Tuesday, April 27, 2021

Holi ke din bhabhi ki chudai ka moka - Hindi sex story

April 27, 2021 0 Comments

Bhabhi ki chudai

 ये कहानी इस साल की होली की है. मेरे घर के बगल में एक मस्त भाभी रहती है जिनका हस्बैंड बिज़नेस करता है और वो बिज़नेस के सिलसिले में ज़्यादा टाइम बाहर रहते है.भाभी का नाम लक्समी (काल्पनिक) है और उनके फिगर का साइज ३४″ ३०″ ३४″ है. भाबी एक-दम कंटाप माल लगती है. भाभी की नयी-नयी शादी हुई है. उनकी आगे लगभग २५ होगी और अंकल की आगे ४५ है.अंकल की पहली पत्नी मर्डर गयी थी इसलिए अंकल ने फिरसे शादी की. क्युकी वो बगल में ही रहते थे इसलिए मेरी मम्मी से पहले ही बात शुरू हो गयी थी 

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फिर धीरे-धीरे हम लोग एक-दुसरे के यहाँ आने-जाने लगे.पैसे की कमी से भाभी ने अपने से डबल आगे वाली से शादी की थी. भाभी गाँव की थी पर जो भी कहो वो थी एक-दम ज़बरदस्त माल है. जो भी उनको देखे उसका २० सेकंड में लोढ़ा तनक जाये और मेरी आगे २० है इसलिए जवानी तुरंत चढ़ जाती है.मई उनके यहाँ एक दिन गया था तब वो एक पिंक कलर का बाथिंग गाउन में दरवज़ा खोलने आयी. 

Bhabhi ki chudai :- उनका बूब्स क्लियर दिख रहे थे मुझे और लक्समी भाभी की मटकती हुई बड़ी सी गांड मुझे अपनी और अत्त्रक्ट कर रही थी.अंकल जॉब पे गए हुए थे. मई अपने आप को रोक नहीं पाया और मैंने भाभी को पीछे से जाके पकड़ लिया और बोलै-

मैं: भाभी मैं आपका दीवाना हु.फिर मैंने भाभी का फेस अपनी तरफ घुमाया और उन्हें किश करने लगा लिप्स पे मम्ममूआ. भाभी ने मुझे कुछ नहीं कहा और ऐसे बेहवे कर रही थी जैसे कुछ हो ही ना रहा हो. 

अब किश करते हुए १० मिनट हो गए थे. तभी अचानक से दूर नॉक हुआ.भाभी: लगता है तुम्हारे भैया आ गए है.मई: सहित!मई आगे कुछ नहीं कर पाया. मैंने उसी वक़्त ही सोच लिया था की इस होली पे भाभी की चुदाई करके इनकी छूट फाड़ के भोंसड़ा बना दूंगा.होली के दिन सुबह करीब ११ बजे मई उनके घर पहुंचा. भाभी रेड साड़ी में थी और एक-दम माल लग रही थी. काले ब्लाउज के ऊपर से उनके उभारदते चूचे साफ़ दिख रहे थे. 

मेरी नज़र उनके चूचो से हट ही नहीं रही थी. कितनी भी कोशिश कर लू मई नज़र उनके चूचो से हटा ही नहीं पा रहा था.भाभी: क्या देख रहे हो राहुल?मई: सोच रहा हु की रंग कहा लागू आपको?भाभी एक-दम ओपन माइंडेड थी. फिर वो मुझे अंदर ले गयी और गेट लॉक कर दिया.अब मई दिंनिंग हॉल में था. भाभी ने खाने में पकोड़े और पूरी दी.

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भाभी: जूस लोगे?

मैं जो भी आप पीला दो मई थोड़ी न मन करूँगा. आप अपनी ही भाभी हो.

मैं फिरसे बोलै: भाभी पहले होली खेल लो बाद में खाऊंगा.भाभी: पहले आराम से खा लो.

मैं: आप अपने हाथो से खिला दो.

भाभी: खुद खा लो मई जा रही हु किचन में कुछ काम है मुझे.मई: फिर मैंने २-३ पीेछे खा लिए.भाभी किचन में थी. मैंने अपने हाथ में लाल रंग लगा कर भाभी को पीछे से पकड़ा और उनके मुँह पे रंग लगा दिया. 

मई भाभी के पीछे सत्ता हुआ था और मेरा लुंड खड़ा हो गया और ऊपर से मई अपना हाथ आगे से भाभी की जांघो में ले गया और भाभी के छूट को हाथ से सहलाने लग गया.

भाभी: ये क्या पूरी ड्रेस खराब कर दी तुमने.मई: भाभी अभी तो चेहरे पे ही लगाया है और अभी तो ये शुरुआत है.भाभी: ये लाल रंग आराम से छूट में जायेगा.

मैं: भाभी बच्चे कहा है आपके?भाभी: बाहर गए है रंग खेलने.फिर मैंने हरा रंग निकाल के भाभी के फेस पे लगाया और उनके हाथ पे भी लगाया. भाभी भी अंदर से अपना रंग लेके आयी और मुझे लगाया. मैंने अब भाभी के चेहरे के साथ पूरे हाथो पे और कमर पे भी रंग लगाया और धीरे-धीरे उनके चूचे को भी मसल के रंग लगाया.

भाभी: ये क्या कर रहे हो राहुल?मई: रंग लगा रहा हु भाभी. आपने ही कहा था की आराम से छूट जायेगा फेस का रंग.भाभी: तुम्हारी गर्लफ्रेंड नहीं है क्या?मई: आप बन जाओ न भाभी मुझे बस आप ही चाहिए हो.भाभी: अगर तुम पहले मिले होते तो तुमसे ही शादी कर लेती.

मैं: अभी भी देर कहा हुई है भाभी.भाभी: चुप नालायक.अब भाभी कुछ नहीं बोल रही थी. फिर मैंने धीरे से भाभी की साड़ी में हाथ दाल कर छूट में रंग लगाया और पीछे भाभी के नैक पे किश करके चूमने लगा और उनके हाथ को भी चूमा.अब शायद भाभी गरम हो रही थी. 

मैं भाभी को गॉड में उठा कर बैडरूम में ले गया और भाभी को लिपलॉक करके डीप किश करने लगा. भाभी भी मेरा साथ देने लगी. शायद उनकी भी आग बहुत दिन से बुझी नहीं थी.हम दोनों आहें भरने लग गए थे और आठ.. अहह.. की आवाज़े आ रही थी. 

अब मैं फ्रिज से चॉकलेट लेके आया और भाभी के होंठ पे लगा के चूमने लगा. 

भाभी भी शामे ऐसा ही करने लगी और अब मई उनकी नैक पे चॉकलेट दाल के चूसने लगा.भाबी: आठ.. जान ाःह.. लव यू मेरी जान.भाभी भी पूरा मज़ा ले रही थी हर चीज़ का. अब मैंने भाभी का ब्लाउज उतार दिया और पूरे चूचे को पागलो की तरह चूसना शुरू कर दिया और धीरे-धीरे काटना शुरू कर दिया.

भाभी: ाःह… उम्.. हहह… आअह्ह्हा..अब मई उनके एक बूब पे चॉकलेट लगा कर चूसने लगा और दुसरे हाथ से उनका दूसरा बूब दबाया. भाभी सिसकिया ले रही थी और अब मैंने उनकी साड़ी खोल के उन्हें नंगा कर दिया था.फिर मई उनकी छूट के पास गया. 

उनकी छूट पे हलके बाल थे और मुझे हलके बाल पसंद है और मैंने जीभ बाहर निकाल के उनकी छूट को चाटना शुरू कर दिया.भाभी: आठ.. मेरी जान छोड़ डालो अब इस छूट को. और ज़ोर से चाटो आठ.. और ज़ोर से  मज़ा आ रहा है और ज़ोर से.करीब १० मिनट के बाद मई अब २ ऊँगली उनकी छूट में दाल कर अंदर-बाहर करने लगा और तेज़ी से chut chodni शुरू कर दी. 

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करीब १५ मिनट बाद मैंने अपना लुंड लक्समी भाभी के हाथ में दिया तो वो लुंड देख के शॉक हो गयी.भाभी: बाप रे इतना बड़ा लुंड. ये तो काम से काम ९ इंच लम्बा और ३ इंच मोटा होगा.मई: हां क्यों भैया का इतना बड़ा नहीं है?भाभी: भैया के लुंड का साइज सिर्फ ५ इंच है. 

उससे तो मई ढंग से सटिस्फी भी नहीं होती हु. मेरा शुरू से बड़ा लुंड लेने का सपना था. लगता है आज पूरा हो जायेगा जान.फिर मैंने उनके मुँह में लुंड दाल के उन्हें चूसने को बोलै.भाभी: पूरा नहीं ले पाउंगी मुँह भर गया है मेरा.फिर भाभी लुंड लेके चूसने लगी एक-दम रंडी की तरह और गूप.. गूप.. की आवाज़े आने लग गयी.

मैं: ले ना कुटिया इससे ाचा मौका दोबारा नहीं मिलेगा.और ये बोल कर मैंने लक्समी भाभी के मुँह को छोड़ना स्टार्ट किया. उनके पूरे गले के अंदर तक लुंड चला गया था. 

करीब १० मिनट बाद लुंड का स्पर्म उनके मुँह में दाल दिया और वो सारा माल रंडी की तरह पी गयी.अब मई और भाभी ६९ पोजीशन में हो गए और मैंने अपना लुंड उनके मुँह में दाल दिया और भाभी की छूट को चूसना चालु किया.

भाभी: आए.. आह.. कॉमन येह.. येह..

मैं: जान मज़ा आ रहा है तेरी छूट चाटने में.मेरे मुँह पे रंग भी लग गया था. २० मिनट तक हमने एक-दुसरे के ६९ में मज़े लिए. अब मैंने अपना ९ इंच का गरम लोहा उनकी छूट के बाहर गोल-गोल घुमाया और भाभी सिसकारियां ले रही थी.

भाभी: मैं तुम्हारी ही रंडी हु छोड़ दो मुझे. छोड़-छोड़ के मुझे तुम अपनी रखैल बना लो जान.मैंने अपना कंधे पे उसकी टाँगे खोल के राखी और अपने लुंड को रंडी की छूट पे टिकाया. मैंने लुंड के टोपे का पहला झटका दिया और भाभी के मुँह से चीख निकल गयी.

भाभी: बाहर निकाल मादरचोद दर्द हो रहा है. आअह्ह्ह.. एआइइइइ.. मर्डर गयी..लुंड अंदर नहीं जा रहा था तो मई बगल में किचन से सरसो का तेल लेके आया और उनकी छूट के बाहर लगाया और अपने लुंड पे तेल डाला और फिर एक और ज़ोर का झटका उनकी छूट में मारा.

भाभी: आअह्हह्हआ.. मर् गयी मैं. है… मादरचोद बाहर निकाल दर्द हो रहा है.

मैं: चुप कर रंडी. मैंने पहले ही दिन तुझे देख कर छोड़ने का प्लान बना लिया था. अब तू बस कुटिया की तरह चुदती जा रांड.भाभी: आठ.. जान तू जो कहेगा मई करुँगी.मैंने उसको छोड़ने के रफ़्तार बढ़ा दी और मादरचोद वाली को छोड़ रहा था.

लक्समी: आज से मई तेरी रखैल हु. जब भी तुम्हारा मैं करेगा आ जाना कॉल करके आअह्ह्ह.. नाउ फ़क में बेबी आह्हः… फ़क में हर्डर! बहुत मज़ा आ रहा है.उसकी पूरी चीखो की आवाज़ रूम में गूँज रही थी. 

मैंने बोलै-मैं: लक्समी डार्लिंग आज तुमने मुझे जन्नत की सैर करवा दी मज़ा आ गया बहनचोद.अब मई नीचे हो गया और भाभी काउगर्ल की पोजीशन में आके लुंड पे पागलो की तरह छोड़ने लगी. आज जाके मेरा सपना पूरा हुआ है. मैं भर के ठुकाई करि मैंने.अब मेरा स्पर्म निकलने वाला था तो मैंने सारा माल फिर लक्समी के मुँह में भर दिया. 

उसका मुँह इतना भर गया था की कुछ माल नीचे भी गिर गया.मई: रुक ना रंडी अभी तेरी गांड मारनी बाकी है.लक्समी: नो नहीं गांड नहीं दूँगी.

मैं: चुप साली चल कुटिया बन जा जल्दी से.फिर भाभी ने कुटिया की तरह पोजीशन ले ली. मैंने फिरसे अपना लुंड लक्समी की गांड पे टिका कर धक्का मारा.

भाभी: आआअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह…मई स्पीड बढ़ा कर अपनी भाभी को छोड़ने लगा. थप थप की आवाज़े आणि शुरू हो गयी.भाभी: आअह्ह्ह.. जान मज़ा आ गया.अब मेरा पानी निकलने वाला था. मैंने इस बार माल उनकी गांड में ही पेल दिया. होली के दिन मई शाम तक भाभी के यहाँ पर ही रुका और हम लोगो ने ३ बार और चुदाई करि.होली के बाद lockdown हो गया. 

इस वजह से मई भाभी को दोबारा नहीं छोड़ पाया. उम्मीद करता हु ये लोखड़ौन जल्दी ख़तम हो जाये और फिरसे मई अपनी भाभी को छोड़ पाव. अभी ऑनलाइन सिर्फ वीडियो चाट होती है हम दोनों के बीच और सेक्स चाट बस.

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April 27, 2021 0 Comments

odia sex story :-  ହାଏ ମେରା ନାମ ରାହୁଲ | ୟେ କାହାନି ମେରୀ ବୁଆ କି ସେ ଜୋ ଫୁଫା କେ ସାମନେ ହୀ ଚୁଡି ଗ ayi | ବୁଆ କେ ମୋତେ ଖାଲି ବଟୁ ତୋ ୱୋ 45 ସାଲ୍ କି ସେ | ସଠିକ୍ ମାଉସୀ ଲାଗଟି ସେ | Chuchiya 36 ke he aur gand 38 ki hogi | ଜିଆଡା ଟାର୍ ଟାଇମ୍ ଉସ୍କି କ୍ଲାଭେଜ୍ ରେହତି ହ i ପ୍ରକାଶ କଲା |

Jhukti hai toh cleavage itna bada aur sexy ban jati he ki lund udhar hi khada ho jae aur mann kare udhar hi masal ke sara doodh pi jau।

ୟେ ବାଟ୍ କୁଚ୍ ସାଲ୍ ପୁରାନି ସେ। ଏକ ବାର ବୁଆ ପୁଣେ ସେ କାର୍ ମୋତେ ଗାଓନ୍ ଲାଉଟ୍ ରାହି ଥି ରାଟ୍ କୋ | ସାଥ ମୋତେ ଫୁଫା ଅରୁ ବୁଆ କେ ସାସୁର ଭୀ।

ରାସ୍ତା ସୂର୍ଯ୍ୟ ସନ୍ ଥା। ଅର ରତ୍ ଭୀ କାଫି ହୋ ଚୁକି ଥି | ଲାଗ ଭାଗ 1:30 କେ ଆସ୍ ପାସ୍ | ଆଖାନାକ୍ ସେ କୁଚ୍ ଲଗ୍ ଗାଡି କେ ସାମାନ୍ ଆଏ ଗାଇ | ତୋ ଡ୍ରାଇଭର ନେ ବ୍ରେକ୍ ଲାଗାଇ | ୱୋ ଲଗ୍ ଖିଡକି ପେ ନକ୍ କିୟେ | ଡ୍ରାଇଭର ନେ ଖିଡକି ନିଚେ କିୟା ତୋ ୱୋ କବାଟ ଖୋ କେ ବ୍ୟବହାରୀ ଖିଚ୍ ଲିହେ ବାହା |

ଫିର ଉହୋନ୍ ନେ ହାଥାର୍ ନିକଲେ | ଚାକୁ, ବନ୍ଧୁକ ଅରୁ ତାଲୱାର୍ ସାବ୍ | ସାବ ସାହସ ବୁଆ ବେସ୍ ଫୁଫା ଅର ସାସୁର କୋ ବୋଲ୍ ରି ଥି କି କି କୁଚ୍ ମ୍ୟାଟ୍ ବୋଲନା | ତୁମେ ଲଗ ଜୋ କାହେଞ୍ଜ କର ଲେନା |

6 ୱୋ ଲଗ୍ କରନ୍ତୁ | ଡ୍ରାଇଭର ସେ ଚାବି ଲେ ଆରୁ ବ୍ୟବହାର ଆଣ୍ଡାର ବିଥା ଡାଏ | ଫିର ୱୋ ଲଗ୍ ବୁଆ କୋ ବାହର ଆନେ କୋ କା। ତୋ ବୁଆ ଚୁପ୍ ଚାପ ବାହର ଆ ଗୟୀ | Aur samne ki taraf bonnet ke agey le jaya gya ବ୍ୟବହାର କରନ୍ତୁ | କୋଇ କୁଚ୍ ନିହି ବୋଲ୍ ପାୟା | ଚାର୍ ଲଗ୍ ଗାଡି କୋ ଗେର୍ କେ ଖାଡେ ରାହେ |

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ଫିର ଉସନେ ଏକ ହାଥ ସେ ବୁ କି କି ସାଡି କା ପାଲୁ ଉସ୍କେ ଛତି ସେ ହାଟା କେ ଉସ୍କି ଏକ ଚୁଚି କୋ ବ୍ଲାଉଜ କେ ଅପର ସେ ହା ପାକଡ ଲିୟା | ଚାନ୍ଦ କି ରୋଶନି ମୋତେ ବୁଆ କେ ଗୋରେ ଛତି ପେ ଗଭୀର କ୍ଲାଭେଜ୍ ସାଫ୍ ଦି ରିହେ। Upar se masalte hue boobs dekh wahan khada dusra aadmi ka lund tan rha tha।

Utne me sardar apni dusri haath me thoda sa thuk laa ke bua ke chut me lagaya aur phir usse ghisne laga। ଥୋଡି ଡେର୍ ଗିସେନ୍ କେ ବାଦ୍ ଉସନେ ଏକ ଉଙ୍ଗଲି ଆଣ୍ଡାର୍ ଡାଲ୍ ଡି। ଫିର ଅଭୀ ଟକ ବୋନେଟ ପେ ସାଣ୍ଟ ଲେଟି ବୁଆ କେ ମୁହ ସେ ଆହା ସାଇ ଆୱାଜ ନିକଲ ଗ ayi ି |

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ଅବ ସର୍ଦ୍ଦାର ନେ ଦୁସ୍ରି ଉଙ୍ଗଲି ଘୁସା ଦି ବୁଆ କେ ଚୁଟ୍ ମୋତେ | Bua ek aur siskari li। ଅବ୍ ୱୋ ସୟଦ ଥୋଡା ଗରାମ ଭୀ ହୋନ୍ ଲାଗି ଥି | Utne me sardar ne wahan khade dusre admi ko ishara kiya toh woh talwar rak ke aya aur bua ke dono chuchiyon ko blouse ke upar se masalne laga। Fufa aur sasur bewas andar se sab dekh rhe।

ସର୍ଦ୍ଦାର ଅବ ବୁଆ କି ଚୁଟ୍ କୋ ଜିବ୍ ସେ ଚାଟନା ଶୁରୁ କିୟା | ଅବ୍ ଟକ୍ ବୁଆ କି ଚୁଟ୍ ଗିଲି ହୋ ଚୁକି ଥି | ଉଦର ଦୁସ୍ରା ସର୍ଦ୍ଦାର ବୋନେଟ୍ ପେ ଚାଡ୍ କେ ବୁଆ କି ଚୁଚି ମସଲେ ଜା ରା ଥା | ବୁଆ ଆଙ୍କ ବ୍ୟାଣ୍ଡ କରକେ ଲେଟି ହୁଇ ଥୀ | ଅର ବିଚ୍ ବି ମୋ ଆୱାର୍ କର ରି ଥି

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ସର୍ଦ୍ଦାର ଅବ୍ ଚୁଟ୍ କୋ ତେଜି ସେ ଚାତ୍ ରା ଥା | ଅର ବୁଆ ଭୀ ସିସ୍କରୀ ମାର୍ ରି ଥି | ବୁଆ କୋ ଅଜିବ ସି ମେହସୁସ୍ ହୋ ରିହି ଅନୁଭବ କରୁଛନ୍ତି | ଆନନ୍ଦ ଭୀ ଥା ଅର ସାଥ ମୋତେ ଶର୍ମିନ୍ଦଗି କି। ଆପ୍ନେ ପାଟି କେ ସାମନେ ଗାୟର୍ ମର୍ଡ କେ ଚୁନ୍ ସେ ଆନନ୍ଦ ମିଲ୍ନେ କି ଶର୍ମିନ୍ଦଗି |

ସର୍ଦ୍ଦାର କି ତେଜି ବଦ ରାହି ଥୀ | ଅର ବୁଆ କି ସାନସେ ଭୀ ଉସ୍କେ ସାଥ୍ ରାଫ୍ଟର ପାକଦ୍ ରି ଥି | ବୁଆ କି ମୁହ ସେ ଏକ ଜୋର କି ଆୱଜ ନିକଲି ଅର ଉଙ୍କି ଚୁଟ ନେ ପାନି ଚୋଡ ଦିୟା |

ଉଦର ଦୁସ୍ରା ସର୍ଦ୍ଦାର ଅବ ବୁଆ କେ ନାଙ୍ଗେ ଚୁଚିୟୋନ୍ କୋ ମସାଲ୍ ରା ଥା  ଅର ବରୀ ବାରି ଚୁସ୍ ଭୀ ରା ଥା | ଫିର ଡୋନୋ ସର୍ଡାରୋନ୍ ନେ ଜାଗା ବଦଲି ଅରୁ ପେହଲା ସର୍ଦ୍ଦାର ଅବ ବୁଆ କେ ଛତି କେ ପାସ୍ ଆ ଗୟା ଉସ୍ନେ ଅପନା ତାନା ହୁଆ ଲଣ୍ଡ ନିକାଲା ଅରୁ ବୁଆ କେ ହୋନ୍ଥନ୍ ପେ ରାଖ ଦିୟା |

ଗରାମ ହୋ ଚୁକି ବୁଆ ଖୁଦ କୋ ରୋକ ନିହି ପେଇ ଅରୁ ମୁହ ଖୋଲ କେ ସୁପଡା ଆଣ୍ଡାର ଲେ ହୀ ଲିୟା | ଲଣ୍ଡ କା ସାଇଜ୍ ଲାଗବଗ୍ 7.5 ଇଞ୍ଚ ଲାମ୍ବା ଆରୁ 2.5 ଇଞ୍ଚ ମୋଟା ହୋଗା | ଫିର୍ ସର୍ଦ୍ଦାର ଉସ୍କେ ମୁହ୍ ଆପ୍ନେ ଲଣ୍ଡ୍ କୋ ଆଜ୍ ପିଚ୍ କର୍ନେ ଲାଗା

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odia sex story :- Maa ka boyfriend ki odia sex story


ସର୍ଦ୍ଦାର ନେ ଏକ୍ ସେକ୍ ବୁବ୍ କୋ ପ୍ୟାଡ୍କା | ବୁଆ କେ ଏକ ଟାଙ୍ଗ କୋ ଆପନେ କାଣ୍ଡେ ପେ ରାଖ କେ ଦୁଶ୍ରେ ସେ ଆପ୍ନା ଲୁଣ୍ଡ କୋ ବୁଆ କେ ଚୁଟ ପେ ରାଖକେ ଧୀର ସେ ଆଣ୍ଡାର ଡାଲନେ ଲାଗା | ସୁପଡା ଆଣ୍ଡର ଚାଲା ଗୟା ଅରୁ ବୁଆ ନେ ଏକ ଆହା ଚୋଡ ଡି।

ଉଦର ଦୁସ୍ରା ସର୍ଦ୍ଦାର ଦୁସ୍ର ଚୁଚି କୋ ମାସାଲ୍ଟେ ହୁ ଆପ୍ନେ ଲଣ୍ଡ ସେ ବୁଆ କେ ମୁହ କୋ ଚୋଡ ରା ଥା | ଅବ ପେହଲା ସର୍ଦ୍ଦାର ଭୀ ପୁରା ଲୁଣ୍ଡ ଡାଲ ଚୁକା ଥା। ଅର ଧୀର ଧୀର ଆଜ୍ ପିଚେ ହୋନା ଶୁରୁ କିୟା | ବୁଆ ଅବ ପୁରା ମାଜା ଲେ ରି ଥି।

ଉଦର ଫୁଫା ଜୀ କା ଏକ ରାଉଣ୍ଡ ହୋ ଚୁକା ଥା | ସର୍ଦ୍ଦାର ଅବ ରାଫ୍ଟର ପାକଡ ଚୁକା ଥା। ବୁଆ ଜୋର ଜୋ ସେ ଚିଲ୍ଲା ଚିଲା କେ ସନ୍ ସାନ୍ ରାଷ୍ଟେ ପେ ଖୁଲେ ଆସମାନ୍ କେ ନିଚେ ଚୁଡ୍ ରି ଥି | ଆପ୍ନି ପାଟି କେ ସାମନେ | ଅବ ଉସ୍କେ ସାରେ ଲାଜ ଭୀ ଜା ଚୁକେ। ୱୋ ଏକ ରାଖେଲ ଜାଇସି ନିଷେଧ ଚୁକି ଥି ସର୍ଡାରୋନ୍ କି | ଡୋନୋ ସର୍ଦ୍ଦାର ଅବ ବୁଆ କେ ଏକ ଏକ ମାମୋ କୋ ଚୁସ୍ ରେ। Raat ke 2:30 ho chuke the। ପିଚଲେ 45 ମିନିଟ୍ ସେ ବୁଆ ଏକ ସେକ୍ସ ମେସିନ୍ ନିଷେଧ ଚୁକି ଥି |

ଅବ ଇନହୋନ୍ ପୋଜିସନ୍ କିୟା | ଅବ ଦୁସ୍ର ସର୍ଦ୍ଦାର କି ବରୀ ଥି ଚୁଟ୍ କା ମାଜା ଲେନେ କା। ସର୍ଦ୍ଦାର ନେ ଚୋଡେ ଚୋଡେଟେ ଏକ ଆଡମି କୋ ଇଶାରା କିୟା | ୱୋ ଆପ୍ନେ ଗାଡି ସେ କୁଚ ସାମନ ଲାୟା ଅରୁ ଇଙ୍କେ ଗାଡି କେ ପାର୍ଶ୍ୱ ମୋତେ ଏକ ବିଷ୍ଟାର ଲାଗା ଦିୟା |

ଦୁସରା ସର୍ଦ୍ଦାର ୱାଇସ୍ ହାଇ ଆପ୍ନେ ଲଣ୍ଡ୍ ଘ୍ୟୁସ୍ ହୁ ହାଲ୍ ମୋତେ ବୁଆ କୋ ଉଥା କେ ବିଷ୍ଟାର୍ ପାର୍ ଲେ ଗିଆ | Aur lita ke pura mardangi laga di usko chodne me। ବୁଆ ପାଗଲ୍ ହୁ ଜା ରି ଥି। ବିଚ୍ ଫୁଫା ନେ ଦୁସ୍ରା ରାଉଣ୍ଡ ଶୁରୁ କର ଦିୟା ଥା |

ଅବ ବୁଆ କୋ ପାଲଟେନ୍ କୋ କା ଗୟା | Aur woh doggi position aa gyi। ଅବ ଏକ ସର୍ଦ୍ଦାର ପିଚେ ସେ ଉସ୍କୋ ଚୋଡନା ଚାଲୁ କିୟା |

ତୋ ଚୁଡ୍ଟେ ହୁଆ ବୁଆ କେ ବାଡେ ବାଡେ ମମେ ହିଲନେ ଲାଗି | କୟା ନାଜାରା ଥା ୱୋ | ବାଡେ ବାଡେ ଚୁଚିୟାନ୍ ଜୁଲ୍ଟେ ହୁ ଆରୁ ଆମ ପାର୍ ୱୋ ବ୍ରାଉନ୍ ରଙ୍ଗ ଏକ ପାଟଲି ମଲା ପେହନି ହୁଇ ଥି | Aur pichhe se chudayi ki thap thap awaz ke sath bua ki siskariyan fufa ko dusri baar jhara diya |

ଅବ ଦୁସ୍ରା ସର୍ଦ୍ଦାର ବୁଆ କେ ଛତି କେ ନିଚ୍ କର ଉସ୍କେ ଏକ ଦୋଡ୍ ପାଇନ୍ ଲାଗା ଦିଅନ୍ତୁ | Aur ek has se dusre doodh ko dabane laga | ବୁଆ ଅବ ସାଟୱେ ଆସମାନ ପାର ଥୀ | ଅର ଅଭି ତକ 3 ସେ 4 ବାର ଜର ଚୁକି ଥି

Itne me unhone position badle aur missionary me chudai shuru ho gai। ଏକ ତରଫ୍ ଉସ୍କା ଚୁଟ୍ ଭରା ହୁଆ ଥା | Aur dusri taraf uska muh। Aur char uske mamme daba rhe the। ଫିର ଏକ ସର୍ଦ୍ଦାର ନେ ଅପନି ରାଫ୍ଟର ବଦାଇ | Aur dusre ne bua ke muh se lund nikal ke hilane laga।

କାରିବ 2 ମିନିଟ୍ ହିଲାନେ କେ ବାଦ୍ ଉସ୍ନେ ଆପ୍ନା ଶାରା ମୋଟା ସଫେଡ୍ ଭାଇରିଆ ବୁଆ କେ ଚୁଚିୟନ୍ ପେ ଜିରା ଦିୟା | Aur itna dekh dusra sardar uske chut ke andar hi paani chod diya | ସାଥ୍ ହାଏ ବୁଆ 5wi ବାର ଜାଡି | ଅବ ଟକ୍ ୱୋ 1 ଘାଣ୍ଟେ ସେ ଜିଆଡା ଚୁଡ୍ ଚୁକି ଥି | ଅର କାଫି ଠା ଭୀ ଚୁକି ଥି |

ଫିର ବାକି କେ ଚାର୍ ଆଡମି ଅବ ବାରି ବାରି ମେ ବୁଆ କି ଖୁବ୍ ଚୁଡାଇ କି | ଚୁଡାଇ ଆରୁ ଏକ ଘାନ୍ତ ଚାଲେନ୍ ଲାଗା | ଅବ ଟକ୍ ଫୁଫା ଭୀ 3 ବାର୍ ହିଲା ଚୁକେ ଆପ୍ନି ବିୱି କୋ ଡସ୍ରନ୍ କି ରାଣ୍ଡି ବାଣ୍ଟେ ଦେଖ | ଅବ ଟାକ ଲାଗବଗ ରାତ କେ 4 ବାଜ ଚୁକେ ଦି।

odia sex story:- ବୁଆ ଅବ ବାହୁଟ୍ ଥାକ୍ ଭୀ ଚୁକି | ଉସ୍ନେ ଶାଦୀ ପେହନି | ପାର୍ ବ୍ଲାଉଜ୍ ଫାଦ ଡାଏ ଗାଏ ଦି। ତୋ ନିହି ପେହେନ୍ ପେଇ | ସର୍ଦ୍ଦାରନ୍ ନେ ସାଲାହ ଦି କି ଆଏସ୍ ହାଲଟ୍ ମେନ୍ କାହିନ୍ ଜାଗେ ତୋ ବଦନାମି ହୋଗି | ହାମାରେ ସାଥ୍ ଚାଲୋ ହମ୍ ନାଏ କପଡେ ଡିଟେ ହେନ୍ |

ଇଙ୍କେ ପାସ୍ କୋଇ ଚାରା ନିହି ଥା | ତୋ ଚ୍ୟାଲେନା ପଡା | ୱୋ ଲଗ୍ ଇଙ୍କୋ ଆପ୍ନେ ଫାର୍ମହାଉସ୍ ମୋତେ ଲେକ୍ ଗାଏ | ଅର ୱାହନ୍ ଅନ୍ହୋନ୍ ଇକୋ ଅରୁ ଏକ୍ ହଫଟା ରାଖା | ବୁଆ କୋ ରାଖେଲ ବାନା କର ଏକ ହାଫଟା ରୋଜ ଚୋଡେ | ପୁରା ହାଫଟା ବୁଆ ବିନା କାପଡନ୍ କେ ଉସ୍ ଗାର୍ ମୋତେ 8 ମର୍ଡନ୍ କେ ବିଚ୍ ରହୀ | ଅବ ଉସ୍କି ଭୀ ଶର୍ମ ଜା ଚୁକି ଥି। ଅର ରାଖେଲ ବ୍ୟାନେ କା ମାଜା ଭୀ ମିଲ ଚୁକା ଥା 


ଫିର ଅନ୍ହୋନ୍ ଅନ୍ ୱାପାସ୍ ଜାନେ ଦିୟା | ପାର୍ ନମ୍ବର aur ଠିକଣା le li। ଅବ ଜବ ଭୀ ମାନ କାର୍ଟା ସେ ଆ କେ ବୁଆ କୋ ଟାଙ୍ଗୋ କେ ନିଚେ ସେ ଦେକେ ଚଲେ ଜେଟ୍ ସେ | କଭୀ କାବି ଆପ୍ନେ ସାଥ୍ ଭୀ ଲେଟେ ସେ | 1 ୟା 2 ହାଫଟନ୍ କେ ଲିୟେ |

Sunday, April 25, 2021

[Hindi sex story] - mausi ki jabardasti chudai ki kahani in PDF

April 25, 2021 0 Comments

jabardasti chudai ki kahani

mausi kijabardasti  chudai ki kahani :- ही गाइस मैं देव कुमार शर्मा एक बार फिर से हाजिर हूँ आपके लिए अपनी एक और रियल स्टोरी को लेकर. मेरे सभी लुंड धरी दोस्तों और chut की रानियों को मेरे खड़े लुंड का नमस्कार.तोह फ्रेंड्स ये कहानी है मेरी और तनीषा मौसी की जबरदस्त चुदाई की. आपने मेरी पहली की स्टोरी में पढ़ा होगा की मैं अपनी मौसी तनीषा को पहले छोड़ चूका हूँ.पर दोस्तों अब मौसी का जिस्म ही ऐसा है की हर बार उन्हें छोड़ने का एक अलग ही मजा आता है. इसलिए आप के साथ ये मैं शेयर कर रहा हूँ ताकि आप भी अपने लुंड या छूट को मसल सके.तनीषा मेरी सगी मौसी है वो मेरी माँ से छोटी है.

 ये कहानी ४-५ दिन पहले की है तनीषा मौसी की आगे ३७ साल है और मेरी उम्र २८ साल है. मौसी के बूब्स ३४ के है और उनकी उम्र ३० की और गांड ३६ की है.मेरे लुंड को कुछ दिन पहले ये ठरक छड़ी की मौसी को बहोत दिन से नहीं छोड़ा नहीं है चलो अब उन्हें छोड़ा जाये. फिर मैं रात को मौसी के घर पहुंच गया मुझे देख कर मौसी बहोत खुश हो गयी और वो समझ गयी की मैं उनकी छूट छोड़ने के लिए आया हूँ.मौसा जी भी वहीं पर थे वो मुझसे बोले :अरे देव आयो तुम्हारा यहाँ कैसे आना हुआ सब ठीक है ना?

मैं : हाँ मौसा ज सब ठीक है मुझे यहाँ सुबह कुछ काम था इसलिए रात को आपके घर आ गया.

मौसा जी jabardasti chudai ki kahani : ाचा किया खाना खा लो हाथ मुँह धो कर.मैं undefined नहीं मैं खा कर ही आया हूँ.

मौसा जी : ठीक है फिर आराम कर लो.मैं उठ कर गुड्डू (मौसी का ७ साल के लड़का) के पास उसके रूम में चला गया. मौसी भी मेरे पीछे पीछे आ गयी मौसी ने नाईट गाउन पहना हुआ था. वो एक डैम मस्त लग रही थी और मेरा लुंड पहले से ही खड़ा हुआ था.

मौसी : शहर में कुछ काम है या मुझसे कुछ काम है?

मैं : जानेमन तुझसे ही तोह काम है मैं यहाँ तेरी ही छूट का मजा लेने आया हूँ. आजा अभी पटक कर तुझे छोड़ देता हूँ.

मौसी : चुप कर बेहेन chod वो न मर्द है. अभी तोह सुबह अचे से छोड़ना मेरी छूट को ठंडी करना मेरे राजा.

मैं : ठीक है मेरी रैंड.मौसी इतना बोल कर चली गयी और मैं भी बिस्तर पर लत गया. फिर मैं अपनी वाइफ से चुदाई की बातें करने लग गया रात में बात करते हुए मैं कब सो गया मुझे पता तक नहीं चला.सुबह मौसी रूम में आयी तब तक गुड्डू भी स्कूल जा चूका था.

मौसी : देव उठ जा मौसी को छोड़ ले उठ ये छाए पि ले.मैं नींद में ही बोलै undefined आठ आह जान तेरा गांडू पति ऑफिस गया या नहीं?

मौसी : धीरे बोल कमी अभी वो यहीं पर है.मैं उठा और मौसी के हाथ से चले ली लेते हुए मैंने मौसी का हाथ पकड़ कर अपने लुंड पर रखवा दिया. मैंने सिर्फ अंडरवियर ही पहना हुआ था और मेरा लुंड पूरा खड़ा हुआ था.

मौसी : रुक जा बहनचोद थोड़ी देर रुक जा.मैं फिर कपडे पेहेन कर छाए पिता हुआ बहार हॉल में आ गया. मौसा जी अपने शूज के लेस्स बंधे थे फिर वो सोफे पर बैठ गए. फिर मौसी ने उन्हें एक कप छाए दी और वो छाए दे कर किचन में चली गयी.मौसी आज सुबह नाहा कर पूरी तरह से छोड़ने के लिए रेडी थी. उन्होंने ब्लैक साड़ी और ब्लाउज पहना हुआ था. उनके बाल गीले थे इसलिए उन्होंने सर पर टॉवल लपेटा हुआ था. मौसा जी और मेरी छाए एक साथ ख़तम हुई और फिर वो बोले.

मौसा :चलो देव मैं ऑफिस में चलता हूँ और शाम तक आ जाऊंगा गुड बाई.

मैं : गुड बाई मौसा जी मैं भी अपना काम ख़तम करके घर को निकल जाऊंगा.मौसा undefined ओके बीटा.और ये कहते हुए वो बहार निकल गए मैंने बहार देखा की मौसा जी चले गए है. 

jabardasti chudai ki kahani
jabardasti chudai ki kahani

 

फिर मैंने door बंद किया और अंदर से लॉक कर लिया. फिर मैं सीधा किचन में गया और मैंने देखा की मौसी किचन में काम कर रही है.मैंने पीछे से मौसी को पकड़ कर उनकी नैक पर किश करना शुरू कर दिया और मैं बोलै : उफ़ साली मरडोद यहाँ लुंड को प्यास लगी है और तू मुझे तड़पा रही है.मौसी मेरी तरफ पलट कर बोली undefined मई खान तड़पा रही हम तड़पा तोह आप मुझे रहे है. कितने दिन हो गए तेरा लुंड मेरी छूट में नहीं गया. ाचा ये बातो वो ऑफिस चले गए ना?

मैनी : वो चला है तभी तोह मैं किचन में आया हूँ.फिर मैं मौसी को पकड़ कर लिप्स चूसने लग गया.

मैं : उम् साली क्या सॉफ्ट लिप्स है तेरे कुटिया..और मैंने मौसी के सर से टॉवल निकल कर उनके बाल खोल दिए. और मौसी के गीले बाल पकड़ कर मैं उन्हें किश करने लग गया.

Mausi ki jabardasti chudai ki kahani

 

मैं : उफ्फ्फ साली आज तोह छोड़ने के लिए तू सुबह से ही नाहा कर तैयार हो गयी है. तू रंडी है साली बहोत भूक है ना तुझे मेरे लुंड की?

मौसी : हाँ क्या करूँ मेरे राजा तेरे लुंड का अलग ही मजा है. आज मेरी छूट की प्यास मिटा दे उफ्फ्फ बीटा आठ आठ.मैंने मौसी को गोद में उठाया और मैं उन्हें बैडरूम में ले आया और बीएड पर पटक कर मैं उनके ऊपर चढ़ गया.

मौसी : आठ आह सेल बेहेन छोड़ जब से तेरी शादी हुई है तू तोह मुझे भूल ही गया कुत्ते.

मैं : मेरी जान तुझे भूल जाता तोह अभी तेरे ऊपर नहीं हॉट साली मैं खुद अपनी वाइफ को बोल कर आया हूँ की आज मैं मौसी को छोड़ने जा रहा हूँ.अब मैंने मौसी की साड़ी ऊपर करि और उनकी तइस पर मैं किश करने लग गया. उफ्फ्फ एक डैम चिकनी तइस थी और उस चिकनी तइस पर खिड़की में से आ रही सूरज की रौशनी से वो और भी ज्यादा गोरी दिख रही थी.मैं तइस पर किश करता हुआ और हलके हलके बाईट भी कर रहा था.मई undefined ुम अह्ह्म्म मुआ.

मौसी : उफ्फ्फ बीटा अहह कुत्ते.मैंने मौसी की साड़ी और ब्लाउज को पूरा खोल दिया और अब मौसी मेरे शामे ब्रा और पेटीकोट में थी.

मैं : आठ हह साली तेरे बूब्स क्या मस्त है.फिर मैं बूब मसलने लग गया मौसी बोली : अह्ह्हो ओह्ह बेटे आठ तू रोज आया कर ना बहोत मजा आता है तेरे साथ तेरे मौसा तोह न मर्द है साला हिजड़ा खिन का.

मैं मौसी की ब्रा निकलते हुए बोलै undefined साली रैंड तेरा पति इतना ही न मर्द है तोह उसके सामने चुद ले मुझसे उसे ही पता चल जायजा की चुदाई किसे कहते है.

मौसी : आठ अहह मैं तोह चाहती हूँ की वो नामर्द हमारी चुदाई देख कर अपनी लूली को हिलाये.मैं मौसी के बूब्स को मसल रहा था तोह कभी उस पर थपड मरता तोह कभी उसे मुँह में ले कर चुस्त. मौसी इस सब का बड़ा मजा ले रही थी.

Mausi ki jabardasti chudai ki kahani :- उफ्फ्फ मरदारचोद साले मर मत हरामी चूस इन्हे.

मैं : साली कुटिया तू मेरी रंडी है जो मर्जी करू मैं तेरे साथ. साली तू होती कोण है मुझे बोलने वाली मरदारचोद रंडी बेहेन की लोदी.मौसी undefined हाँ देव मैं तेरी रंडी हूँ कुत्तिया हूँ मरदारचोद चूस इन्हे अब.मैं बूब्स को मुँह में ले कर चूसने लग गया और अपने हाथ से मौसी का पाटिकट खोल दिया और हाथ को पंतय में दाल दिया.

मैं : अहह साली रैंड तेरी छूट तोह बहोत गीली है कुटिया.मौसी undefined क्या करूँ रात को भी बिना लुंड लिए सोई हूँ ाचा नामर्द मिला है मुझे साला हिजड़ा.

मैं : साली रैंड वो नामर्द है तभी तोह मेरा लुंड तेरे लिए है. अगर वो नामर्द नहीं होता तोह तू मेरे लुंड पर कैसे आती रंडी साली और मौसी की chut के डेन को मसलने लग गया.

मौसी : आठ आह बीटा उफ़ आह मेरी छूट बहोत प्यासी है बीटा हम्म्म आठ छोड़ दे इसे फाड् दे कुत्ते मादरचोद हम्म्म.अब मैंने भी अपने कपडे उतरे और उसके बाद मौसी की पंतय को मैंने खोल दिया. 

मैं सिर्फ अंडरवियर में था और मौसी पूरी नंगी हो गयी. मेरे अंडरवियर में से मेरा ६.५ इंच का लुंड पूरी तरह से बहार आ रहा था.मौसी मेरे लुंड को पकड़ कर बोली undefined उफ़ क्या मस्त लुंड है तेरा कितना बड़ा है ये पहले से और भी बड़ा हो गया है.मैंने मौसी को सीधा किया और उसके दोनों पेअर के बिछे में बैठ कर मैं उनकी छूट को चाटने लग गया. 

मैंने जैसे ही मौसी की छूट पर जीब रखी मौसी की सिसकारी निकल गयी.

मौसी : आठ आठ मरदारचोद आठ.मैं छूट को लपा लैप छूट चाटने लग गया मौसी: अहह आह चाट बीटा उफ्फ्फ चाट मेरी छूट बहोत दिन से प्यासी है. साला वो नामर्द तोह छत्ता ही भी अहह आह चाट.मैं छूट को ऊँगली से फाइअ कर अंदर से जीब घुसा रहा था.

 मौसी : आठ आह बहनचोद और चाट आठ यह.और वो मेरा सर पकड़ कर छूट में दबाने लग गयी. मैं ऐसे ही मौसी की छूट को चाट रहा था जैसे कोई मैं कुत्ता हूँ. और मैं मौसी जैसे सातवे आस्मां पर थी.

मौसी बहोत ही ज्यादा मचल रही थी और सिसकिया ले रही थी. अचानक मौसी ने मेरा सर जोर से पकड़ कर छूट में दबा दिया और उनकी छूट में से रस निकलने लग गया.

मैं : साली रंडी क्या मस्त सवाद है तेरी छूट का.

मौसी : आठ आठ बीटा तू रोज चाट चाट कर मजा लिया कर तेरे लिए ही है ये मेरी छूट अहहह्म्म.

मैं : चल रंडी अब मेरे लुंड को लेने के लिए रेडी हो जा.

मौसी : आह दाल दे हरामी मैं कब मन कर रही हूँ तू तोह रोज डाला कर अपना लुंड मेरी छूट में.फिर मैं अपना अंडरवियर निकल कर मौसी के ऊपर लत गया मौसी मेरा लुंड को देख कर उसे हाथ में पकड़ कर बोली.

Mausi ki jabardasti chudai ki kahani मौसी : आठ क्या मस्त लुंड है तेरा अहह उम्.अब मैं मौसी के ऊपर लत गया और मौसी के दोनों पैरो को मैंने ऊपर कर अपना लुंड छूट के छेड़ पर रख दिया. मौसी अपने हाथ से अपनी गीली छूट को मसल रही थी. मैंने अपने लुंड को छूट के ऊपर रगंडा शुरू कर दिया.

मौसी : अहह अहह मरदारचोद कुत्ते दाल दे मेरी छूट में हरामजादे उफ्फ्फ बहोत मस्त लुंड है तेरा.

मैं : आठ मेरी रैंड ये ले कुत्तिया चैनल रंडी.और मैंने अपने लुंड को छूट में प्रेस करना शुरू किया और लुंड को आधा छूट के अंदर घुसा दिया. मौसी की छूट मेरे लुंड से चुद चुद कर पहले ही खुल चुकी थी और गीली भी हो गयी थी.मेरा लुंड आसानी से अंदर चला गया था पर जब मेरा लुंड मौसी की छूट में गया तोह मुसुई की सिसकिया निकल उठी.

मौसी : आठ अहा देव आठ बहनचोद उम् आठ बीटा.मैं अपने लुंड को और प्रेस करने लग गया और धीरे धीरे मैंने अपना लुंड छूट में पूरा गुसा दिया.

मौसी : उफ्फ्फ देव आठ अहह बहनचोद उम् आठ बीटा.मैं अपने लुंड को और प्रेस करने लग गया और धीरे धीरे मने अपना लुंड छूट में पूरा घुसा दिया.

मौसी : ुई माँ उफ्फ्फ मरडोद कुत्ते तू ही मेरा पति है होता तोह मजा ही आ जाता आठ मेरा पति तोह साला गांडू है.मैं अपने लुंड को अब धीरे धीरे छूट में रगड़ने लग गया और मैं बोलै साली रंडी उफ्फ्फ तेरी छूट आह्हः अहह  आठ छोड़ बीटा छोड़ मेरी छूट छोड़ दे आह अहह मा ओह्ह एस यस.मैं अपने लुंड को छूट में अंदर बहार रगड़ने लग गया और मौसी भी मेरा पूरा साथ दे रही थी. 

मौसी भी पूरी तरह से हिल हिल कर मारा लुंड छूट में ले रही थी.

मौसी : अहह अहह ओह यस आठ बीटा ुईं मा.ऐसा करीब ५-७ मिनट तक चला और उसके बाद मैंने अपनी स्पीड तेज़ कर दी. अब मैं मौसी को जोर जोर से छोड़ने लग गया.

मौसी : आठ अहह हरामी आह छोड़ मुझे ऐसे ही छोड़ मरडोद फाड़ दे मेरी छूट को उफ्फ्फ और जोर से छोड़ आठ अहह मा. सेल छोड़ ना मैं तेरी रंडी हूँ छोड़ मुझे .मैं अपनी पूरी ताकत से अपना लुंड मौसी की छूट में पेल रहा था.

jabardasti chudai ki kahani :- Chachi ki jabardasti chudai ki kahani

मौसी : मरदारचोद अंदर मत गिरा देना.और मैंने अचानक से अपना लुंड छूट से बहार निकला और मौसी के बूब्स के तरफ कर दिया. मैं मुठ मर कर अपने लुंड का पानी मौसी के बूब्स पर निकल दिय्या मेरा पूरा पानी मौसी के बूब्स पर निकला गया.मौसी मेरे इतने सरे पानी को निकलता देख कर बोली  उफ्फ्फ इतना सारा पानी  बीटा मजा आ गया.

फिर कुछ देर बाद मैंने मौसी के पेटीकोट से अपने लुंड और मौसी को साफ दिया. अब हम दोनों नंगे ही बीएड पर कुछ देर लेते रहे.

Friday, April 23, 2021

Pados ke bahiya ne blackmail ker bhabhi ki chudai keri

April 23, 2021 0 Comments

 Bhabhi ki chudai ki kahani

Bhabhi ki chudai ki kahani :-  हेलो फ्रेंड्स मेरा नाम अभी है और मैं १८ साल का हूँ. मेरे घर में हम ५ लोग रहते है जिनमे पापा मम्मी में भैया और स्टोरी की हीरोइन मेरी माधवी भाभी रहती है. मेरे भाई की शादी हुए अभी कुछ १ साल ही हुआ है.जब उनकी शादी हुई थी तब मेरे मन में भाभी क लिए कुछ भी नहीं था बूत एक दिन जब मैंने भाभी को बाथरूम में सिर्फ उनके टॉवल में देख लिया तब से सब कुछ ही बदल गया.सॉरी मैं बताना भूल गया की मेरी भाभी दिखने में बिलकुल श्रुति हस्सान जैसी लगती है और उनकी हाइट लहजभाग ५’६” होगी और मैं अपने बारे में बताना तो भूल ही गया की मेरी हाइट ५’११” है और मेरा लुंड ७ इंच का है.

तोह जब से मैंने भाभी को टॉवल में देखा तब से मेरा मन उनको छोड़ने का करने लगा. मैं रोज़ ही कोई बहाना ढूंढ़ने लगा की कैसे मैं उनके पास ज्यादा वक्त गुजार सकू.जब वो रसोई में होती तोह मैं जान बुझ कर रसोई में पानी पीने के बहाने चला जाता और पानी पीते-पीते उनकी गांड को देखने लगता. कई बार हिम्मत कर के उनकी गांड को थोड़ा सा हाथ भी लगा देता पर मुझे हर वक्त डर ही रहता की वो किसी को बता ना दे इसलिए मैं आगे कुछ नहीं कर पाटा.फिर एक दिन मैंने एक प्लान बनाया. मेरा रूम शाट पर था और हर रोज भाभी करीब ११ बजे कपडे सुखमे आती थी. एक दिन जब घर पर हमारे दोनों के इलावा और कोई भी नहीं था मैं जान बुझ कर उनके ऊपर आने सी पहले बाथरूम में नहाने चला गया.

Bhabhi ki chudai ki kahani
Bhabhi ki chudai ki kahani

 

 

जब मुझे उनके ऊपर आने की आवाज़ आयी तोह मैं सिर्फ टॉवल में ही बाथरूम सी बहार आ गया और सीधा भाभी की तरफ गया और उनसे कहा की मैं आपकी मदद कर देता हु कपडे सुखाने में तोह उन्होंने पहले मन किया.बूत फिर मेरे इंसिस्ट करने पर वो मान गयी. फिर मैं सिर्फ टॉवल में उनके पीछे-पीछे बहार चला गया और कपडे वायर पर डालने लगा. भाभी ने उस दिन ब्लू कलर का सलवार सूट पहना था और बो बहुत ही सेक्सी लग रही थी.मेरा लुंड तोह आलरेडी खड़ा था टी उनको देख कर. भाभी ने भी मेरे टॉवल में टेंट नोटिस कर लिया था और उनकी नज़र बार-बार मेरे टॉवल की तरफ जा रही थी. 

फिर मैंने अपने प्लान के मुताबिक़ गिरने की एक्टिंग की और ऐसे शो किया की जैसे मेरी राइट थिगह में चोट लग गयी हो.भाभी मेरी तरफ जल्दी से आयी और मुझे उठाने लगी मैं जान बुझ कर जोर-जोर सी चिलाने लगा. जब वो मुझे उठा रही थी तोह मैं जान बुझ कर कभी उनके शोल्डर पर हाथ रखने के बहाने उनके बूब्स को छू लेता और कभी उनकी गांड को टच करता.फिर भाभी मुझे मेरे कमरे में ले गयी और मैं सीधा बीएड पर गिर पड़ा. भाभी पूछने लगी की ज्यादा चोट लगी है क्या? तोह मैं कहने लगा की बहुत दर्द हो रहा है और उन्होंने ने खा की चलो मैं तेल से मालिश कर देती हु तोह शायद थोड़ा आराम मिले.

जब वो तेल ले कर आयी तो मैंने अपना टॉवल थोड़ा सा ऊपर खींच लिया और भाभी तेल सी मालिश करने लगी. फिर मैंने जान बुझ कर टॉवल गिरने की एक्टिंग की और ऐसी एक्टिंग करने लगा की जैसे मैं उससे उठाना चाहता हु पर दर्द बहुत हो रहा है.भाभी ने कहा “रहने दो कोई बात नहीं मैं तुम्हारी भाभी ही तोह हु.” तोह मैंने खा की सॉरी भाभी तोह उन्होंने खा की कोई बात नहीं तुम्हारे तो चोट लगी है इसमें तुम्हारी कोई गलती नहीं है.भाभी को देख कर मेरा लुंड एक दम तन गया था अपने ७ इंच के अकार में और भाभी की नज़र भी बार-बार मेरे लुंड पर आ रही थी.

 मालिश के बहाने उन्होंने ने दो-तीन बार मेरे लुंड को टच भी किया. फिर जब मालिश हो गयी तो वह जाने लगी तोह मैं उनको बैठने के लिए कहा.हुए मैं भी उठ कर बैठ गया. मैंने उनसे कहा की मुझे बाथरूम जाना है तो उन्होंने ने कहा “चलो मई तुम्हे ले चलती हूँ और टॉवल को उठाने लगा तो भाभी ने खा की कोई बात नहीं है घर में कोई भी नहीं है.

 ऐसे ही आ जा.तोह फिर मैं भाभी का कन्धा पकड़ कर धीरे-धीरे चलने लगा और ऐसे एक्टिंग करने लगा की जिअसे टांग अभी भी दर्द कर रही हो. कई बार तो मैंने भाभी के बूब्स पर भी हाथ रख दिया और जान बुझ कर अपना लुंड भाभी की गांड पर टच करने लगा.भाभी थोड़ा उनकंफर्टबले हो रही थी बूत उन्होंने ने कुछ नहीं बोलै फिर जब मैं बाथरूम सी बहार निकला तो भाभी सीधा मेरे लुंड को देखने लगी और कमरे में जाते वक्त कहने लगी “अभी तुम्हारा लुंड तोह काफी बड़ा है मैंने पूछा “क्यों? भैया का लुंड इतना बड़ा नहीं है क्या?” तोह वह कहने लगी “नहीं उनका लुंड तोह सिर्फ ५ इंच का है.” तो मैं समझ गया की भाभी को मेरा लुंड चाहिए. मैंने कहा की अगर आपको बड़ा लुंड ाचा लगता है तोह आप कभी भी मेरे पास आ सकते है.तोह हु एक दम सी गुस्सा होने लगी और कहने लगी “मैं तुम्हारी भाभी हु यह सभ मैंने इस लिए किया क्योंकि तुम मेरे देवर हो और तुम्हारे चोट लग गयी है. इसके आगे हमारे बिच में कुछ भी नहीं है.”

Bhabhi ki chudai ki kahani

और वो जब उठ कर जाने लगी तो मैंने उनका हाथ पहाड़ लिया और उनको अपनी तरफ खींच लिया और वो सीधा मेरे ऊपर गिर पड़ी. मेरा लुंड उनकी जांघो पर टच होने लगा. और इससे पहले की वह कुछ बोल पाती मैंने उनको एक जबरदस्त लिप किश कर डाली.पहले तो उन्होंने ने रेसिस्ट किया बूत बाद में वो मेरा साथ देने लगी. मैं भी उनकी गांड सहलाने लगा और बूब्स दबाने लगा. फिर उन्होंने ने भी बता ही दिया की मैं भी तुम्हारे साथ कितने ही समय सी सेक्स करना चाहती थी बूत कभी भी घर ऐसा खली नहीं मिला.

तोह मैंने जल्दी से भाभी का सूट और सलवार उतार दी और अब वो सिर्फ पंतय और रेड ब्रा में थी. पहले भाभी ने अपना ब्रा उतार दिया और पंतय नहीं उतारी और वो सीधा मेरे लुंड को मुँह में लेके चूसने लगी मैं तो जैसे ७ वे आसमान में था.

फिर मैंने उनकी पंतय भी उतार दी और वो बिलकुल किसी पोर्नस्टार क जैसे लग रही थी. उन्होंने ने अपनी छूट भी शेव कर राखी थी. जैसे ही वो मेरा लुंड अपने मुँह में दुबारा लेने लगी तभी बहार से दरवाजा खुलने की आवाज़ आयी और मैं तो बिलकुल दर ही गया. मैंने भाभी को कहा की आप कमरे में ही रहना मैं देख कर आता हु की कोण है.मैं कपडे पहन कर निचे गया और दरवाजा खोला तोह देखा की हमारे पडोसी का लड़का जो की १९ साल का है वह आया था और कह रहा था की आपकी चाट (टेरेस) पर मेरी बॉल गिर गयी है. मैंने कहा की मई लाकर देता हूँ.

वह बोलै की ठीक है पर मुझे कही पर भी बॉल नज़र नहीं आयी तो मैंने उससे चाट (टेरेस) पर सी ही आवाज़ लगाई की तुम ऊपर आकर ढून्ढ लो. वह ऊपर आया और बहार चाट पर बॉल धोंडे लगा और मैंने अंदर जा कर भाभी सी कहा की बहार मत आना और मैं बहार आए गया.गर्मी बहुत ज्यादा थी तोह राज (पडोसी का लड़का) मुझे कहने लगा की भैया थोड़ा पानी मिलेगा? मैंने खा की अभी ला कर देता हूँ और मैं निचे फ्रिज में से पानी लेने चला गया. जब मैं वापिस ऊपर आ रहा था तोह मुझे भाभी के चीखने की आवाज़ आयी.मैं डर गया की अब क्या हो गया? जब मैं ऊपर गया तो मैंने देखा की भाभी कमरे में से बहार सीधा बहार भाग रही है और तभी राज ने भाबी को नंगा देख लिया और भाभी भी अपने हाथो से उनके बूब्स और छूट हो ढकने लगी.राज तो उन्हें देख ता ही रह गया. मैंने भाभी से पूछा की आप भार क्यों आ गए? तोह उन्होंने बताया की कमरे में एक लिज़र्ड उनके ऊपर गिर पड़ी. 

तब मैंने राज को देखा वोह बिलकुल दांग था भाभी को इस हालत में देख कर.जब मैं उसके पास गया और उसको कहने लगा की प्लीज तुम यह बात किसी को बताना मत तभी वो कहने लगा की ठीक है नहीं बताऊंगा बूत जैसे ही वह अपने घर वापिस जाने लग्गा तभी उसका बड़ा भाई जो की लगभग २१ साल का है हमारे घर पर आ गयाऔर उसने भाभी को बहार नंगा खड़ा देख लिया तब भाभी और भी दर गयी और उन्होंने ने अपनी बॉडी एक कर्टेन सी धक् ली. तो रोहित (बड़ा भाई) कहने लगा की यह क्या भाई अपनी भाभी के साथ अकेले-अकेले मज़े लेने का प्लान है लगता है?

मैंने उससे खा की ऐसी कोई बात नहीं है और वह मेरी भाभी की तरफ देखने लगा और कहने लगा की क्या माल है तुम्हारी भाभी यार. तोह मैंने उससे कहा “प्लीज तुम यह बात किसी को बताना मत पर वह मान नहीं रहा था.भाभी भी अब कर्टेन सी बहार निकल कर उससे कहने लगी “प्लीज किसी को मत मत बताना वार्ना बहुत बदनामी हो जाएगी.”

 जब भाभी कर्टेन से बहार निकली तो रोहित का लुंड उसके पंत में टेंट बनाने लगा तोह मैं समझ गया की उसके इरादे ठीक नहीं है.वो कहने लगा “नहीं मैं तोह गली में सब लड़को को बताऊंगा.” 

Bhabhi ki chudai ki kahani :- मैंने उससे कह दिया “ऐसा मत करना अगर चाहो तो तुम भी भाभी के साथ चुदाई कर लो तोह वह झट सी मान गया और भाभी मेरी तरफ हैरान होकर देखने लगी बूत उनके पास भी और कोई चारा नहीं था.उनको हमारी बात मन नई पड़ी. मैं और रोहित दोनों ने अपने कपडे उतार दिए. रोहित का लुंड तक़रीबन ७.५ इंच का था पर पतला था मेरे लुंड से. फिर क्या था हम दोनों भाभी पर टूट पड़े. मैं भाभी के बूब्स दबाने लगा और और रोहित सीधा भाभी के मुँह में लुंड डालने लगा.करीब १० मिनट्स के बाद मैंने अपना लुंड भाभी की छूट में दाल दिया और रोहित ने अपना लुंड भाभी की गांड में दाल दिया. भाभी डर के मारे चीख रही थी और राज अभी भी खड़ा सभ कुछ देख रहा था तोह रोहित ने खा की घर जा और किसी को कुछ नहीं बताना.

बूत अब वह कहने लगा की मुझे भी यह करना है तोह रोहित ने उससे समझने की कोशिश की बूत वह कहने लगा की मैं घर जाकर सब कुछ बता दूंगा. तोह रोहित ने खा की चल कर ले बूत सिर्फ एक बार तो वह झट सी मान गया.भाभी को भी अब मज़ा आने लगा था. राज ने अपनी पंत उतारी और अपना ५.५ इंच का लुंड निकाल कर भाभी के पास आ गया और भाभी को हसी आगयी की इतना छोटा सा लड़का मेरे साथ सेक्स करना चाहता है. तोह भाबी ने उसका लुंड पकड़ा और ऊपर निचे करने लगी.वो सिसकारियां लेने लगा फिर भाभी ने उसका land अपने मुँह में लिया और उसे चूसने लगी. 

इधर हम दोनों भी भाभी को ताबड़-तोड़ छोड़ रहे थे. फिर यही कुछ ३ मिनट में राज कहने लगा की मेरे लुंड में कुछ हो यहा है और उसने अपना सारा माल भाभी के मुँह में ही छोड़ दिया.वह लेत गया और कहने लगा की बहुत मज़ा आया. फिर रोहित ने उससे घर जाने को कहा और व्वह घर चला गया. इधर मैं और रोहित ने अब पोसिशन्स चेंज कर ली और अब वह भाभी की Chut मार रहा था.जब वह झड़ने वाला था तोह उसने अपना सारा माल भाभी के बूब्स पर निकाल दिया और पीछे जाकर बैठ गया. इधर मैं फिर सी भाभी की chut मरने लगा और तक़रीबन ५ मिनट्स में मैंने अपना सारा माल भाभी के अंदर ही निकाल दिया.

जब मैं उठा और बाथरूम जाने लगा तो रोहित ने मुझे कहा की अब कब चढ़ाई करेंगे? तोह मैंने खा की यह फर्स्ट एंड लास्ट टाइम था अब तुमने एक बार कर लिया है.

 वह हसने लगा और मुझे अपने फ़ोन में वीडियो दिखने लगा जिसमे मैं भाभी को छोड़ रहा हु. सेल ने उस वक्त हमारी वीडियो बनाली और कहने लगा की अब से जब भी मैं चहु तुम्हारी भाभी को मुझसे छोड़ना पड़ेगा.नहीं तोह मैं यह वीडियो सब लड़को को भेज दूंगा और इंटरनेट पर भी दाल दूंगा तोह भाभी तोह बिलकुल डर ही गयी और रोने लगी बूत रोहित ने उनका एक लम्बा सा स्मूच लिया और कहने लगा की वह किसी और को नहीं बताएगा अगर वह उसकी बात मानेगी तोह. भाभी और मैं मान गए.उसके बाद रोहित जब चाहे भाभी को chodna का प्लान बना लेता और उसने अपने फ्रेंड्स सी भी भाभी की चढ़ाई करवा दी. यह कैसे हुआ नेक्स्ट स्टोरी में पढ़ लेना और रही मेरी बात. मैं और भाभी तोह लग-भाग रोज ही सेक्स करने लगे थे.होप आप सब लोगों को यह स्टोरी अछि लगी होगी.

Tuesday, April 20, 2021

Call boy ne seema bhabhi ki chudai ki kahani

April 20, 2021 0 Comments

 Seema bhabhi sex story in hindi

 Seema bhabhi sex story in hindi :- हेलो दोस्तों कैसे हो आप सब? मुझे तो आप सब जानते ही है. फिर भी जो नई रीडर्स स्टोरी पढ़ने आये है उनको मई अपने बारे में बता देता हु.मेरा नाम रोहित है. मई एक कॉल बॉय हु. मेरी आगे २२ है और लुंड का साइज ७″ है. मई राजस्थान का हु.

 मैंने अब तक बहुत सी लड़कियों एंड भाभियो को छोड़ा है. अब मई अपनी स्टोरी पर आता हु. इस स्टोरी में मैंने एक हाउसवाइफ को कॉल बॉय सर्विस दी थी.वो मेरी सर्विस से बहुत खुश हुई थी और मुझे २ दिन के जयपुर ट्रिप पर ले गयी और वह भी मैंने उसको खूब छोड़ा और उसने मुझे मेरे चार्जेज दिए. जयपुर में मैंने उसके साथ क्या किया ये आपको इस स्टोरी के नेक्स्ट पार्ट में बताऊंगा. 

Seema bhabhi sex story in hindi

 Seema bhabhi sex story in hindi


 

अभी इस पार्ट में मई आपको ये बताने जा रहा हु की कैसे मैंने उस हाउसवाइफ को choda. तो स्टोरी स्टार्ट करता हु.मेरे पास १० दिन पहले एक मेल आया. उस मेल में उस हाउसवाइफ लेडी ने अपने बारे में बताया. उसने कहा-लेडी: मेरा नाम सीमा अग्गरवाल है. मेरी आगे ३५ है और मई लखनऊ की रहने वाली हु.

उसने मुझे कहा की वो छोड़ना चाहती है. मैंने उससे रिप्लाई दिया-मई: मैडम आपको मेरे होमटाउन आना होगा. मई यही chodta हु.वो आने को मान गयी और २ दिन बाद आने को बोल रही थी

. फिर २ दिन बाद वो मेरी सिटी के होटल में रुकी. उसने मुझे फ़ोन किया की वो आ चुकी है और मुझे भी अपने पास उसी होटल में बुला लिया.फिर मई उसके होटल में गया और उसके रूम की बेल्ल बजायी तो सीमा ने दूर ओपन किया.

 उस वक़्त उसने ब्लू जीन्स एंड ब्लू टॉप पहने हुए थी. उसकी गांड जीन्स में उभरी हुई थी. उसको देख कर मैंने स्माइल पास की तो उसने भी स्माइल दी और हेलो से रिप्लाई दिया.हम दोनों सोफे पर बैठे थे. उसने कॉफ़ी आर्डर की और हम कॉफ़ी पीने लगे. 

वो मुझसे पूछ रही थी-

सीमा: फिर कैसे खुश करोगे बेबी मुझे आज?

मैं: बेबी टेंशन मत लो आज आपको पूरा खुश करके भेजूंगा. आपको पूरा मज़ा मिलेगा.सीमा: हम्म्म मुझे मज़ा ही चाहिए. मैंने बहुत पड़ी है तुम्हारी स्टोरीज. वैसे ही करना है तुम्हे आज जैसा स्टोरीज में करते हो.मैंने उसको कहा: ओके बिलकुल वैसे ही करूँगा.

फिर हमारी कॉफ़ी फिनिश हुई और वो मेरी गॉड में आके बैठ गयी और बालो में अपनी सॉफ्ट सी उंगलिया घुमा रही थी. मैंने अपनी नाक उसकी ब्लू टॉप के अंदर डाली और खुशबू सूंघने लगा.

अह्हह्ह्ह्ह… क्या सुगंध थी दोस्तों उसके बूब्स की. मैंने उसका मुँह पकड़ा और उसके गुलाबी होंठो को किश करने और चूसने लगा. उसने भी अपने होंठ खोल दिए और मेरी जीभ को अपने मुँह से अंदर खींचने लगी.हमारी सिसकारियां गूँज रही थी. ुह्ह्हह्ह… आह्हः.. उउउउउ… मई उसको डीप किश दे रहा था और सीमा भी मज़े से मेरा साथ दे रही थी.

 कभी मैं उसके होंठो को हल्का काट लेता तो वो बोलती-

 Seema bhabhi sex story in hindi: आह्ह्ह्हह… रोहित क्या करते हो बेबी.मई उसकी एक न सुनता और अपने काम में लगा रहता. मैंने फिर कहा उसको-मई: क्या हुआ जान? दर्द हो रहा है तो किश न करू?

सीमा: बेबी… दर्द हो रहा है बूत मज़ा बहुत आ रहा है. ऐसा किश तो मेरे हस्बैंड ने भी नहीं किया कभी उफ्फ्फ.. रोहित. बेबी.. काश तुम मेरे हुब्बी होते तो रोज़ ऐसे ही मज़े दिया करते.मैं उसकी इन बातो से थोड़ा गरम होने लगा. 

हम किश भी करते जाते और वो मुझसे बाते भी करती रहती. वो पूरा मज़ा ले रही थी. उसी सोफे पर बैठे-बैठे हमने २० मिनट तक किश किया.उसके बाद मई वही पर उसकी गर्दन और गालो को चूमने और चाटने लगा. वो गरम आहें भरने लगी और उसके बूब्स ऊपर-नीचे उछलने लगे.

 Seema bhabhi ki chudai ki kahani: आह्ह्ह्ह.. उह्ह्ह.. रोहित.. बेबी… मज़ा दे रहे हो तुम बहुत…फिर मैंने सीमा को गॉड में उठाया और बीएड पर पटक दिया और वो लेट गयी. उसने मुझे अपने ऊपर ज़ोर से खींचा. 

मैं सीधा उसके होंठो पर अपने होंठ चिपका कर उसके ऊपर लेट गया.फिरसे हमारा किश कम्पटीशन स्टार्ट हो गया. कभी वो मुझे किश कर रही थी तो कभी मई उसको किश कर रहा था.

सीमा: उह्ह्ह… बेबी.. मज़ा आ रहा है. और करो बेबी… काटो मुझे.मई: जान मज़ा आ रहा है ना?वो बोली: बहुत ज़्यादा मेरे प्यारे रोहित.मैंने उसका टॉप उतारा और वो ब्लैक ब्रा में थी. उसके बूब्स ब्रा में बहुत कड़क थे और बाहर आने को बोल रहे थे.

 Bhabhi ki chudai ki kahani :- Padosan bahbhi ki chudai ki kahani

मैंने सीमा से कहा: बेबी देखो आपके बूब्स बाहर आने को मचल रहे है. देखो कैसे ऊपर-नीचे हो रहे है.सीमा ने एक बार अपने उछलते हुए बूब्स की और देखा.सीमा शर्माते हुए बोली: बेबी अब तुम पर देपेंद करता है की तुम इन बेचारो को तड़पने देते हो या इन्हे आज़ाद करते हो.मई समझ गया की वो क्या चाहती है.मैंने उसकी ब्रा खोल दी और बूब्स उछाल कर मेरे सामने आ गए. 

ऐसा लग रहा था जैसे कही चिप गए थे और अब अचानक मुझे सरप्राइज करने के लिए एक-दम से बाहर आ गए हो. मई उन बूब्स को अपने दोनों हाथो से मसलने लगा.सीमा: आराम से करो दर्द होता है.ये उसका दर्द का झूठा नाटक था. वो चाहती थी की मई और कस के दबाउ.फिर मैंने उसका एक निप्पल अपने मुँह में रखा और चूसने लगा. बहुत ही सॉफ्ट था उसका निप्पल. मुझे निप्पल चूसने में बहुत मज़ा आ रहा था.

मई उसको चूसता गया और दुसरे बूब को ज़ोर-ज़ोर से दबा रहा था. वो मछली की तरह तड़प रही थी और मज़ा भी ले रही थी.सीमा: आह्ह्ह्हह… ुह्ह्ह्ह… मज़ा आ रहा है. और चूसो और चूसो हम्म्म.. हम्म..मई बूब्स को बारी-बारी से चूसता गया और वो मज़ा लेती रही. वो अब बहुत गरम हो चुकी थी. फिर मई बूब्स चूसता हुआ उसके पेट पर पहुंचा. वो बहुत सॉफ्ट था. उसकी नाभि में मैंने अपनी नाक घुसाई और खुसबू लेने लगा.सीमा: उउइइइइइ.. मा..मई धीरे-धीरे उसकी नाभि को चाट रहा था और किश भी कर रहा था. वो लम्बी-लम्बी सिसकारियां भर रही थी.

 उसकी सिसकारियों से बूब्स ऊपर-नीचे हो रहे थे. मेरे दोनों हाथ बूब्स दबा रहे थे और मेरा मुँह नाभि में ही था.फिर मई नीचे गया तो उसकी ब्लू जीन्स मेरे सामने थी. मैंने उसको भी धीरे से उतारा. उसने गांड ऊपर करके जीन्स उतारने में मेरी हेल्प की. मैंने जीन्स उतार दी और वो अब ब्लैक पंतय में थी. उसकी पंतय पूरी गीली थी. मैंने पंतय के ऊपर से ही एक किश किया.सीमा: रोहित… अह्ह्ह्ह.. माआआ..मैंने पंतय को ऊपर से पकड़ते हुए उतारा. सीमा अब मेरे सामने बिलकुल नंगी थी. 

उसने अपनी छूट पर हलके बाल रखे थे और छूट पर वो बाल उसकी ख़ूबसूरती में चार चाँद लगा रहे थे.उसको देख कर लग रहा था की उसका पति सेक्स नहीं करता है अचे से. मैंने अपना मुँह छूट पर लगा दिया और छूट में अपनी जुबां घुमा दी. वो ज़ोर से आहें भरने लगी.सीमा: ुउउइइइइइमायआ.. ऐसा तो मेरे हस्बैंड ने वह कभी नहीं किया है. मज़ा बहुत आ रहा है बेबी.मई उसकी इस बात से और एक्ससिटेड हो गया और जुबां को और ज़ोर से छूट में घुमा रहा था.

 उसकी छूट के ऊपर के हिस्से को भी जीभ से चाट रहा था. वो पूरे बीएड पर उछाल-कूद कर रही थी और मेरे सर को छूट में दबा रही थी और बोल रही थी-सीमा: मज़ा आ गया राजा. और ज़ोर से ाःह.. अब से मई हर बार तुमसे ही सेक्स करवाउंगी. अह्ह्ह्ह.. ोीीिमआ.. और अंदर डालो अपनी जुबां आह्हः..मैंने २० मिनट उसकी छूट छाती और वो २ बार झाड़ गयी थी. अब वो उठी और मेरे कपडे उतारने लगी. 

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उसने मेरी शर्ट और जीन्स उतारी जल्दी से. अब मई इनर-वियर में था. उसने झट से वो भी उतार दिए और मई उसके सामने नंगा था.अब हम दोनों नंगे थे. वो मेरे ऊपर आयी और मुझे बीएड पर पीठ के बल लिटा दिया. वो मुझे किश करने लगी कभी होंठो पर तो कभी गाल और गर्दन पर. अब वो किश करते हुए मेरी चेस्ट पर आ गयी और मेरे निप्पल्स को चूसने लगी.मुझे बहुत मज़ा आ रहा था.

 मेरे मुँह से अह्ह्ह.. निकल गयी. फिर वो मेरे खड़े लुंड की और आयी. उसने लुंड को झट से मुँह में ले लिया और मई जन्नत की सैर कर रहा था.वो लुंड चूसती गयी अपने कोमल से मुलायम होंठो से. सीमा ने लुंड को चाटना शुरू किया. फिर मेरे अंडो को मुँह में लेकर चूस रही थी. पूरा मज़ा दे रही थी. जिसके कारण पहली बार ५ मिनट में मेरा पानी निकाल दिया उसके इस सेक्सी ब्लोजॉब ने. 

उसके साथ सेक्स करके मज़ा आ गया.फिरसे वो लुंड खड़ा करने के लिए लुंड को मुँह लेकर चूसने लगी. १० मिनट चूसने के बाद लुंड फिरसे खड़ा हो गया. अब वो छोड़ने के लिए तैयार थी. उसने लुंड पर कंडोम चढ़ाया और बीएड पर लेट गयी.मैंने उसकी टाँगे पकड़ी और दूर किया. फिर लुंड को हिलाते हुए उसकी छूट पर हलके-हलके से घुमाने लगा.वो बोली: उह्ह्ह.. मत तड़पाओ यार… बहुत दिन से तड़प रही हु इस पल के लिए. तुम और देर न करो. प्लीज बेबी दाल दो और छूट फाड़ दो.

मैंने एक ज़ोर का झटका दिया और आधा लुंड उसकी छूट में घुस गया.वो चिल्लाई: आह्ह्ह्हह.. धीरे.. डालो.वो बीएड पर अपने हाथ पेअर पटकने लगी. शायद बहुत दिन बाद चूड़ी थी इसलिए. उसकी छूट भी काफी टाइट लग रही थी और वो इसी वजह से चिल्लाई. मैंने अब लुंड को धीरे-धीरे आगे-पीछे करने लगा.सीमा: उह्ह्ह.. अह्ह्ह.. माँ.. धीरे-धीरे करना प्लीज.मई ५ मिनट तक धीरे-धीरे छोड़ रहा था. अब उसे भी मज़ा आने लगा और ज़ोर से छोड़ने को बोल रही थी. मैंने अब एक ज़ोर का धक्का दिया और पूरा लुंड उसकी छूट में चला गया.

Seema bhabhi ki chudai ki kahani:- उम्.. अह्हह्ह्ह्ह.. करके चिल्ला रही थी और मई उसको छोड़ता जा रहा था. वो धीरे छोड़ो धीरे छोड़ो बोलती गयी और मई छोड़ता गया. १० मिनट में वो अपनी कमर मेरे लुंड की और हिलाने लगी. मई समझ गया की अब उसको मज़ा आ रहा है और में छोड़ता गया.फिर मैंने पोजीशन बदली और उसको डोगग्य बनाया. फिर पीछे से उसकी २ मिनट गांड और छूट एक साथ छाती और लुंड छूट में घुसेड़ दिया.सीमा: हरामज़ादे.. कुत्ते.. धीरे छोड़ न.उसके मुँह से गाली सुन कर मज़ा आ गया. 

मई और ज़ोर से छूट मारने लगा और एक हाथ से उसके बाल पकड़ के खींच रहा था. वो पूरी मस्त होकर मेरे धक्को का जवाब अपनी गांड आगे-पीछे करके देने लगी.हम दोनों पसीने में भीगे हुए थे. एक चालु था और हम दोनों गर्मी में चुदाई का गेम खेल रहे थे. १५ मिनट ऐसे ही छोड़ने के बाद मैंने उसको दीवार के सहारे खड़े होने को कहा.वो मेरी इस बात से खुश हुई और बोली-सीमा: आज तक मई बीएड से उतर कर कभी चूड़ी ही नहीं. आज पहली बार कोई मुझे बीएड से दूर ले-जाकर छोड़ेगा. मेरी जान.. लव यू.फिर वो दीवार को पकड़ के कड़ी हो गयी. 

मैंने उसकी कमर को पकड़ कर पीछे किया और वो झुक गयी. मैंने लुंड उसकी छूट में घुसाया एक ही बार में लुंड अंदर घुसेड़ दिया.सीमा: आह्ह्ह्ह.. क्या लुंड है बे तेरा. साला दर्द दिए बिना अंदर नहीं जाता क्या?मई हसने लगा और चुदाई करने लगा.सीमा: ऊह्ह्ह्हह्ह.. यस फ़क में फ़क में बेबी.वो ऐसे बोलती रही और मई उसको छोड़ता गया. इसी बीच वो झाड़ गयी. वो अब तक ५ बार पानी निकाल चुकी थी. मई अपनी चरम सीमा पर था. फिर मैंने उसको उठाया और बीएड के किनारे लिटा दिया और छोड़ने लगा.

Seema bhabhi sex story in hindi: एसससस फ़क फ़क में फाड़ दो मेरी छूट को.वो बोलती गयी और में ज़ोरदार चुदाई करता गया. और ५ मिनट बाद मेरा पानी निकल गया. मई छूट में ही फ्री हो गया और उसके ऊपर आ गया और वो मुझे और मई उसको चूमने लगा.सीमा: रोहित बेबी तुमने खूब मज़ा दिया है आज. मेरे हुब्बी से भी बहुत ज़्यादा चुदाई की है.फिर ५ मिनट बाद मैंने लुंड बाहर निकला और उस पर से कंदों को निकला जिसमे मेरा माल था. सीमा ने कंडोम को हाथ में लिया और उसको ऊपर से ही चाटने लगी और थोड़ी सी जुबां कंडोम के अंदर डाली जिसमे मेरा पानी भरा हुआ था.उसने उस पानी को हल्का सा छाता और आँख बंद करके अपनी जुबां मुँह के अंदर ले गयी.

सीमा: ुह्ह्ह्ह क्या मस्त स्वाद है इसका.मई: तो पूरा पी जाओ मेरी बुलबुल.वो मुझे देखते हुए सारा पानी पी गयी. उसके बाद मैंने उसको रात में ४ बार और छोड़ा. मॉर्निंग में ७ बजे मेरी आँख खुली.वो मुझसे लिपट कर बोली: बेबी मेरे साथ २ दिन के लिए टूर पर चलोगे क्या जयपुर.मैंने भी बोल दिया: उसके लिए एक्स्ट्रा चार्ज लगेगा.वो बोली: कोई बात नहीं तुम ले लेना अपने चार्जेज.

 लेकिन मुझे वह २ दिन तक मस्ती करवानी होगी. छूट में लुंड डालना होगा और मई वह तुमसे अपनी गांड भी मरवाना चाहती हु.मई: ठीक है. कब जाना है?सीमा: आज ही.

Sunday, April 18, 2021

Maa ka boyfriend ki odia sex story

April 18, 2021 0 Comments

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odia sex story :-  ସମସ୍ତଙ୍କୁ ନମସ୍କାର, ମୁଁ ଆର୍ଯ୍ୟନ୍, 22 ବର୍ଷ | 2 ବର୍ଷ ପୂର୍ବେ ଘଟିଥିବା ମୋ ମା’ର ନୂଆ ପ୍ରେମିକ ବିଷୟରେ ମୁଁ ମୋର ବାସ୍ତବ ଜୀବନର ଅନୁଭୂତି ବାଣ୍ଟିବାକୁ ଚାହୁଁଥିଲି | ଆମର ଏକ ଛୋଟ ପରିବାର, ମୁଁ, ମୋ ମା ଏବଂ ବାପା | ଯେତେବେଳେ ମୁଁ 5 ବର୍ଷ ବୟସରେ ଆମେ ଆମେରିକା ଯାଇଥିଲୁ, ଏବଂ ବର୍ତ୍ତମାନ ଆମେ NRI |

ଗତ କିଛି ବର୍ଷ ଧରି ମା ଏବଂ ବାପାଙ୍କ ମଧ୍ୟରେ ସର୍ବଦା ମତଭେଦ ଏବଂ ସମସ୍ୟା ରହିଥିଲା ​​| ତେଣୁ ଗୋଟିଏ ଭଲ ଦିନ, ସେମାନେ ନିଜର ଉପାୟ ଖୋଜିବାକୁ ସ୍ଥିର କଲେ ଏବଂ ଛାଡପତ୍ର ହେଲେ | ମୁଁ ସେତେବେଳେ କଲେଜର ପ୍ରଥମ ବର୍ଷ ଶେଷ କରିଥିଲି |

ଛାଡପତ୍ର ପରେ ମା ’ଭାରତ ଯାଇ ମୁମ୍ବାଇରେ ମୋ ଜେଜେବାପାଙ୍କ ବ୍ୟବସାୟର ଯତ୍ନ ନେବାକୁ ସ୍ଥିର କଲେ। ତେଣୁ ମୋ ମା ଏବଂ ମୁଁ ମୁମ୍ବାଇକୁ ଫେରିଗଲି, ଏବଂ ମୋର ଅଧ୍ୟୟନ ଜାରି ରଖିବା ପାଇଁ ମୁଁ ପୁଣି କଲେଜରେ ଯୋଗ ଦେଲି |

ମୋତେ 45 ବର୍ଷ ବୟସ୍କା ମା ’ତରଙ୍କୁ ପରିଚିତ କରାଇବାକୁ ଦିଅ | ସେ ଜଣେ ଚମତ୍କାର ସ beauty ନ୍ଦର୍ଯ୍ୟ | ଅତ୍ୟନ୍ତ ନ୍ୟାୟଯୁକ୍ତ ଏବଂ ଏକ ସୁପରିଚାଳିତ ଚିତ୍ର, ନିୟମିତ ବ୍ୟାୟାମ କରନ୍ତି ଏବଂ ବହୁତ ସ୍ୱାସ୍ଥ୍ୟ ସଚେତନ | ତାଙ୍କର 36-28-36 ର ଏକ ସୁନ୍ଦର ଚିତ୍ର ଅଛି |

ସତ କହିବାକୁ ଗଲେ ଆପଣ ତାଙ୍କୁ ବିଦ୍ୟା ବାଲାନ ସହିତ ତୁଳନା କରିପାରିବେ। ତା’ର ଚେହେରା ବହୁତ ସମାନ | ସେ ବହୁତ ବକ୍ର ଏବଂ ଭଲ ଗୋଲାକାର ବଟ ଅଛି ଯାହା ସେ କଠିନ ପୋଷାକ ପିନ୍ଧିବା ସମୟରେ ସୁନ୍ଦର ଦେଖାଯାଏ | ସେ ଆଧୁନିକ ପୋଷାକ ପିନ୍ଧନ୍ତି ଏବଂ ଜଣେ ପ୍ରକୃତ ହେଡ ଟର୍ନର | ତାଙ୍କର ମଧ୍ୟ ଏକ ମଧୁର ସ୍ୱର ଅଛି, ଏବଂ ମୁଁ ଭାବୁଛି ସେ ଯେକ any ଣସି ପୁରୁଷଙ୍କୁ ପ୍ରତାରଣା କରିପାରନ୍ତି |

ତେବେ ଏଠାରେ ଯାହା ଘଟିଲା | ଆମେ ମୁମ୍ବାଇ ଯିବା ପରେ ମା ’ଦାଦାଙ୍କ ବ୍ୟବସାୟ ଶିଖିବାରେ ଏବଂ ବୁ understand ିବାରେ ବହୁତ ବ୍ୟସ୍ତ ହେଲେ | ସେ ବହୁତ କଠିନ ପରିଶ୍ରମ କରିଥିଲେ ଏବଂ କିଛି ମାସ ପରେ, ସେ ବହୁତ କ୍ଳାନ୍ତ ଦେଖାଯାଉଥିଲେ | ତା’ପରେ ଜିନିଷଗୁଡ଼ିକ ସ୍ଥିର ହେବାକୁ ଲାଗିଲା |


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ଆମେ ଆମ ଜେଜେବାପାଙ୍କ ଘରେ ରହିଥିଲୁ | ତେଣୁ କିଛି ମାସ ପରେ, ମା ଅଲଗା ଅଲଗା ହେବାକୁ ଚାହିଁଲେ ଏବଂ ଏକ ସୁନ୍ଦର ଫ୍ଲାଟ ଭଡା କଲେ | ଏହା ପରେ ମା ସାମାଜିକ ହେବା ଆରମ୍ଭ କଲେ, କିଛି କ୍ଲବରେ ଯୋଗ ଦେଲେ ଏବଂ ବନ୍ଧୁତା କଲେ |

ଯେହେତୁ ଆମେ ପ୍ରାୟ 15 ବର୍ଷ ଆମେରିକାରେ ଥିଲୁ ଆମେ ସଂସ୍କୃତିକୁ ବହୁତ ଭଲ ଭାବରେ ଜାଣୁ | ପ୍ରେମିକା, ସମ୍ପର୍କ, ଏବଂ ଡେଟିଂ ପ୍ରକାରର ଜିନିଷ ଆମ ପାଇଁ ନୂଆ ନୁହେଁ | ସେ କିଛି ପୁରୁଷ, ଚଳଚ୍ଚିତ୍ର, ରାତ୍ରୀ ଭୋଜନ ଏବଂ ସମସ୍ତଙ୍କୁ ଡେଟିଂ ଆରମ୍ଭ କଲେ |

କିନ୍ତୁ ସେ ଜୟଙ୍କୁ ଭେଟିବା ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ କିଛି ଗମ୍ଭୀର ନଥିଲା। ଜୟ, 34 ବର୍ଷ, ଜଣେ ସଫଳ ବ୍ୟବସାୟୀ, ଭଲ ଶିକ୍ଷିତ ଏବଂ ଭଲ ଭ୍ରମଣକାରୀ | ସେ ଲମ୍ବା, ସୁନ୍ଦର ଏବଂ ଜଣେ ଯୋଗ୍ୟ ସ୍ନାତକ ଏବଂ ବହୁତ ପରିପକ୍ୱ | ଏକ ସାମାଜିକ ଇଭେଣ୍ଟ ସମୟରେ ସେ ମୋ ମା’ଙ୍କୁ ଏକ କ୍ଲବରେ ଭେଟିଥିଲେ ଏବଂ ଉଭୟ ସଂଯୋଗ ହୋଇ ଡେଟିଂ ଆରମ୍ଭ କରିଥିଲେ |

ନଭେମ୍ବର ମାସ ପାଖାପାଖି ଥିଲା | ଶନିବାର ଦିନ, ମା ଜୟଙ୍କ ସହ ଡେଟରେ ଯାଇ ମଦ୍ୟପାନ କରିଥିଲେ। ଜୟ ରାତି ପ୍ରାୟ 11 ଟା ସମୟରେ ମା’ଙ୍କୁ ଘରେ ଛାଡିଦେଲା | ମୁଁ ତାଙ୍କୁ ପ୍ରଥମ ଥର ଦେଖିଲି ମା ଜଣେ ସାମାଜିକ ପାନୀୟ ଏବଂ ସର୍ବଦା ତାଙ୍କ ସୀମା ମଧ୍ୟରେ ପାନ କରନ୍ତି ଏବଂ ସେ କେବେବି ନିୟନ୍ତ୍ରଣ ବାହାରେ ନଥିଲେ |

କିନ୍ତୁ ଆଜି ସେ ମଦ୍ୟପାନ ଉପରେ ଟିକିଏ ଅଧିକ ଥିଲେ। ଜୟ ତାଙ୍କୁ କାରରୁ ଆମ ଫ୍ଲାଟର ଦ୍ୱାର ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ଧରି ରଖିବାକୁ ପଡିଲା | କବାଟ ବାଜିଲା, ଏବଂ ମୁଁ କବାଟ ଖୋଲିଲି | ମୁଁ ପ୍ରଥମ ଥର ପାଇଁ ଜୟଙ୍କୁ ଦେଖିଲି |

ମୁଁ: କ’ଣ ହେଲା?

ଜୟ: ସେ ଆଜି ମଦ୍ୟପାନ ଉପରେ ଟିକିଏ ଅଧିକ ପାଇଲେ | ତୁମେ ଆର୍ଯ୍ୟନ୍, ଠିକ୍?

ମୁଁ: ହଁ

ଜୟ: ମୁଁ ଜୟ, ତୁମ ମାଙ୍କର ବନ୍ଧୁ |

ମୁଁ: ଧନ୍ୟବାଦ, ଜୟ ମୁଁ ତାଙ୍କର ଯତ୍ନ ନେବି।

ମା (ଜୟଙ୍କୁ ଏକ ଅସ୍ପଷ୍ଟ ସ୍ୱରରେ): ବିଦାୟ, ପ୍ରିୟ!

ଏହା ଶୁଣିବା ପରେ, ମୁଁ ଟିକେ ଆଶ୍ଚର୍ଯ୍ୟ ହୋଇଗଲି ଏବଂ ଭାବିଲି ସେମାନେ ନିକଟତର ହେଉଛନ୍ତି | ପରଦିନ, ମା ଏବଂ ମୁଁ ପୂର୍ବ ରାତି ବିଷୟରେ କହିଥିଲୁ | ମା ମୋତେ କ୍ଷମା ମାଗିଲେ ଏବଂ ଟିକିଏ ନେଇଗଲେ ବୋଲି କହିଥିଲେ | ତା’ପରେ ମୁଁ ଜୟ ବିଷୟରେ ପଚାରିଲି | ସେ ମୋତେ କହିଥିଲେ ଯେ ସେ ତାଙ୍କୁ ଦୁଇ ସପ୍ତାହ ଧରି ଡେଟ କରୁଛନ୍ତି ଏବଂ ତାଙ୍କୁ କ୍ଲବରେ ଭେଟିଛନ୍ତି। (Read this odia sex story only on antarvasnaxxxstory)

ମୁଁ: ଏହା ଏକ ