Friday, May 8, 2020

Bhabhijann K Sath Meri Phali Chudai ki Sex story

Y story Devar Bhabhi Ki Chudai Ki Khani iss khani m bhabhi jaan mujha patana ki koshish kerti h or muhj se chudai kerna ko khati.

Devar Bhabhi Ki Chudai
Devar Bhabhi Ki Chudai
 
हैलो दोस्तो … मेरा नाम सोनू (बदला हुआ नाम) है. मैंने अभी कॉलेज की पढ़ाई खत्म की है. मैं अपनी सेक्स कहानी पहली बार अन्तर्वासना पर भेज रहा हूँ … तो ये लाजिमी है कि इसमें गलती हुई होंगी. प्लीज़ मेरी आपसे दरखास्त है कि सेक्स कहानी में हुई गलतियों को नजरअंदाज कर दीजिएगा.

Bhabhi ki chudai

मेरी उम्र 21 साल है … मैं गुजरात से हूँ. ये कहानी तब घटी थी, जब मैं 19 साल का था. मेरा जिस्म पतला है, लेकिन मैं देखने में बहुत आकर्षक हूँ और फुर्तीला हूँ. हालांकि मैं दिखने में ज्यादा गोरा नहीं हूँ … लेकिन बदसूरत भी नहीं हूँ.

मेरे लंड का साइज 7 इंच लम्बा है और ये 2.5 इंच मोटा है. यही मेरी खासियत है कि जो लड़की एक बार मेरे लंड को देख लेती है. मतलब कभी मुझे पेशाब करते समय किसी लड़की या आंटी भाभी मेरे लंड की एक झलक पा लेती है, तो वो मुझसे पटने की कोशिश करने लगती है.

ये सेक्स कहानी मेरी मेरे भाभी के साथ की है. मेरे भाभी का नाम सानिया (बदला हुआ नाम) है. उनकी फिगर ऐसी मस्त है कि देखते ही लंड खड़ा हो जाए. उनके चूचे बड़े बड़े और नुकीले हैं. मम्मों का साइज़ 32 इंच का है. भाभी की कमर 28 इंच की है … और उनके कूल्हे 34 इंच के हैं.

ये कहानी जब घटी, तब मैं उनके घर एक महीने के लिए रहने गया था. मेरा ये भाई, सगा भाई नहीं है. रिश्ते में ये मेरे दूर के रिश्तेदार वाला भाई है. मेरा भाई यानि भाभी का शौहर, ट्रक ड्राइवर की जॉब करता है, इसलिए उसका घर आने का कोई समय पक्का नहीं होता है.

Bhabhi ki chudai

जब मैं मेरे भाई के घर रहने गया हुआ था, तब मैं पहले सिर्फ मेरे भाई से ही बात करता था. क्योंकि मैं इससे पहले कभी भाभी से मिला नहीं था.

थोड़े दिनों में मेरी भाभी से अच्छी बनने लगी थी. मैंने जब से उन्हें देखा था, तब से मुझे उन्हें चोदने के ख्याल आ रहे थे.

मैं मन ही मन सोचता था कि कैसे करके भाभी को चोद लूं. धीमे धीमे मेरी भाभी साथ अच्छी बनने लगी थी. मेरा उनके साथ खुल कर हंसी मजाक भी होने लगा था.

एक दिन मैं घर के कमरे में बैठा था और भाई जॉब पर गया हुआ था. तब भाभी किचन में अपना काम निपटा रही थीं.
मैंने भाभी से कहा- भाभी आपकी फिगर बहुत अच्छी है.
उन्होंने कहा- हां मुझे पता है, लेकिन तू आज ऐसी बात क्यों कर रहा है.
मैंने कहा- आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो.
उन्होंने मुझसे कहा कि मैं तेरे भाई को कहूँ कि तू ऐसा कह रहा है.

Bhabhi ki chudai

मैं उनके इस उत्तर से थोड़ा डर गया. मैं भाभी को मनाने लगा कि भाभी मेरी बात का ये मतलब नहीं था … वो तो मुझे मन में आया कि आपकी तारीफ़ करनी चाहिए इसलिए मैंने ऐसा कह दिया.
भाभी बोलीं- मतलब तू मेरी झूठी तारीफ़ करने के लिए ऐसा कह रहा था.

