Wednesday, May 12, 2021

Us din mera pyara devar ne mujha choda - devar bhabhi ki chudai

devar bhabhi ki chudai ki kahani

 

devar bhabhi ki chudai ki kahani :- नाज़िया. मई पहली बार इस साइट पे अपनी कहानी लेकर आयी हु. ये कहानी मेरी और मेरे देवर फैसल की है जिससे मई बहुत ज़्यादा प्यार करती हु.बात तब की है जब शादी के बाद मेरे पति अब्रॉड गए थे. उस दिनों मेरे पति का कजिन फैसल हमारे घर आया हुआ था कुछ दिनों के लिए. वो हमारे घर रहने आया था.

 

 घर में मई और मेरे बुड्ढे सास-ससुर ही रहते थे.घर में मेरे साथ हस्सी-मज़ाक करने वाला कोई नहीं था. इसलिए मई घर में बहुत बोर हो जाती थी. उसके हमारे घर में आने से ऐसा लगा जैसे मुझे कोई सहारा मिल गया.मेरे सास-ससुर बड़े धार्मिक थे और हमेशा अपनी इबादत में लगे रहते थे. इस वजह से उन्हें मेरी या मेरे देवर की कोई चिंता नहीं थी. मई और मेरा देवर भाई-बहिन की तरह रहते थे लेकिन वक़्त को कुछ और ही मंज़ूर था.मेरे देवर के रिश्ते की बात चल रही थी जो बाद में टूट गयी.

 

 रिश्ता टूटने के बाद मैंने देखा की वो बहुत अपसेट रहने लग गया था. फिर मैंने उसको अपना कुछ वक़्त देना चाहा. वो बहुत ही शर्मीला था और मुझे उसको कुछ होंसला देना था.फिर मई उसको समझाने लगी-मई: देखो फैसल एक रिश्ता टूटने से तुम्हे कमज़ोर नहीं होना है.जब मई उसको समझा रही थी तो वो बहुत मायूस फील कर रहा था. फिर मैंने सोचा की उसको गले से लगा कर होंसला दू जिससे उसको भी ाचा लगेगा.

 

devar bhabhi ki chudai ki kahani
devar bhabhi ki chudai ki kahani

 

 

 इसलिए मैंने उसको हुग कर लिया लेकिन पता नहीं ऐसी क्या बात थी जिसकी वजह से मेरा दिल उसको अपने गले से दूर करने के लिए मान ही नहीं रहा था.फिर अचानक मेरे मैं में फैसल के साथ सेक्स के लिए उमंग जागने लग गयी. वो बेचारा मुझे हाथ भी नहीं लगा रहा था और मुझे बहिन समझ कर उसने गले लगाया हुआ था.मैंने उसको आधे घंटे तक अपने गले से लगाया हुआ था और ऐसे ही हमें पता ही नहीं चला की हम कब सो गए. रात को जब मेरी आँख खुली तो मैंने देखा की मेरे हाथ में उसका लुंड था. मुझे भी उसका लुंड चाहिए था लेकिन मई उसको अभी और आज़माना चाहती थी. 

 

क्युकी मई जानती थी की वो मेरे जाल में फसने वाला था.फिर मैंने अपनी पंतय उतार दी और अपनी छूट को उसके लुंड के साथ लगा कर और उसको बाहो में लेकर फिरसे सो गयी. मुझे बिलकुल नींद नहीं आ रही थी. फिर मैंने उसके होंठो पर किश की और अपने आप को कण्ट्रोल करके जैसे-तैसे सो गयी.सुबह जब वो उठा तो अपना लुंड मेरी छूट से चिपका और अपना हाथ मेरे बूब्स पर देख कर शर्मा गया. 

 

devar bhabhi ki chudai ki kahani :- उसने जल्दी से अपना लुंड अपनी लुंगी में छुपा लिया और मुझे सॉरी कहने लगा रात में मेरी बाहो में सोने के लिए.लेकिन अब मुझे उसका लुंड चाहिए थे और मई उसके लुंड का पानी पीना चाहती थी. मई उसको अपनी प्यारी सी छूट का पानी पीला कर उसके टूटे हुए दिल को जोड़ना चाहती थी और उससे छोड़ना चाहती थी. इसके लिए मई सही वक़्त का इंतज़ार करने लग गयी.

 

जब मैंने अपने हस्बैंड को फ़ोन पर फैसल के टूटे हुए दिल के बारे में बताया तो उन्होंने मुझसे कहा की मई ऐसे वक़्त में फैसल को अचे से सँभालु. मतलब मुझे एक तरह का ग्रीन सिग्नल मिल गया था उसके पास जाने के लिए.अब मई उससे हर हाल में अपनी चुदाई करवाना चाहती थी. फिर मई जान-बूझ कर उसको अपने बूब्स दिखाने लगी और उसके सामने ही अपनी छूट सहलाने लग गयी. मैंने ये महसूस किया था की वो भी अब मेरे जाल में फास्ट जा रहा था.वो अब मुझे चुपके से देखने की कोशिश करता था. 

 

एक बार मई जान-बूझ कर उससे बाते करने के बहाने से निघ्त्य पहन कर उसके कमरे में गयी. nighty एक-दम ट्रांसपेरेंट थी. फिर हम इधर-उधर की बाते करने लग गए. फिर अचानक मैंने उससे पुछा-मई: जब उस दिन तुम्हारा रिश्ता टूटा था तो तुम इतना नर्वस क्यों थे?

 

उसने कहा: मुझे एक ऐसे पार्टनर की ज़रुरत है जो मुझे अचे से समझ सके.और ये बोल कर वो फिरसे रोने लग गया. मैंने भी मौके का फ़ायदा उठाते हुए उसको अपनी बाहो में ले लिया. इस बार बेकाबू हो गया और मुझे किश करने लग गया. उसने मेरे होंठो का रस पीना शुरू कर दिया और मैंने उसको बिलकुल भी नहीं रोका.आज मई उसको पूरी तरह से चेक करना चाहती थी की वो कहा तक पहुँचता है. 

 

मई उसको नहीं रोक रही थी तो उसने मेरे गाउन में हाथ डाला और मेरा नाडा खोल कर गाउन मेरे बदन से अलग कर दिया.अब मई उसके सामने सिर्फ ब्रा और पंतय में थी. फिर उसने मेरी ब्रा भी उतार दी और मेरे बूब्स चूसने लग गया.

 

 फिर वो धीरे-धीरे मेरी पंतय तक पहुँच गया और मेरी पंतय भी उतार दी और मेरी chut चाटनी शुरू कर दी.अब वो मुझे चूसे जा रहा था और उसके बदन पर अभी भी कपडे वैसे ही थे. मई जान-बूझ कर सटी-सावित्री बन रही थी. उसी वक़्त दरवाज़े पर किसी के खत-खटाने की आवाज़ आयी. मई एक-दम से आवाज़ सुन कर डर गयी क्युकी मई पूरी नुदे थी.

 

devar bhabhi ki chudai ki kahani :- मेरा लाडला देवर भी डर गया था की अचानक इस वक़्त कोण आ गया. उसने मुझे जल्दी से अपने बाथरूम में कपडे पहनने के लिए भेजा और खुद दरवाज़ा खोलने चला गया.दरवाज़े पर मेरी सास आयी हुई थी क्युकी मेरे ससुर को दिल का दौरा पद गया था.

 

 मेरा देवर ये बात सुन कर भागते हुए मेरे ससुर को देखने गया. जैसे ही वो दोनों रूम से बाहर हुए मई भी भाग कर बिना कपड़ो के अपने रूम की तरफ भागी. क्युकी मेरे देवर ने जब मेरे कपडे उतारे थे तो पूरे फाड़ दिए थे.कपडे फाटे होने के कारण पहनने के लायक नहीं रहे थे. मई जल्दी-जल्दी से अपने कमरे में गयी और दूसरी निघ्त्य पहन कर अपनी सास के कमरे में चली गयी. 

 

वह पर डॉक्टर को चेक उप के लिए बुलाया गया था.डॉक्टर ससुर जी को चेक कर रहे थे और हम सब लोग बहुत परेशान थे. डॉक्टर ने कहा की ससुर जी को हॉस्पिटल में एडमिट करना पड़ेगा. इसलिए हम सब ससुर जी को लेके हॉस्पिटल चले गए.हॉस्पिटल में ससुर जी को एडमिट किया तो पता चला की हॉस्पिटल में पेशेंट के साथ सिर्फ एक पर्सन ही रुक सकता है. मेरी सास ने कहा की वो ससुर जी को छोड़ कर कही नहीं जाएंगी.

 

 फिर सलूशन ये निकला की सासु माँ ससुर जी के साथ हॉस्पिटल में रहेंगी और मई अपने देवर के साथ घर जाउंगी.डॉक्टर ने हमें कहा: तुम लोग भी दोपहर में ही आना क्युकी यहाँ पर रुकने का कोई चांस नहीं है.फिर मई और फैसल घर वापस आ गए और अपने-अपने कमरे में सोने के लिए चले गए.

 

 मैंने हमेशा की तरह अपना हॉट नाईट-गाउन ही पहना था. उस गाउन में मेरा ७०% जिस्म साफ़ दीखता था.मुझे नींद नहीं आ रही थी और मई अपने बिस्तर पर फैसल के लुंड के बारे में सोच-सोच कर करवाते बदल रही थी. तभी अचानक मेरा प्यारा देवर मेरे कमरे में आ गया और कहने लगा-

 

फैसल: भाभी मुझे भी नींद नहीं आ रही है.तब मैंने उसको अपने पास बुलाया और अपने ही बिस्तर पर उसको सोने के लिए बोलै. आज मैंने उससे छोड़ने का पक्का इरादा किया हुआ था और अपने इरादे को कामयाब करने के लिए उसको अपने पास तो लाना ही था.मई उसका हाथ अपने हाथो में लेकर सहलाने लगी और ये ज़ाहिर करने लगी जैसे हम दोनों ही सोने की कोशिश कर रहे थे लेकिन नींद हमसे कोसो दूर थी. 

 

फिर मैंने फैसल से पुछा-मई: तुम्हे आज क्या हुआ था जो तुम मेरे साथ खेल रहे थे.

 

इस्पे उसने कहा: पता नहीं लेकिन जब तुमने सहारा दिया तो मुझे लगा की शायद तुम ही मेरी सच्ची दोस्त हो और मेरे अरमानो को समझती हो. तो इसीलिए मुझसे ये गलती हो गयी.

 

devar bhabhi ki chudai ki kahani : - तब मुझे लग रहा था की मेरा बकरा मुझे नहीं मिलेगा तो मैंने उसको कहा-मई: अरे इसमें सॉरी की कोई बात नहीं है. जब हम दोस्त है तो ऐसी बाते तो होंगी ही ना.और ये बोल कर मैंने उसको फिरसे हुग कर लिया और उसके होंठो पर एक प्यारी सी किसी दे दी. इस बार मई उसको छोड़ना नहीं चाहती थी चाहे कुछ भी हो जाता और वो कुछ भी समझ लेता.

 

फिर ऐसे ही एक-दुसरे की बाहो में ५ मिनट गुज़ारने के बाद उसने मुझे फिरसे किश करना शुरू कर दिया. इस बार मई भी उसका साथ दे रही थी. फिर धीरे-धीरे उसने मेरा गाउन उतरा और मैंने भी उसके कपडे उतार दिए.अब मई उसपे टूट पड़ी और उसका लुंड चूसने लग गयी और मैंने उसको कहा-मई: ी लव यू मेरी छूट के राजकुमार.और वो मेरी छूट चाटने लग गया. अब वक़्त था मेरी चुदाई का.

 

 हम दोनों भूखे प्यासे थे और वो भी पहली बार चुदाई का स्वाद चखने वाला था इसलिए उसको ये सब जैम नहीं रहा था.मैंने उसको अपनी दोनों टांगो के बीच में पोजीशन लेने को कहा और उसकी कमर के चारो तरफ अपनी टांगो को लपेट कर उसके लुंड को अपनी छूट पर सेट कर लिया. फिर मैंने उसको लुंड को करने को कहा

 

.जैसे मैंने उसको बोलै उसने वैसा ही किया. उसका लुंड मेरी छूट के अंदर था और अब उसको भी मज़ा आने लगा था. अब वो धीरे-धीरे अपना लुंड मेरी छूट के अंदर-बाहर करने लग गया था. वो मुझे chod रहा था.मई आह्हः.. कर रही थी और मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. काफी दिनों के बाद मुझे लुंड का स्वाद मिल रहा था. 

 

devar bhabhi ki chudai ki kahani:- मई उससे पूरी तरह संतुष्ट होना चाहती थी. कितने प्यार से वो मुझे छोड़ रहा था और आखिर में हम दोनों एक साथ ही डिस्चार्ज हो गए.उस रात उसने मुझे ३ बार छोड़ा. अब हम दोनों रोज़ चुदाई करने लग गए थे. मेरी सास को पता भी नहीं था की उनका भांजा उनकी बहु की रोज़ प्यास बुझाता है और वो भी बड़े चाव से. मेरे हस्बैंड को भी नहीं पता की उसका कजिन कैसे उसकी कमी को पूरा करता है.

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