Sunday, April 25, 2021

[Hindi sex story] - mausi ki jabardasti chudai ki kahani in PDF

jabardasti chudai ki kahani

mausi kijabardasti  chudai ki kahani :- ही गाइस मैं देव कुमार शर्मा एक बार फिर से हाजिर हूँ आपके लिए अपनी एक और रियल स्टोरी को लेकर. मेरे सभी लुंड धरी दोस्तों और chut की रानियों को मेरे खड़े लुंड का नमस्कार.तोह फ्रेंड्स ये कहानी है मेरी और तनीषा मौसी की जबरदस्त चुदाई की. आपने मेरी पहली की स्टोरी में पढ़ा होगा की मैं अपनी मौसी तनीषा को पहले छोड़ चूका हूँ.पर दोस्तों अब मौसी का जिस्म ही ऐसा है की हर बार उन्हें छोड़ने का एक अलग ही मजा आता है. इसलिए आप के साथ ये मैं शेयर कर रहा हूँ ताकि आप भी अपने लुंड या छूट को मसल सके.तनीषा मेरी सगी मौसी है वो मेरी माँ से छोटी है.

 ये कहानी ४-५ दिन पहले की है तनीषा मौसी की आगे ३७ साल है और मेरी उम्र २८ साल है. मौसी के बूब्स ३४ के है और उनकी उम्र ३० की और गांड ३६ की है.मेरे लुंड को कुछ दिन पहले ये ठरक छड़ी की मौसी को बहोत दिन से नहीं छोड़ा नहीं है चलो अब उन्हें छोड़ा जाये. फिर मैं रात को मौसी के घर पहुंच गया मुझे देख कर मौसी बहोत खुश हो गयी और वो समझ गयी की मैं उनकी छूट छोड़ने के लिए आया हूँ.मौसा जी भी वहीं पर थे वो मुझसे बोले :अरे देव आयो तुम्हारा यहाँ कैसे आना हुआ सब ठीक है ना?

मैं : हाँ मौसा ज सब ठीक है मुझे यहाँ सुबह कुछ काम था इसलिए रात को आपके घर आ गया.

मौसा जी jabardasti chudai ki kahani : ाचा किया खाना खा लो हाथ मुँह धो कर.मैं undefined नहीं मैं खा कर ही आया हूँ.

मौसा जी : ठीक है फिर आराम कर लो.मैं उठ कर गुड्डू (मौसी का ७ साल के लड़का) के पास उसके रूम में चला गया. मौसी भी मेरे पीछे पीछे आ गयी मौसी ने नाईट गाउन पहना हुआ था. वो एक डैम मस्त लग रही थी और मेरा लुंड पहले से ही खड़ा हुआ था.

मौसी : शहर में कुछ काम है या मुझसे कुछ काम है?

मैं : जानेमन तुझसे ही तोह काम है मैं यहाँ तेरी ही छूट का मजा लेने आया हूँ. आजा अभी पटक कर तुझे छोड़ देता हूँ.

मौसी : चुप कर बेहेन chod वो न मर्द है. अभी तोह सुबह अचे से छोड़ना मेरी छूट को ठंडी करना मेरे राजा.

मैं : ठीक है मेरी रैंड.मौसी इतना बोल कर चली गयी और मैं भी बिस्तर पर लत गया. फिर मैं अपनी वाइफ से चुदाई की बातें करने लग गया रात में बात करते हुए मैं कब सो गया मुझे पता तक नहीं चला.सुबह मौसी रूम में आयी तब तक गुड्डू भी स्कूल जा चूका था.

मौसी : देव उठ जा मौसी को छोड़ ले उठ ये छाए पि ले.मैं नींद में ही बोलै undefined आठ आह जान तेरा गांडू पति ऑफिस गया या नहीं?

मौसी : धीरे बोल कमी अभी वो यहीं पर है.मैं उठा और मौसी के हाथ से चले ली लेते हुए मैंने मौसी का हाथ पकड़ कर अपने लुंड पर रखवा दिया. मैंने सिर्फ अंडरवियर ही पहना हुआ था और मेरा लुंड पूरा खड़ा हुआ था.

मौसी : रुक जा बहनचोद थोड़ी देर रुक जा.मैं फिर कपडे पेहेन कर छाए पिता हुआ बहार हॉल में आ गया. मौसा जी अपने शूज के लेस्स बंधे थे फिर वो सोफे पर बैठ गए. फिर मौसी ने उन्हें एक कप छाए दी और वो छाए दे कर किचन में चली गयी.मौसी आज सुबह नाहा कर पूरी तरह से छोड़ने के लिए रेडी थी. उन्होंने ब्लैक साड़ी और ब्लाउज पहना हुआ था. उनके बाल गीले थे इसलिए उन्होंने सर पर टॉवल लपेटा हुआ था. मौसा जी और मेरी छाए एक साथ ख़तम हुई और फिर वो बोले.

मौसा :चलो देव मैं ऑफिस में चलता हूँ और शाम तक आ जाऊंगा गुड बाई.

मैं : गुड बाई मौसा जी मैं भी अपना काम ख़तम करके घर को निकल जाऊंगा.मौसा undefined ओके बीटा.और ये कहते हुए वो बहार निकल गए मैंने बहार देखा की मौसा जी चले गए है. 

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फिर मैंने door बंद किया और अंदर से लॉक कर लिया. फिर मैं सीधा किचन में गया और मैंने देखा की मौसी किचन में काम कर रही है.मैंने पीछे से मौसी को पकड़ कर उनकी नैक पर किश करना शुरू कर दिया और मैं बोलै : उफ़ साली मरडोद यहाँ लुंड को प्यास लगी है और तू मुझे तड़पा रही है.मौसी मेरी तरफ पलट कर बोली undefined मई खान तड़पा रही हम तड़पा तोह आप मुझे रहे है. कितने दिन हो गए तेरा लुंड मेरी छूट में नहीं गया. ाचा ये बातो वो ऑफिस चले गए ना?

मैनी : वो चला है तभी तोह मैं किचन में आया हूँ.फिर मैं मौसी को पकड़ कर लिप्स चूसने लग गया.

मैं : उम् साली क्या सॉफ्ट लिप्स है तेरे कुटिया..और मैंने मौसी के सर से टॉवल निकल कर उनके बाल खोल दिए. और मौसी के गीले बाल पकड़ कर मैं उन्हें किश करने लग गया.

Mausi ki jabardasti chudai ki kahani

 

मैं : उफ्फ्फ साली आज तोह छोड़ने के लिए तू सुबह से ही नाहा कर तैयार हो गयी है. तू रंडी है साली बहोत भूक है ना तुझे मेरे लुंड की?

मौसी : हाँ क्या करूँ मेरे राजा तेरे लुंड का अलग ही मजा है. आज मेरी छूट की प्यास मिटा दे उफ्फ्फ बीटा आठ आठ.मैंने मौसी को गोद में उठाया और मैं उन्हें बैडरूम में ले आया और बीएड पर पटक कर मैं उनके ऊपर चढ़ गया.

मौसी : आठ आह सेल बेहेन छोड़ जब से तेरी शादी हुई है तू तोह मुझे भूल ही गया कुत्ते.

मैं : मेरी जान तुझे भूल जाता तोह अभी तेरे ऊपर नहीं हॉट साली मैं खुद अपनी वाइफ को बोल कर आया हूँ की आज मैं मौसी को छोड़ने जा रहा हूँ.अब मैंने मौसी की साड़ी ऊपर करि और उनकी तइस पर मैं किश करने लग गया. उफ्फ्फ एक डैम चिकनी तइस थी और उस चिकनी तइस पर खिड़की में से आ रही सूरज की रौशनी से वो और भी ज्यादा गोरी दिख रही थी.मैं तइस पर किश करता हुआ और हलके हलके बाईट भी कर रहा था.मई undefined ुम अह्ह्म्म मुआ.

मौसी : उफ्फ्फ बीटा अहह कुत्ते.मैंने मौसी की साड़ी और ब्लाउज को पूरा खोल दिया और अब मौसी मेरे शामे ब्रा और पेटीकोट में थी.

मैं : आठ हह साली तेरे बूब्स क्या मस्त है.फिर मैं बूब मसलने लग गया मौसी बोली : अह्ह्हो ओह्ह बेटे आठ तू रोज आया कर ना बहोत मजा आता है तेरे साथ तेरे मौसा तोह न मर्द है साला हिजड़ा खिन का.