अब मैं फंस गया था … तो मैं मामी को मनाने लगा.
थोड़ी देर तक भाभी को मनाने के बाद मुझे सफलता मिल गई. भाभी मान गईं और उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा- ठीक है, अब मस्का मत लगा, मैं तेरे भैया से कुछ नहीं कहूंगी.

उसके बाद मैं समझ गया कि भाभी मुझको डरा रही थीं दरअसल भाभी का कुछ मन दिखने लगा था. इसलिए मैं भाभी पर लाइन मारने लगा.

अब तक भाभी मेरे साथ ज्यादा खुल गई थीं. फिर एक दिन मैंने फिर से हिम्मत करके भाभी को कहा- मैं चोदना चाहता हूँ.
मैंने जानबूझ कर ये नहीं कहा था कि मैं भाभी आपको चोदना चाहता हूँ.

भाभी ने मुझे पहले बहुत डांटा, फिर मुझे ऐसे बोलने से मना कर दिया. मुझे समझ नहीं आया कि भाभी का क्या मन है, वो बातें करते वक्त तो बड़ी कामुक बातें करने लगती थीं, लेकिन जब चुदाई की बात करने की कोशिश की … तो भाभी ने डांट दिया.
मैं अपना सा मुँह ले कर चला गया.

Bhabhi ki chudai

उसके दो दिन बाद मैं नहा कर कमरे में बैठ कर टीवी देख रहा था. तब भाभी मेरे पास आईं और मुझसे बातें करने लगीं. आज भाभी मेरी पढ़ाई और दूसरी चीज़ों की बातें कर रही थीं.

फिर भाभी ने मुझसे पूछा- तेरी कोई गर्लफ्रेंड तो होगी ही.
मैं- नहीं है … मैं अभी सिंगल ही हूँ.
भाभी ने चौंक कर कहा- अच्छा अभी तक अकेला है.
मैं- हां.

भाभी- फिर तो तूने एक भी बार किसी के साथ रात नहीं गुज़ारी होगी?
मैं- मैंने एक भी लड़की साथ रात नहीं गुजारी और किसी के साथ अभी तक सेक्स नहीं किया. तभी तो मेरा मन हो रहा था.

भाभी ने मेरी बात पर ध्यान ने देते हुए कहा- मैं तुझसे एक बात कहूँ, तू किसी को कहेगा तो नहीं?
मैं- हां भाभी कहो न … मैं भला किसको कहूंगा.
भाभी- तू मुझे बहुत अच्छा लगता है. मैं तेरे साथ सेक्स करना तो चाहती हूँ … मगर मुझे लगता है कि कहीं तूने किसी से कह दिया, तो मेरी जिन्दगी खराब हो जाएगी.

मैं- फिर उस दिन आपने मना क्यों कर दिया था?
भाभी- बताया न कि उस वक्त तो मैंने सामने से तुम्हें कहा था कि मुझे ऐसा लगता था. लेकिन तुमने भी दुबारा से नहीं कहा था.
मैं- भाभी, आपकी डांट से मेरी फट गई थी. मुझे लगा था कि कहीं आप फिर से भाई से कहने की न कहने लगो.
भाभी- हां दरअसल मुझे भी थोड़ी घबराहट हो रही थी क्योंकि मैं अभी तक ऐसा किसी दूसरे के साथ नहीं किया है. मुझे भी अपनी इज़्ज़त की पड़ी थी. इसी लिए मैंने मना कर दिया था.
मैं- अच्छा … तो अब आपको अपनी इज़्ज़त की कुछ नहीं पड़ी है?
भाभी- उस समय मुझे वैसा लगा था, मगर जब मैंने सोचा कि तू तो इस घर का ही सदस्य है … तुझसे बात करूंगी, तो मुझे किसी बात की चिंता नहीं रहेगी.

Bhabhi ki chudai

इतनी बात खत्म होने के बाद मैंने तुरंत भाभी के पास जाकर उन्हें एक किस किया. भाभी ने कुछ नहीं कहा, तो मैंने अपने होंठों से उनके होंठों पर चूम लिया. भाभी खुश हो गईं.

मैंने अब भाभी को अपनी बांहों में भर लिया और उनके होंठों से अपने होंठों को मिला कर किस करने लगा. भाभी भी मेरे किस में मेरा साथ दे रही थीं. हम दोनों पांच मिनट तक यूं ही लिप किस करते रहे.

