Tuesday, May 11, 2021

Nepali bhabhi ki chudai ki kahani - Hindi sex story

 Bhabhi ki chudai ki kahani :- दोस्तों आज जो घटना मैं आप सब दोस्तों के साथ शेयर करने जा रहा हूँ. वो एक सच में मजेदार और कमल की घटना है. मैंने कभी सोचा नहीं था की मैं इस तरह कवर होता हुआ भी. एक जवान औरत के पति और उसके बचो का बाप बन जाऊंगा.मेरा नाम मोहन है और मैं इंडिया से नहीं नेपाल से हूँ. 

 

Neplai bhabhi ki chudai ki kahani 

मैं indian sex story का बहोत ही बड़ा फैन है. वो सब पढ़ कर अब मेरे अंदर इतनी हिम्मत आ गयी है की मैं आज खुद के साथ हुए एक सच्चे कांड को आपके साथ शेयर जरूर कर सकता हूँ.दरसल दोस्तों ये बात आज से १० साल पहले की है. जब मेरी गोवेर्मेंट जॉब लगी थी.

 

 मेरी पोस्टिंग नेपाल के नार्थ वाले इलाके में एक शहर के बीचो बिच हो गयी. मेरी जॉब बहोत ही अछि चल रही थी पर मेरे पास रहने को कोई घर नहीं था.इसलिए मैंने वहां एक रेंट पर घर देखा. मुझे एक तीन मजिल वाली बुल्डिंग मिली. जिस पर मैं सबसे ऊपर वाले फ्लोर पर रहता था. 

 

उस ईमारत के सबसे निचे वाले फ्लोर पर एक ओल्ड आगे फॅमिली रहती थी. शायद वो इस लिए निचे रहते थे की उन्हें बार बार निचे ऊपर न होना पड़े.सेकंड वाले फ्लोर पर एक छोटी सी फॅमिली रहती थी. जिसमे एक हस्बैंड वाइफ और उनके दो लड़के जो अभी छोटे थे वो वहां रहते थे. 

 

Nepali bhabhi ki chudai ki kahani
Nepali bhabhi ki chudai ki kahani

 

 

उसका पति एक प्राइवेट कंपनी में लगा हुआ था. जो वहां से काफी दूर थी इसलिए वो महीने में दो या तीन बार बड़ी मुश्किल से घर आ पता था.मैं उसे भइआ कहता था और उसकी वाइफ को भाभी कहता था. जो वो मुझसे पहली बार मिला तोह हम दोनों काफी अचे दोस्त बन गए. उसकी उम्र करीब ५० साल हो गयी पर भाभी की उम्र मुझे ३५ से ज्यादा नहीं लगती थी. 

 

भाभी का नाम रीता था और वो बहोत ही ज्यादा खूबसूरत थी.जब भी भइआ घर आते थे तोह हम दोनों सुबह से शाम तक छत पर ही बैठे बातें करते रहते थे. जब वो आते थे तोह मैं छुट्टी कर लेता था. भइआ मुझे अपना छोटा भाई मानते थे और भाभी मुझे अपना देवर मानती थी.

 

Bhabhi ki chudai ki kahani :- उनके दोनों बचे मुझे चाचू चाचू कहते थे. मैं शाम को उनके साथ बहोत खेलता था और फिर रात को उनका होम वर्क भी कभी कभी करा देता था. इससे भाभी की मैं काफी हेल्प कर देता था. मैं उनके घर और सरे रूम में बिना किसी दर से आया जाया करता था.और भाभी और उसके बचे भी जब मर्जी मेरे घर आते जाते रहते थे. 

 

बल्कि उनके बचे स्कूल से आते ही मेरे घर आ जाते थे और मेरे साथ खेलने लग जाते थे. जब भइआ वापिस अपनी जॉब पर चले जाते थे तोह भाभी और बचे अकेले रह जाते थे.इसलिए शाम को छाए मेरे रूम या ऊपर छत पर ले आती थी. हम दोनों और बचे साथ ही छाए पीते थे. और भाभी मुझसे बातें करने लग जाती थी. मैंने कभी भी भाभी से भइआ के बारे में कुछ ज्यादा नहीं पूछा. 

 

वैसे मैं बता दूँ की भाभी बहोत ही सेक्सी और हॉट थी.भाभी की उम्र ३५ साल थी और वो दो बचो की माँ होने के बाद भी एक डैम परफेक्ट फिगर की मालकिन थी. भाभी का फिगर ३६-३०-३६ था उनके बूब्स थोड़े बड़े थे. पर एक डैम परफेक्ट थे कोई आम औरतो की तरह भाभी के बूब्स निचे नहीं लटके थे. बल्कि वो एक डैम खड़े हुए थे.भाभी कभी भी ज्यादा मेकअप नहीं करती थी. वो अपनी बड़ी बड़ी आँखों में हमेशा काजल और होंठो पर लाल या गुलाबी लिपस्टिक लगा कर रखती थी. ऊपर उसका सेक्सी फिगर किसी को भी अपन दीवाना बनाने के लिए काफी था.

 

वैसे तोह मैं भाभी की बहोत इजात करता था मैं हमेशा ही भाभी को भाभी की नजर से देखता था. पर एक दिन जो हुआ उस दिन के बाद मैं भाभी को सिर्फ छोड़ने के इरादे से देखने लग गया. उस दिन क्या हुआ अब वो मैं आपको बताता हूँ.हुआ कुछ ऐसे की मैं उस दिन जरा अपने ऑफिस से जल्दी घर वापिस आ गया था. उस टाइम करीब ११ बजे रहे थे. मैं ऊपर गया तोह देखा भाभी ऊपर छत्त पर कपडे धो रही थी. उन दिनों गर्मियों के दिन अभी शुरू ही हुए थे मैंने अपने रूम से चेयर उठायी और मैं भाभी के पास उनके सामने जा कर बैठ गया.मैंने उनसे बातें करना शुरू कर दिया मुझे नहीं पता था. 

 

की भाभी ने आज सिर्फ वाइट कलर का ब्लाउज डाला हुआ था. जैसे ही मेरा धयान भाभी के ब्लाउज पर गया तोह मेरा दिमाग ख़राब हो गया. मैं निचे से ऊपर तक पूरा का पूरा हिल गया. क्योकि मेरे सामने भाभी के आधे से ज्यादा नंगे बूब्स आ गए थे.ऊपर से वाइट कलर का ब्लाउज पूरा पानी से भीग चूका था. भाभी ने निचे ब्रा तक नहीं डाली थी. 

 

मेरा तोह दिमाग पूरी तरह से हिल चूका था मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था. मेरा तोह बस मन कर रहा था की मैं अभी के अभी भाभी के पास जॉन. और उनके बूब्स को अपने मुँह में भर कर बस चूस लून.फिर मैंने अपने आपको थोड़ा कण्ट्रोल किया और मैं खड़ा हो कर भाभी की हेल्प करने लग गया. भाभी कपडे धो रही थी और मैं खड़ा हो कर पानी गिरा रहा था. मेरा ८ इंच लम्बा और ३ इंच मोटा लुंड पूरा खड़ा हो चूका था.जो मेरी पंत में तम्बू बनाये हुए था इसलिए मैं एक हाथ पहले अपने लुंड को छुपा रहा था. और अपने एक हाथ से पानी कपड़ो पर गिरा रहा था. 

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मैं बिच बिच में जान भुझ कर भाभी के बूब्स के ऊपर पानी गिरा रहा था. जिससे भाभी के पुरे बूब्स एक डैम पुरे गीले हो चुके थे.उनका ब्लाउज पूरी तरह से बूब्स पर चिपक गया था और उनके निपल्स जो मुझे साफ़ साफ़ दिख रहे थे. मैं अपने लुंड को आपने आप हिलने लग गया था तभी मेरे लुंड का पानी एक बार निकल गया. 

 

और तभी भाभी जोर से बोली जिससे मैं अपनी सपनो की दुनिया से बहार आ गया. मैं डैम से दर चूका था. 

 

bhabhi ki chudai ki kahani:- अरे तुम ये क्या कर रहे हो देवर जी देखो मुझे पूरा गीला कर दिया.

 

मैं : भाभी आपके कपडे पहले से गीले थे.

 

भाभी: तू बहोत बदमाश है देख जरा मेरा सारा ब्लाउज पानी पानी कर दिया है तूने.ये कहते हुए उनके चेहरे पर एक अजीब सी स्माइल थी जिस देख कर मेरा लुंड फिर से खड़ा हो गया था.

 

 उनके सब्दो और कहने के अंदाज में कोई न कोई शर्त्त जरूर थी. जिस मैं समझ नहीं प् रहा था इससे पहले और कुछ होता. तभी स्कूल से उसके बचे आ गए. और फिर भाभी कपडे छोड़ कर अपने घर में चली गयी.भाभी के जाने के बाद मुझे अपने आप पर बहोत ज्यादा गुस्सा आ रहा था. 

 

क्योकि आज मैं अपने हाथ एक ाचा खासा चांस खो दिया था. फिर मैं अपने रूम में गया और भाभी के नाम की मुठ मर कर. मैंने आपने आप और अपने लुंड को शांत किया.उसके बाद कुछ दिन ऐसे ही निकल गए. 

 

एक दिन मैं शाम को घर आया तोह देखा की भाभी और उसके बचो में किसी बात को ले कर लड़ाई हो रही थी. जैसे ही उसके बचो ने मुझे देखा तोह वो चीला कर बोले.

 

बचे :चाचू चाचू आप आइए और मम्मी को उठा कर दिखाओ.मैं अंदर गया और भाभी मुझे देख कर मुस्कुराते हुए बोली हम्म खान उठा लेगा मुझे.

 

 तुम दोनों से तोह मैं उठ नहीं पायी अभी तक.

मैं : किसी बात कर रही हो भाभी मैं आपको आराम से उठा सकता हूँ.

 

बचे : हाँ चाचू आराम से आपको उठा सकते है. चलो चाचू मम्मी को उठा कर दिखायो जरा.

 

Desi sex story भाभी : चल आजा फिर मुझे जरा उठा कर दिखा.इससे पहले मैं भाभी को उठता निचे से उन बचो के दोस्तों ने उन्हें निचे बुला लिया. दोनों के दोनों बचे झट से निचे भाग गए सब कुछ भूल कर. अब रूम में मैं और भाभी ही बचे थे. मैंने भाभी के पीछे गया और भाभी कमर से पकड़ कर मैंने उन्हें ऊपर उठा दिया.

 

भाभी : अरे देवर जी ये आप क्या कर रहे हो ?

 

मैं : भाभी आपने तोह खा था की मैं आपको उठा कर दिखाऊं.

भाभी : हाँ चल अब ठीक है अब मुझे उतर.भाभी के कोमल और गरम जिस्म को छू कर मेरा लुंड पूरा खड़ा हो चूका था. मैंने धीरे धीरे इनके उतरना शुरू कर दिया. फिर मेरे हाथ उनके नंगे पेट से होते हुए ऊपर उनके बूब्स पर आ गए. मेरा लुंड उनके चुत्तर के पीछे में फस्स चूका था.मैंने भाभी के बूब्स को धीरे धीरे मसलने लग गया. 

 

जिससे भाभी की सांसे पहले से ज्यादा तेज़ होने लग गयी. पर अभी तक भाभी ने मुझे कुछ नहीं खा था मैंने धीरे से उनकी गार्डन पर किश किया.

 

भाभी : बस करो देवर जी ऐसे काम दिन में नहीं रात को होते है. रात तोह होने दीजिये प्लीज.ये कह कर उन्होंने अपनी गांड पीछे करि जिससे मेरा लुंड उनकी गांड में घुस गया. और फिर भाभी एक डैम से मुझे ढाका मर शरमाते हुए किचन में घुस गयी. मैं भी ऊपर अपने रूम में चला गया. भाभी की जवानी ने मुझे पागल कर दिया था.

 

मैं समझ गया की आज भाभी ने मुझे रात को चुदाई के लिए भुलाया है. मेरा लुंड पूरा का पूरा खड़ा हुआ था. अब तोह बस मैंने भाभी की छूट की चुदाई करनी थी. पर मुझे उसके लिए पहले रात होने का इंतज़ार करना था.मैं ऊपर छत पर दारू की बॉटल खोल कर बैठ गया और दारू पीने लग गया. 

 

क्योकि हलके नशे में सेक्स करने का अपना ही एक अलग मजा है.फिर बहोत इंतज़ार के बाद रात हो गयी. मैं रात को ९ बजे बहोत हिम्मत करके निचे भाभी के घर में गया. मैंने देखा की दरवाजा खुला है. 

 

 

मैं चुप चाप अंदर गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया.फिर मैं पहले बचो को देखा वो आराम से सो रहे थे. फिर मैं भाभी के बैडरूम में गया. मैंने देखा की भाभी वाइट कलर की ट्रांसपेरेंट निघ्त्य में बीएड पर बैठी बुक रीड कर रही थी. जैसे ही भाभी ने मुझे देखा तोह वो बोली.

 

भाभी : वह देवर जी वह रात होते ही आ गए. आयो बैठो और जरा दूर बंद करके ही आना अंदर.मैं भाभी की बात सुन कर समझ गया की आज भाभी पुरे मूड में है.

 

 मैं अंदर गया और दूर बंद अंदर से बंद कर लिया. मैंने उस दिन पहले से ही बहोत बड़ी गलती कर चूका था. आज मैं वो गलती फिर से नहीं करने वाला था.इसलिए मैं भाभी के बीएड पर बैठा और फिर भाभी को अपनी बाँहों में लेकर. मैं उसे जोर जोर से चूमने और चूसने लग गया. मैं तोह उनके गलो को चुम रहा था. पर भाभी शायद मुझसे ज्यादा बेताब हो रही थी.इसलिए उसने सीधा मेरे होंठो पर हमला बोलै और वो मेरे होंठो को जोर जोर से चूसने लग गयी. मुझसे अब और ज्यादा कण्ट्रोल नहीं हुआ. मैंने उसकी निघ्त्य को पकड़ा और उसके जिस्म से उतर दिया.भाभी ने भी मेरे जिस्म से मेरे कपडे निकल दिए. और वो मुझे नंगा करने में लगी हुई थी. 

 

कुछ ही देर में हम दोनों पुरे नंगे हो चुके थे.मैंने भाभी के दोनों बूब्स को पकड़ा और उसे जोर जोर से चूसने लग गया. दोनों बूब्स मैंने काफी अचे से जैम कर चूसे जिससे दोनों बूब्स एक डैम लाल हो गए.फिर मैंने भाभी के पेट को अपनी जीब से अचे से छठा और उसकी छूट पर मुँह लगा कर वो मुझसे अपनी छूट को चटवाने लग गयी. 

 

मैं उसकी छूट में अपनी जीब दाल दाल कर अचे से उसकी छूट को चाट रहा था.

 

भाभी :  देवर जी अब क्या अकेले चूसते ही रहोगे ?ये सुनते ही मैं ६९ की पोजीशन में आ गया और अब मैं भाभी की छूट चूस रहा था. भाभी मेरा लुंड चूस रही थी. कुछ ही देर में हम दोनों का पानी निकल गया.

 

उसके बाद हम दोनों रेस्ट करने लग गए. और कुछ ही देर में मेरा लुंड फिर से खड़ा हुआ और मैंने अब भाभी की टंगे खोली और अपना लुंड उसकी छूट में घुसा दिया. 

 

लुंड जैसे ही अंदर गया तभी भाभी के मुँह से आठ की आवाज आयी और बोली.

 

भाभी : अरे देवर जी तुम्हारा तोह बहोत लम्बा और मोटा है. इसने मेरी फाड़ कर रख दी है. तेरे भइआ का तोह इससे आगे कुछ भी नहीं है.फिर मैंने और भाभी ने मिल कर चुदाई का मजा करीब ३० मिनट तक लिए. 

 

उसके बाद हम दोनों का पानी भाभी की छूट के अंदर ही निकल गया.हम दोनों एक दूसरे को प्यार करते करते सो गए. अगले दिन जब मैं उठा तोह देखा की भाभी मेरा लुंड चूस चूस कर खड़ा कर रही है.

 

भाभी : मेरे पतिदेव गुड मॉर्निंग. जान आज से तुम मेरे पति और मेरे बचो के बाप हो.ये सुनते ही मैंने उसके होंठो को चूस लिया. दोस्तों उस रात के बाद मैं अब भाभी के साथ ही रहता था. भाभी अब अकेले में मेरी वाइफ बन कर रहने लग गयी.आज भी मैं उसको पति बना कर छोड़ रहा हूँ.

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