मैं मौसी की ब्रा निकलते हुए बोलै undefined साली रैंड तेरा पति इतना ही न मर्द है तोह उसके सामने चुद ले मुझसे उसे ही पता चल जायजा की चुदाई किसे कहते है.

मौसी : आठ अहह मैं तोह चाहती हूँ की वो नामर्द हमारी चुदाई देख कर अपनी लूली को हिलाये.मैं मौसी के बूब्स को मसल रहा था तोह कभी उस पर थपड मरता तोह कभी उसे मुँह में ले कर चुस्त. मौसी इस सब का बड़ा मजा ले रही थी.

Mausi ki jabardasti chudai ki kahani :- उफ्फ्फ मरदारचोद साले मर मत हरामी चूस इन्हे.

मैं : साली कुटिया तू मेरी रंडी है जो मर्जी करू मैं तेरे साथ. साली तू होती कोण है मुझे बोलने वाली मरदारचोद रंडी बेहेन की लोदी.मौसी undefined हाँ देव मैं तेरी रंडी हूँ कुत्तिया हूँ मरदारचोद चूस इन्हे अब.मैं बूब्स को मुँह में ले कर चूसने लग गया और अपने हाथ से मौसी का पाटिकट खोल दिया और हाथ को पंतय में दाल दिया.

मैं : अहह साली रैंड तेरी छूट तोह बहोत गीली है कुटिया.मौसी undefined क्या करूँ रात को भी बिना लुंड लिए सोई हूँ ाचा नामर्द मिला है मुझे साला हिजड़ा.

मैं : साली रैंड वो नामर्द है तभी तोह मेरा लुंड तेरे लिए है. अगर वो नामर्द नहीं होता तोह तू मेरे लुंड पर कैसे आती रंडी साली और मौसी की chut के डेन को मसलने लग गया.

मौसी : आठ आह बीटा उफ़ आह मेरी छूट बहोत प्यासी है बीटा हम्म्म आठ छोड़ दे इसे फाड् दे कुत्ते मादरचोद हम्म्म.अब मैंने भी अपने कपडे उतरे और उसके बाद मौसी की पंतय को मैंने खोल दिया. 

मैं सिर्फ अंडरवियर में था और मौसी पूरी नंगी हो गयी. मेरे अंडरवियर में से मेरा ६.५ इंच का लुंड पूरी तरह से बहार आ रहा था.मौसी मेरे लुंड को पकड़ कर बोली undefined उफ़ क्या मस्त लुंड है तेरा कितना बड़ा है ये पहले से और भी बड़ा हो गया है.मैंने मौसी को सीधा किया और उसके दोनों पेअर के बिछे में बैठ कर मैं उनकी छूट को चाटने लग गया. 

मैंने जैसे ही मौसी की छूट पर जीब रखी मौसी की सिसकारी निकल गयी.

मौसी : आठ आठ मरदारचोद आठ.मैं छूट को लपा लैप छूट चाटने लग गया मौसी: अहह आह चाट बीटा उफ्फ्फ चाट मेरी छूट बहोत दिन से प्यासी है. साला वो नामर्द तोह छत्ता ही भी अहह आह चाट.मैं छूट को ऊँगली से फाइअ कर अंदर से जीब घुसा रहा था.

 मौसी : आठ आह बहनचोद और चाट आठ यह.और वो मेरा सर पकड़ कर छूट में दबाने लग गयी. मैं ऐसे ही मौसी की छूट को चाट रहा था जैसे कोई मैं कुत्ता हूँ. और मैं मौसी जैसे सातवे आस्मां पर थी.

मौसी बहोत ही ज्यादा मचल रही थी और सिसकिया ले रही थी. अचानक मौसी ने मेरा सर जोर से पकड़ कर छूट में दबा दिया और उनकी छूट में से रस निकलने लग गया.

मैं : साली रंडी क्या मस्त सवाद है तेरी छूट का.

मौसी : आठ आठ बीटा तू रोज चाट चाट कर मजा लिया कर तेरे लिए ही है ये मेरी छूट अहहह्म्म.

मैं : चल रंडी अब मेरे लुंड को लेने के लिए रेडी हो जा.

मौसी : आह दाल दे हरामी मैं कब मन कर रही हूँ तू तोह रोज डाला कर अपना लुंड मेरी छूट में.फिर मैं अपना अंडरवियर निकल कर मौसी के ऊपर लत गया मौसी मेरा लुंड को देख कर उसे हाथ में पकड़ कर बोली.

Mausi ki jabardasti chudai ki kahani मौसी : आठ क्या मस्त लुंड है तेरा अहह उम्.अब मैं मौसी के ऊपर लत गया और मौसी के दोनों पैरो को मैंने ऊपर कर अपना लुंड छूट के छेड़ पर रख दिया. मौसी अपने हाथ से अपनी गीली छूट को मसल रही थी. मैंने अपने लुंड को छूट के ऊपर रगंडा शुरू कर दिया.

मौसी : अहह अहह मरदारचोद कुत्ते दाल दे मेरी छूट में हरामजादे उफ्फ्फ बहोत मस्त लुंड है तेरा.

मैं : आठ मेरी रैंड ये ले कुत्तिया चैनल रंडी.और मैंने अपने लुंड को छूट में प्रेस करना शुरू किया और लुंड को आधा छूट के अंदर घुसा दिया. मौसी की छूट मेरे लुंड से चुद चुद कर पहले ही खुल चुकी थी और गीली भी हो गयी थी.मेरा लुंड आसानी से अंदर चला गया था पर जब मेरा लुंड मौसी की छूट में गया तोह मुसुई की सिसकिया निकल उठी.

मौसी : आठ अहा देव आठ बहनचोद उम् आठ बीटा.मैं अपने लुंड को और प्रेस करने लग गया और धीरे धीरे मैंने अपना लुंड छूट में पूरा गुसा दिया.

मौसी : उफ्फ्फ देव आठ अहह बहनचोद उम् आठ बीटा.मैं अपने लुंड को और प्रेस करने लग गया और धीरे धीरे मने अपना लुंड छूट में पूरा घुसा दिया.

मौसी : ुई माँ उफ्फ्फ मरडोद कुत्ते तू ही मेरा पति है होता तोह मजा ही आ जाता आठ मेरा पति तोह साला गांडू है.मैं अपने लुंड को अब धीरे धीरे छूट में रगड़ने लग गया और मैं बोलै साली रंडी उफ्फ्फ तेरी छूट आह्हः अहह  आठ छोड़ बीटा छोड़ मेरी छूट छोड़ दे आह अहह मा ओह्ह एस यस.मैं अपने लुंड को छूट में अंदर बहार रगड़ने लग गया और मौसी भी मेरा पूरा साथ दे रही थी. 

मौसी भी पूरी तरह से हिल हिल कर मारा लुंड छूट में ले रही थी.

मौसी : अहह अहह ओह यस आठ बीटा ुईं मा.ऐसा करीब ५-७ मिनट तक चला और उसके बाद मैंने अपनी स्पीड तेज़ कर दी. अब मैं मौसी को जोर जोर से छोड़ने लग गया.

मौसी : आठ अहह हरामी आह छोड़ मुझे ऐसे ही छोड़ मरडोद फाड़ दे मेरी छूट को उफ्फ्फ और जोर से छोड़ आठ अहह मा. सेल छोड़ ना मैं तेरी रंडी हूँ छोड़ मुझे .मैं अपनी पूरी ताकत से अपना लुंड मौसी की छूट में पेल रहा था.

jabardasti chudai ki kahani :- Chachi ki jabardasti chudai ki kahani

मौसी : मरदारचोद अंदर मत गिरा देना.और मैंने अचानक से अपना लुंड छूट से बहार निकला और मौसी के बूब्स के तरफ कर दिया. मैं मुठ मर कर अपने लुंड का पानी मौसी के बूब्स पर निकल दिय्या मेरा पूरा पानी मौसी के बूब्स पर निकला गया.मौसी मेरे इतने सरे पानी को निकलता देख कर बोली  उफ्फ्फ इतना सारा पानी  बीटा मजा आ गया.

फिर कुछ देर बाद मैंने मौसी के पेटीकोट से अपने लुंड और मौसी को साफ दिया. अब हम दोनों नंगे ही बीएड पर कुछ देर लेते रहे.

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