फिर मैंने भाभी से कहा- चलो कमरे में चलते हैं.
भाभी ने हामी भर दी और मैंने घर का मेन गेट बंद कर दिया. हम दोनों कमरे में आ गए. भाभी ने सारे दरवाज़े खिड़की बंद कर दीं.

अब मैंने फिर से उन्हें खींचा और किस करने लगा. उनका मुँह खोल कर मैंने अपनी जीभ उनके मुँह में डाल दी और उनको मेरी जीभ से चूसने लगा. मैं बड़े प्यार से भाभी की जीभ चूस रहा था और भाभी भी मेरे साथ मस्ती में लगी हुई थीं.

थोड़ी देर ऐसे ही करने के बाद मैं भाभी के सारे कपड़े एक एक करके उतारने लगा. भाभी के सारे कपड़े उतारने के बाद मैंने उन्हें गले लगा लिया और एक किस की.

अब उन्होंने मेरे कपड़े उतारने शुरू कर दिए और मुझे सिर्फ अंडरवियर में छोड़ दिया. वो अपलक मेरे खड़े लंड के उभार को देखने लगीं. मैंने लंड पर हाथ फेर कर इशारा किया.

Bhabhi ki chudai

भाभी हंस दीं और जैसे ही उन्होंने मेरे अंडरवियर को उतारा, तो भाभी चौंक गईं. मेरा लंड लम्बा और मोटा है … इसलिए भाभी की आंखें फट गई थीं. उन्होंने मेरा लंड पकड़ कर देखा तो लंड ने हिनहिना कर भाभी को नमस्ते की.

भाभी ने तुरंत ही बैठते हुए खड़े लंड को अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगीं.

‘आह’ मुझे भाभी से लंड चुसवाने में बहुत मज़ा आ रहा था. ऐसा लग रहा था, जैसे मैं जन्नत की सैर कर रहा होऊं.

कोई 5 मिनट तक ऐसे ही लंड चुसवाने के बाद मैंने उन्हें बेड पर पटक दिया और उनकी चूत सहलाने लगा. उनकी चूत सहलाते सहलाते मैंने अपनी एक उंगली उनकी चूत में डाल दी. वो आहह आहह की सिसकारियां लेने लगीं.

उसके बाद मैं भाभी की चूत चाटने लगा. जैसे ही मैंने भाभी की चूत को चाटना शुरू की, तो वो आहें भरने लगीं और मेरा सिर पकड़ कर चूत में दबाने लगीं. भाभी चुत चुसवाने के साथ में ‘उम्म्ह… अहह… हय… याह…’ की आवाज़ निकालने में लगी थीं.

करीब पांच मिनट ऐसे ही करने के बाद वो अपनी गांड उठाते हुए मेरे मुँह में ही झड़ गईं.

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उसके बाद मैं ऊपर होकर उनके मम्मों को चाटने लगा और उनके मम्मों को चूसने लगा. थोड़ी देर बाद मैं उनके ऊपर सीने पर चढ़ कर बैठ गया. मैंने अपना लंड उनके मुँह में दे दिया, तो भाभी लंड चूस कर गीला करने लगीं. मैं भी कमर हिला कर उनके मुँह को फिर से चोदने लगा.

थोड़ी देर में ही मेरा लंड गीला हो गया था. मैंने नीचे उतर कर उनको पलंग पर पीठ के बल चित लेटा कर उनके पैर हवा में फैला दिए. चुत का मुँह लपलप करते हुए लंड लंड कर रहा था.

मैं अपना लंड उनकी चूत पर रगड़ने लगा, तो भाभी कहने लगीं- अब मुझसे रहा नहीं जा रहा है … तू जल्दी से लंड मेरी चुत के अन्दर डाल दे.
मैंने उनकी इच्छा को समझते हुए एक ही झटके में आधा लंड उनकी चूत में पेल दिया.

जैसे ही मेरा आधा लंड उनकी चूत में घुसा, तो वो चिल्लाने लगीं और मुझसे गालियां देने लगीं. मैंने उनकी गालियों को नज़रअंदाज़ करते हुए लंड थोड़ा बाहर निकाला और फिर से एक जोरदार धक्के के साथ पूरा लंड उनकी चूत में पेल दिया.
वो ओर जोर से चिल्लाने लगीं और रोने लगीं.

मैं तुरन्त ही अपने होंठ उनके होंठ पर रख कर किस करने लगा और थोड़ी देर ऐसे ही पड़ा रहा. थोड़ी देर बाद जब वो शांत हुईं, तो मैं अपना लंड अन्दर बाहर करने लगा. अब जैसे ही मेरा लंड अन्दर जाता, तो वो आहह ओहहह ओह हहम्मह की सिसकारियां लेने लगतीं.

Bhabhi ki chudai

थोड़ी देर ऐसे ही चोदने के बाद मैंने अपना लंड निकाला और उन्हें घोड़ी बनने को कहा. वो घुटनों के बल घोड़ी बन गईं. मैं अपना लंड फिर से उनकी चूत में डालने लगा, लेकिन इस बार चूत टाईट हो जाने की वजह से लंड जल्दी अन्दर जा नहीं पाया.

फिर मेरे एक जोरदार धक्का मारने की वजह से पूरा लंड अन्दर चला गया और भाभी चिल्लाने लगीं. इस बार जल्द ही भाभी मादक सिसकारियां लेने लगीं.

मैं अपना लंड भाभी की चूत में अन्दर बाहर करने लगा और उनकी चूत में धक्के मारने लगा. मेरे धक्के जल्द ही ताबड़तोड़ धक्कों में तब्दील हो गए थे मैं किसी इंजिन के पिस्टन की तरह भाभी की चुत की धज्जियां उड़ाने में लगा हुआ था.

मेरे तेज तेज धक्कों के कारण उनकी सिसकारियां ज्यादा तेज होती जा रही थीं. लंड अन्दर घुसाता, तो भाभी चिल्ला देतीं, फिर जैसे ही लंड बाहर आता, तो उनकी सिसकारियां मस्त हो जातीं.

मुझे बड़ा मजा आ रहा था और मैं अपने धक्के ओर तेज़ करने में लगा था.

कोई बीस मिनट तक ऐसे ही चोदने के बाद भाभी ‘आहहह आहहह उफ्फ..’ की तेज तेज सिसकारियां लेने लगीं और मेरे लंड पर झड़ कर निढाल हो गईं.

भाभी घोड़ी बनी थीं लेकिन झड़ने की वजह से वे बेड पर गिर गईं. मैं अभी तक झड़ा नहीं था … तो मैंने भाभी को पेट के बल लेटे रहने दिया और उनके पेट के नीचे दो तकिये लगा कर उनकी गांड को ऊपर को उठा दिया. उसके बाद मैं भाभी के ऊपर चढ़ गया और उनसे कूल्हों को फैलाने के लिए कहा. जैसे ही भाभी ने अपने कूल्हे फैलाए, तो मैंने लंड एक ही झटके में उनकी चूत में डाल दिया और उनको चोदने लगा.

अब पूरे कमरे में फच फच और पच पच की मस्त आवाजें गूंज रही थीं. मुझे और भी मजे आ रहे थे. मैं भी जोर जोर से धक्के देने लगा.

मुझे भाभी की चुत चोदते हुए कोई 40 मिनट हो चुके थे. मैं पूरी ताकत से धक्के देने में लगा हुआ था. बस थोड़ी देर में मेरा भी माल निकलने वाला हो गया था.

मैंने भाभी से पूछा- मेरा माल निकलने वाला है, मैं कहां निकालूं?
भाभी ने कहा- अन्दर ही छोड़ दो.

मैं और जोर से धक्के मारने लगा. भाभी की भी आवाज़ तेज़ हो गयी और वो भी आहहह उफ्फ्फ की आवाज़ निकालने लगीं. तभी हम दोनों एक साथ में झड़ गए. मेरा माल निकलने के बाद में उनके ऊपर ही लेटा रहा. फिर न जाने कब मैं भाभी के बाजू में हो गया और मुझे नींद आ गई.

Bhabhi ki chudai

मैं एक घण्टे सोता रहा. जब मैं उठा, तो मैंने खुद को नंगा देखा. भाभी उधर नहीं थीं. मैं जल्दी से कपड़े पहन कर बैठ गया.

उसके बाद जब भी मुझे और भाभी को मौका मिलता है, तो मैं भाभी के साथ सेक्स कर लेता हूं.

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