട് കോമിൽ ഈ അമ്മായിയുടെ ചുഡായ് കഥ വായിക്കുന്നു .. അതിനാൽ ഞാൻ പറഞ്ഞു ശരി, പിന്നെ ഞാൻ പോകാം.

അതുകൊണ്ട് അവൾ പറഞ്ഞു കുറച്ചുനേരം കാത്തിരിക്കുക, പിന്നെ ഞാൻ നിർത്തി. എന്നിട്ട് ഞാൻ അവളെ സൂക്ഷ്മമായി നോക്കി, അതിനാൽ അവൾ നൈറ്റി ധരിച്ചു, അതും സെക്സി.

ഇപ്പോൾ അവളുടെ ഉള്ളിലുള്ളതെല്ലാം വ്യക്തമായി കാണാമായിരുന്നു, അവൾ കറുത്ത ബ്രായും പാന്റിയും ഉള്ളിൽ ധരിച്ചിരുന്നു.

ഇപ്പോൾ അവളുടെ പാന്റി പൂർണ്ണമായും അവളുടെ പൂറ്റിൽ കുടുങ്ങി.

ഇപ്പോൾ എന്റെ കോഴി പൂർണ്ണമായും ടാൻ ചെയ്തു, അത് എന്റെ പാന്റിന്റെ മുകളിൽ നിന്ന് വ്യക്തമായി കാണാം.

ഇപ്പോൾ അവളും എന്റെ കോഴി വളരെ ശ്രദ്ധയോടെ നോക്കുകയായിരുന്നു. എന്നിട്ട് അദ്ദേഹം എന്നോട് ചോദിച്ചു നിങ്ങൾ എന്തെങ്കിലും എടുക്കുമോ?

അതിനാൽ ഞാൻ പറഞ്ഞു തണുത്ത പാനീയം…

അങ്ങനെ അവൾ കോൾഡ്‌ഡ്രിങ്ക് കൊണ്ടുവരാൻ പോയി.

അമ്മായിയുടെ ചുഡായ് കഥ> കാമസൂത്ര സൂത്രം

ഇപ്പോൾ ഞാൻ അവളുടെ കോക്കുകളിലേക്ക് നോക്കുകയായിരുന്നു, അവർ അങ്ങോട്ടും ഇങ്ങോട്ടും പിറുപിറുക്കുകയായിരുന്നു, അവൾ അതിശയകരമായ സെക്സി ആയി കാണുന്നു.

സുഹൃത്തുക്കളേ, ഈ കഥ ചോഡാൻ ഡോട്ട് കോമിൽ വരുന്നു.

എന്നിട്ട് അവൾ തണുത്ത പാനീയം കൊണ്ടുവന്ന് എനിക്ക് തന്നു. പിന്നെ അവൻ തണുത്ത പാനീയം നൽകാൻ കുമ്പിട്ടയുടനെ .. ദേശി ബാഹു ഡോട്ട് കോമിലെ ഈ അമ്മായിയുടെ ചുഡായ് കഥ നിങ്ങൾ വായിക്കുന്നു .. അതിനാൽ ഞാൻ അവളുടെ മുലക്കണ്ണുകളുടെ വിള്ളൽ കാണാൻ തുടങ്ങി.

ഇപ്പോൾ ഞാൻ അവനെ നോക്കാൻ തുടങ്ങി, കുടിക്കാൻ മറന്നു.

പിന്നെ അവനും ഒന്നും പറഞ്ഞില്ല, ഇപ്പോൾ ഞാൻ അവന്റെ അമ്മായിയെ നോക്കുകയാണെന്ന് അയാൾ മനസ്സിലാക്കി.

malayalam sex story :- അപ്പോൾ ഞാൻ ഒരു ഡ്രിങ്ക് കഴിക്കണമെന്ന് ഓർമ്മിച്ചു, അതിനാൽ ഞാൻ അത് വേഗം എടുത്തു.

എന്നിട്ട് അവൾ പറഞ്ഞു എന്താണ് തിരക്ക്? സുഖപ്രദമായ ഒരു നോട്ടം എടുക്കുക, തുടർന്ന് അത് എടുക്കുക.

അതിനാൽ അത് കേട്ടപ്പോൾ ഞാൻ അത്ഭുതപ്പെട്ടു.

അവനും തയ്യാറാണെന്ന് ഇപ്പോൾ എനിക്ക് മനസ്സിലായി.

അപ്പോൾ ഞാൻ പറഞ്ഞു, ഞാൻ അവരെ ഒരു പാനീയത്തിൽ കുടിക്കും, തുടർന്ന് ഞാൻ അവരെ നഗ്നരായി പരീക്ഷിക്കും.

അപ്പോൾ അവൾ പറഞ്ഞു, ഇതിൽ എന്താണ് വലിയ കാര്യം?

ഞാൻ എന്റെ പല്ലുകൾ കാണിച്ചുതരുന്നു, എന്നിട്ട് അവൾ അവളുടെ നൈറ്റി നീക്കംചെയ്യാൻ തുടങ്ങി, അതിനാൽ ഞാൻ പറഞ്ഞു ഇപ്പോൾ എന്റെ ജീവിതം അല്ല, ഞാൻ നിങ്ങളെ എന്റെ കൈകൊണ്ട് നഗ്നനാക്കും.

അതിനാൽ അവൾ പറഞ്ഞു, അതെ, ഇത് നല്ലതാണ്, എന്നെ ഉന്മൂലനം ചെയ്യുമ്പോൾ, നിങ്ങൾ എന്റെ യ youth വനകാലത്തെ ആസ്വദിക്കൂ, എന്നിട്ട് അവൾ വന്നു എന്റെ അരികിലിരുന്ന് ഞാൻ അവളുടെ ശരീരത്തിൽ സ്പർശിക്കാൻ തുടങ്ങി, ഇന്ന് എന്റെ ഹൃദയം നിറവേറുകയാണ്.

അവന്റെ ശരീരം ശരിക്കും അത്ഭുതകരവും വളരെ മൃദുവും മിനുസമാർന്നതുമായിരുന്നു.

ദേശി ബാഹു ഡോട്ട് കോമിൽ നിങ്ങൾ ഈ അമ്മായിയുടെ ചുഡായ് കഥ വായിക്കുന്നു .. ഇപ്പോൾ ഞാൻ ഇത് വളരെ ആസ്വദിക്കുകയായിരുന്നു.

പിന്നെ ഞാൻ അവളുടെ നൈറ്റി നീക്കാൻ തുടങ്ങി അവളുടെ മെല്ലെ മെല്ലെ നീക്കി.

ഇപ്പോൾ അവൾ ബ്രായും പാന്റിയും മാത്രം അവശേഷിക്കുന്നു, ഹാ, എന്താണ് ഒരു അത്ഭുതകരമായ ഉൽപ്പന്നം?

പിന്നെ ഞാൻ അവളുടെ ചുണ്ടിൽ ചുംബിക്കാനും അവളുടെ മുലക്കണ്ണുകൾ അമർത്താനും തുടങ്ങി.

ഇപ്പോൾ അവൾ പതുക്കെ ചൂടാകുകയായിരുന്നു. എന്നിട്ട് അദ്ദേഹം എന്റെ ഷർട്ടും പാന്റും അഴിച്ചുമാറ്റി, ഇപ്പോൾ ഞാൻ അടിവസ്ത്രത്തിൽ മാത്രമായിരുന്നു.

എന്നിട്ട് അവൾ എന്റെ അടിവസ്ത്രത്തിൽ നിന്ന് പുറത്തുവന്ന എന്റെ കോക്കുകളിലേക്ക് നോക്കാൻ തുടങ്ങി, എന്റെ കോക്കുകൾ വളരെ കട്ടിയുള്ളതും ഉയരമുള്ളതും എന്നാൽ 7 ഇഞ്ച് മാത്രം നീളമുള്ളതുമാണ്, എന്നാൽ ഒരു കാര്യം മാൾട്ടിക്ക് ശേഷം ഞാൻ അന്ന് അറിഞ്ഞു. .

ശരി, അയാൾ പതുക്കെ എന്റെ കോഴി പുറത്തെടുത്ത് വലിക്കാൻ തുടങ്ങി.

ഇപ്പോൾ ഞാനത് ആസ്വദിക്കാൻ തുടങ്ങി, അതിനാൽ ഞാൻ അവളുടെ പാന്റിയെ സ ently മ്യമായി നീക്കി അവളുടെ ബ്രാ കൂടി നീക്കി.

ഇപ്പോൾ അവൾ എന്റെ മുന്നിൽ പൂർണ്ണമായും നഗ്നയായി, അവൾ വളരെ അത്ഭുതകരമായി കാണപ്പെട്ടു.

Aunty se story :- ആന്റി ഫക്കിംഗ് സ്റ്റോറി> മൈ കളക്റ്റീവ് പുസി ഫക്കിംഗ്

പിന്നെ ഞാനും അവളുടെ പൂറ്റിൽ നക്കാൻ തുടങ്ങി.

ഇപ്പോൾ അവൾ വളരെ ആവേശത്തിലായിരുന്നു, എന്റെ കോഴിയും നീട്ടി.

എന്നിട്ട് ഞാൻ അവളുടെ മേൽ കയറി എന്റെ കോഴി അവളുടെ പൂറുമായി ബന്ധിപ്പിച്ച് അവളുടെ മുലകളിൽ മുറുകെ പിടിക്കാൻ തുടങ്ങി.

ഇപ്പോൾ സിസ്‌കറിയ സിഇഇഇയെ എന്റെ രാജാവായി എടുക്കുന്നു, ഇപ്പോൾ ദയവായി എന്നെ തിടുക്കത്തിൽ നിർത്തുക, ഇപ്പോൾ എന്നെ ശല്യപ്പെടുത്തരുത്, എന്നെ ഈ പുസിയെ രക്ഷിക്കട്ടെ .. ദേശി ബാഹു ഡോട്ട് കോമിലെ ഈ അമ്മായിയുടെ ചുഡായ് കഥ നിങ്ങൾ വായിക്കുന്നു .. സാലിക്ക് വളരെ ഇഷ്ടമാണ് നിങ്ങൾ. കോക്കുകൾക്ക്, ഇപ്പോൾ അത് കീറുക.

ഇപ്പോൾ ഞാനും ആകാൻ പോകുന്നില്ല, അതിനാൽ ഞാൻ എന്റെ കോണി അവളുടെ ഇറുകിയ പുസിയിലേക്ക് ഞെക്കി.

അതിനാൽ അവൻ മൃദുവായി പറഞ്ഞു, അവൻ HIEEE വലിച്ചുകീറി, വരൂ.

ഇപ്പോൾ എന്റെ 3 ഇഞ്ച് കോഴി അവളുടെ പൂറ്റിലേക്ക് തുളച്ചുകയറി.

എന്നിട്ട് ഞാൻ എന്റെ കോഴി പുറത്തെടുത്ത് ഉച്ചത്തിൽ തള്ളി, എന്നിട്ട് എന്റെ കോഴി പൂർണ്ണമായും തുളച്ചു കയറി.

അതിനാൽ അദ്ദേഹം കൂടുതൽ ഉറക്കെ പറഞ്ഞു HIEEEEEEE Re Maaaaaaaaaaaaa

ഇപ്പോൾ അവളും ശാന്തനായിരുന്നു, അവൾ എന്താണ് പറയുന്നതെന്ന് അറിയില്ല.

ഹിഎഎഎഎഎഎ റേ, ഹൈഎഇ മാറാ ദല ജലെഎമ്, രസകരമായ ഒരു എന്റെ രാജാവും ഇറുകിയ പെല് ധരിച്ചും അതെ വെറും ഛൊദൊ, ഹിഎഎഎഎ, ചെഎഎഎഎഎ, ഉഎഎഎ രസകരമായ, അഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅ പോലെ ...

aunty ki chudai ki kahani :- അമ്മായിയുടെ ചുഡായ് കഥ> എന്റെ അമ്മയും ഭ്രാന്തൻ ബിക്കാരിയും

ഇപ്പോൾ ഞാനും ആവേശഭരിതനായി, ഇത് കേട്ടപ്പോൾ ഞാൻ കൂടുതൽ ആവേശഭരിതനായി, ആ സമയത്ത് ഞാൻ പറഞ്ഞു, "ചുഡ്ഡി മദർ ചോഡ് സൂക്ഷിക്കുക, ഞാൻ നിങ്ങളുടെ കുണ്ണ കീറാം."

ഇപ്പോൾ അവൾ ഒരു കൂടുതൽ, ഹെഎഎ, ചെഎഎഎഎ ആൻഡ് പെല്ലൊ രാജ, അഅഅഅഹ്ഹ്ഹ്ഹ് രസകരമായ അഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅഅ അടുക്കൽ.

ഇപ്പോൾ എനിക്ക് അവളെ കളയാൻ 15 മിനിറ്റ് കഴിഞ്ഞു, അവൾ ഇതുവരെ പല തവണ വീണുപോയി.

എന്റെ ശ്രദ്ധ അവന്റെ കഴുതയിലേക്ക് പോയി, എന്നിട്ട് ഞാൻ അവന്റെ ദ്വാരത്തിൽ സ്പർശിച്ചു, എനിക്ക് വളരെ ഇറുകിയതായി തോന്നി. അപ്പോൾ മാത്രമാണ് അദ്ദേഹം ഉദ്ദേശിച്ചത് എന്താണ്?

എന്റെ കഴുതയും ഇപ്പോൾ കൊല്ലപ്പെടുമോ? അതിനാൽ ചോഡ് ഇല്ലാതെ ഞാൻ അതെ എന്ന് പറഞ്ഞു, ഞാൻ നിന്നെ വിടുകയില്ല, എന്നിട്ട് ഞാൻ അവളുടെ കോണി അവളുടെ പൂറ്റിൽ നിന്ന് പുറത്തെടുത്ത് അവളെ ഒരു നായയെപ്പോലെ നിൽക്കാൻ പ്രേരിപ്പിച്ചു. ദേശി ബാഹു ഡോട്ട് കോമിൽ നിങ്ങൾ യേ ആന്റി കി ചുഡായ് കഹാനി വായിക്കുന്നു ..

അവളുടെ കഴുതയുടെ പിങ്ക് ദ്വാരം ഇപ്പോൾ എനിക്ക് വ്യക്തമായി കാണാൻ കഴിഞ്ഞു.

ഇപ്പോൾ എന്റെ കോഴി അവളുടെ പുസി വെള്ളത്തിൽ നനഞ്ഞിരുന്നു, അതിനാൽ ഞാൻ എന്റെ കോഴി അവളുടെ കഴുതയുമായി ബന്ധിപ്പിച്ച് ഒരെണ്ണം ലഘുവായി തള്ളി, എന്നിട്ട് എന്റെ കോഴി അവളുടെ കഴുതയിലേക്ക് 2 ഇഞ്ച് പ്രവേശിച്ചു. പിന്നെ അവൾ ഉറക്കമുണർന്ന് ഉയർന്ന തലത്തിലേക്ക് പോയി, ഹേയ്, അവൾ വേദനിപ്പിക്കുന്നു… നിങ്ങൾ ദേശി ബാഹു ഡോട്ട് കോമിൽ ഈ അമ്മായിയുടെ ചുഡായ് കഥ വായിക്കുന്നു .. പക്ഷെ ഞാൻ അവളെ ശ്രദ്ധിക്കാതെ വീണ്ടും കുലുക്കി. വീണ്ടും അപേക്ഷിക്കാൻ തുടങ്ങി വീണ്ടും, 10 മിനിറ്റിനുശേഷം ഇത് കുറച്ച് സാധാരണമായി.

ഇപ്പോൾ അവളും തമാശയിലായിരുന്നു, ഇപ്പോൾ അവൾ ഹായ്ഇഇ റേ, ഹായ്, ഇത് പുസിയെക്കാൾ രസകരമാണ്, ഒപ്പം എന്റെ രാഹുൽ, ഹായ്ഇഇ റേ, വളരെ രസകരമായി വരുന്നു, സിഇഇ ഹീ, ചോഡോ, സിഇഇഇഇയും ഇറുകിയതും, ഹായ്ഇഇ, യുഇഇഇഇഇഇഇഇ അമ്മ, aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

ഏകദേശം 20 മിനിറ്റ് ഞാൻ അത് തുപ്പുന്നു.

ഇപ്പോൾ ഞാൻ വീഴാൻ പോവുകയായിരുന്നു, അതിനാൽ ഞാൻ എന്റെ വേഗത വർദ്ധിപ്പിച്ചു, സഹോദരി, നിങ്ങളുടെ വലിയ കഴുത എന്താണ്?

ഇപ്പോൾ നിങ്ങൾ എന്റെയടുത്തേക്ക് പോയി, ഇപ്പോൾ ഞാൻ നിങ്ങളെ എല്ലാ ദിവസവും കടുപ്പിക്കും, സഹോദരി, നീ വളരെ സുന്ദരിയാണ്, അതെ, ഞാൻ രസകരമാണ്, HEYEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEEE

പിന്നെ ഞങ്ങൾ വളരെ നേരം പറ്റിപ്പിടിച്ചു, കുറച്ചു കഴിഞ്ഞപ്പോൾ എഴുന്നേറ്റു ഞങ്ങളുടെ വസ്ത്രം ധരിച്ചു.

malayalam sex story :- എല്ലാ ദിവസവും രാഹുൽ എന്നെ വകവരുത്തുമെന്ന് അവർ പറഞ്ഞു.

അതിനാൽ ഞാൻ പറഞ്ഞു എന്റെ രാജ്ഞി ശരി.

അതിനുശേഷം ഞാൻ അവനെ വളരെ വിഷമിപ്പിച്ചു, ഞങ്ങൾ അവനെ ഒരുപാട് ആസ്വദിച്ചു.

Saturday, April 10, 2021

Holi Ke Din chachi ki chudai ki kahani

April 10, 2021 0 Comments

chachi ki chudai ki kahani:-

होली खेलने के दौरान छूट वालियों से छेड़छाड़ वाली कहानी आप दोस्तों को मज़ा देती होगी तो मेरी इस कहानी को पढ़ें जहाँ मैंने भी छेड़छाड़ किया..दोस्तों मैं अपने पड़ोस में रहने वाली चची की चुदाई की कहानी लिख रहा हूँ.मेरा नाम रतीश है.. और मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ. मैं आज आपको जो कहानी सुनाने जा रहा हूँ.

वो मेरी बिलकुल सच्ची कहानी है.यह उस वक़्त की बात है.. जब मैं १९ साल का था और मैं १२थ में पढता था. आज मेरी उम्र २३ साल है.हमारे घर के सामने एक हमारे दूर के चाचा रहते थे..

 उनकी २-३ साल पहले ही शादी हुयी थी.. लेकिन अभी तक उनको कोई बच्चा नहीं हुआ था. मेरी चची दिखने में बहुत सेक्सी हैं.एक दिन होली की बात है.. सब लोग होली खेल रहे थे.. मैं भी गली में होली खेल रहा था. हमारा घर उप्पर की मंज़िल पर था.. 

मतलब हम फर्स्ट फ्लोर पर रहते थे. हमारे सामने वाले चाचा नीचे की फ्लोर पर ही रहते थे.. तो मेरी चची अपने दरवाजे पर कड़ी थीं और मेरी दादी बालकनी में कड़ी थीं.

Chahci बिलकुल साफ़ सुथरी कड़ी थीं. मतलब किसी ने उनको अभी तक बिलकुल भी रंग नहीं लगाया था.. तो मेरी दादी ने उनसे पुछा- तू होली नहीं खेल रही क्या?तो उन्होंने जवाब दिया- हमारे घर में कोई देवर ही नहीं है.. तो मैं किसके साथ होली खेलूं..

chachi ki chudai ki kahani
Holi Ke Din chachi ki chudai ki kahani

 

 

 मतलब वो घर में सबसे छोटी थीं.मैं नीचे गली में खड़ा था. ‘ो..’ मेरी दादी ने मुझे आवाज़ लगाई और कहा- जा chachi को रंग लगा आ..मैं उनके घर गया तो उन्होंने दरवाज़ा खोल कर मुझे घर के अंदर कर लिया.. और फिर उन्होंने दुबारा गेट लगा लिया.फिर हमने होली खेलने शुरू की.. सबसे पहले मैंने chachi को रंग लगाया और मैंने जैसे ही chachi को छुआ.. होली खेलने में अनजाने में चची की चूचियों पर हाथ लग गया.. मानो मेरे अंदर करंट सा लग गया.लेकिन मैंने chachi को अच्छी तरह रंग लगाया. फिर चची ने मुझे रंग लगाया.. हमने फिर खूब होली की मस्ती की.उनके साथ चिपक-चिपक कर होली खेलने के बाद मैं अपने घर चला आया.. मुझे बहुत मज़ा आया.

chachi ki chudai story :-घर आते ही मैं टॉयलेट में गया.. और मैंने मुट्ठ मार ली.फिर थोड़ी देर बाद मैं अपनी बालकनी में खड़ा था.. तो मेरी चची ने मुझे आवाज़ लगाई- आप मुझे रंग तो लगा कर गए.. लेकिन अब मेरे लिए शैम्पू तो ला दो.तो मैं शैम्पू लेकर उनके घर गया.. तो देखा चची नहाने की तैयारी कर रही थीं. वो बाथरूम में कड़ी थीं और उन्होंने अपनी साड़ी उतार राखी थी.. वो सिर्फ पेटीकोट और ब्लाउज में थीं!चची की छूट छोडीमैने उनको शैम्पू देते हुए मुस्कुराया और मुझे देख कर वो भी मुस्करायीं. मैं शैम्पू देकर अपने घर आ ही रहा था.. की उन्होंने मेरे उप्पर एक जग रंग दाल दिया.उन्होंने रंग पहले से ही घोल कर रख रखा था और रंग दाल कर वो भाग कर बाथरूम की तरफ जाने लगीं.मैं भी उनकी तरफ पीछे-पीछे भागा उन्होंने जल्दी से बाथरूम का गेट बंद कर लिया था..

 लेकिन मेरे लुंड के नसीब से वो इतनी जल्दी दरवाज़ा बंद नहीं कर पाई थीं की मैं भी उनके साथ अंदर घुस गया.अब हम दोनों बाथरूम में थे मैंने अपनी जेब में से रंग निकाला और चची को रंग लगाया.. तो छिना-झपटी में मेरा हाथ उनके ब्लाउज के अंदर चला गया.. और उनका ब्लाउज फैट गया..मुझे बड़ी शर्म आयी.. फिर मैं बाथरूम के अंदर से बाहर निकल आया.

chachi ki chudai kahani 

मैं उनके जिस्म की गर्मी पाकर एकदम उत्तेजित होता हुआ अपने घर वापस आ गया. मुझे काफी डर भी लग रहा था की कहीं चची हमारे घर शिकायत न कर दें.दो दिन के बाद मैं अपनी घर की छत पर खड़ा था.. तो चची भी अपनी घर की छत पर कपडे लेने के लिए आयी थीं.तब उन्होंने मुस्कुराते हुए बोलै- और.. क्या हो रहा है? 

मैंने कहा- बस.. कुछ नहीं..तब फिर मैंने उनसे होली वाले दिन के लिए सॉरी बोली. उन्होंने कहा- कोई बात नहीं.. जो कुछ भी हुआ अनजाने में हुआ.. मुझे पता है..एक बात तो थी की चची के साथ होली खेलने में बड़ा मज़ा आया था. मैंने पहली बार किसी औरत के साथ होली खेली थी. मुझे यह तो पता नहीं की फिगर वगैरह कैसे नापते हैं.. लेकिन चची बहुत ही सुन्दर थीं.

chahciके पति मतलब हमारे चाचा को ऑफिस के काम से कुछ दिन के लिए बाहर जाना पड़ा तो पहले तो हमारी चची घर में अकेले ही सोती थीं.. लेकिन एक दिन वो अचानक डर गयीं.. और उन्होंने मेरी दादी से अपनी बात कही.. तो हमारे घर वालों ने यह फैसला किया की मैं चची के घर सोया करूँगा.

अब चची और मैं उनके बैडरूम में एक साथ ही सोया करते थे. चची मैक्सी पहन कर सोया करती थीं.दो दिन के बाद एक रात को चची को नींद नहीं आ रही थी.. लेकिन मैं सो गया था अचानक मेरी नींद खुली.. तो चची बैठी हुयी थीं.

मैंने chachi से पुछा- चची क्या बात है.. आपको नींद नहीं आ रही?तो वो बोलीं- नहीं..अब मुझे भी नींद नहीं आ रही थी.. तो हम दोनों ने बात करनी शुरू कर दी.मेरी चची ने मुझसे बात ही बात में पुछा- तेरी कोई गर्लफ्रेंड है?तो मैंने कह दिया- नहीं चची मुझे तो लड़कियों से बात करने में बहुत शर्म आती है.फिर उन्होंने मेरे साथ मजाक करना शुरू कर दिया उन्होंने मजाक ही मजाक में सेक्सी बात करनी शुरू कर दी.मैं कुछ भी बोलने में हिचकिचा रहा था.. लेकिन उनके साथ सेक्स करने का मेरा भी बहुत मैं कर रहा था.थोड़ी देर के बाद उन्होंने मुझसे पुछा- तुमने किसी के साथ सेक्स किया है?

तो मैंने मन कर दिया.. तो उन्होंने अचानक मुझे पकड़ लिया और मेरी कमीज के अंदर हाथ देना शुरू कर दिया. मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था.फिर उन्होंने मेरी कमीज और बनियान उतार दी और मुझसे लिपटने लगीं.. करीब ५-७ मिनट के बाद वो मेरी पंत में हाथ डालने की कोशिश करने लगीं.. लेकिन पंत चुस्त होने की वजह से उनका हाथ पंत में घुस नहीं पा रहा था.उन्होंने मेरी पंत भी उतार दी.. अब मैं केवल अंडरवियर में था. अब वो एक हाथ से मेरे लुंड को सहला रही थीं..मैंने भी शर्म छोड़ दी और उनकी मैक्सी के अंदर हाथ दे दिया. उन्होंने मेरा पूरा साथ दिया.. मैंने उनकी ब्रा का हुक खोल दिया और उनकी चूचियों पर हाथ फेरना शुरू कर दिया.

chachi ko choda story :- चची की चूचियां हाथ में लेते ही मेरा लुंड एकदम से खड़ा हो गया.मैंने उनकी मैक्सी उतार दी.. और अब वो केवल पंतय में रह गयी थीं. फिर मैंने उनकी पंतय में अंदर हाथ घुसेड़ दिया और उनकी मक्खन छूट पर हाथ फिराया.. तो मुझे लगा की उनकी छूट कुछ गीली सी हो गयी है. चची की क्लीन शवेद छूट भी एकदम मक्खन माल है.मैंने उनकी छूट में एक उंगली डाली.. तो वो टांगें पसार कर मुस्कुरा रही थीं. अब मैं एक हाथ से उनकी छूट में और कभी उनकी गांड में उंगली कर रहा था और दुसरे हाथ से उनकी चूचियां मसल रहा था और वो मेरे लुंड को सहला रही थी.फिर मैंने उनकी पंतय उतार दी और अपना अंडरवियर भी निकल कर फेंक दिया. अब हम दोनों बिलकुल नंगे थे.

मेरा लुंड बहुत बुरी तरह से सख्त हो गया था.. फिर मैंने चुदाई की पोजीशन में आकर अपना लुंड उनकी छूट पर सताया और ज़ोर से धक्का लगाया.. उनकी छूट कुछ टाइट थी.. मेरा लुंड अंदर घुस ही नहीं पा रहा था.फिर उन्होंने कहा- ज़रा रुक.. उन्होंने मेरे लुंड पर क्रीम लगाई और अपनी छूट पर भी क्रीम लगाने के बाद फिर उन्होंने मुझसे कहा- अब घुसाओ..मैंने दुबारा उनकी छूट पर लुंड लगाया और ज़ोर से धक्का लगाया और इस बार मेरा लुंड एक ही झटके में पूरा अंदर घुस गया.

Chahci को बहुत दर्द हो रहा था चची ‘उओह्ह ोोोोोूह.. ाहः.. कर रही थीं.मुझे बहुत मज़ा आ रहा था क्योंकि मैंने पहली बार किसी औरत के साथ सेक्स किया था. थोड़ी देर बाद फिर चची को भी मज़ा आने लग गया.फिर १०-१५ मिनट के बाद फिर मैंने चची को घोड़ी बनाया और फिर घोड़ी स्टाइल में छोड़ा. चची इस दौरान ३ बार झाड़ चुकी थीं और फिर मैं भी झाड़ गया.मैंने अपना सारा माल चची की छूट के अंदर ही गिरा दिया. मुझे चची की छूट मारने में बहुत मज़ा आया. चची और मैं चुदाई के बाद नंगे ही लिपट कर सो गए.

सुबह जब मेरी आँख खुली.. तब मैं बिस्तर पर नंगा पड़ा था और चची वाशरूम में गयी हुयी थीं.मैं भी वाशरूम के अंदर घुस गया.. अंदर जाकर देखा तो चची नाहा रही थीं.. मैंने चची के उप्पर अपने लुंड से मूट की धार मारी.. तो चची ने मेरा लुंड पकड़ लिया और मूट अपने उप्पर गिरने नहीं दिया.जब मैं मूट चूका.. तब चची ने मेरा लुंड अपने मुंह में लेकर चूसना शुरू कर दिया. 

chachi ko choda kahani  :- Lalita chachi ko chudai ke liya mnaya

फिर मैंने chachi ko bathroom mai choda. बाथरूम में छोड़ने के बाद जब हम बाहर आये.. तो मैं बिस्तर पर जा कर लेट गया और चची भी बहुत थक चुकी थीं.. वो भी मेरे बाजू में बिस्तर पर लेट गयीं.थोड़ी देर बाद मैं फिर चची की चूचियां दबाने लग गया तो chachi ने कहा- अब रहने दे.. मेरी छूट में दर्द हो रहा है.

फिर मैंने कहा- अगर छूट में दर्द है.. तो कोई बात नहीं.. मैं गांड मार लेता हूँ.फिर मैंने चची की गांड मारी. सच बता रहा हूँ दोस्तों.. उस रात मुझे बहुत मज़ा आया था.उसके बाद जितनी दिनों तक चाचा नहीं आये.. हम दोनों रोजाना चुदाई करते थे और उसके बाद जब भी मौका मिलता है हम उसे गंवाते नहीं हैं. अब चची को २ बच्चे भी हो गए हैं.. और वे दोनों ही मेरे हैं.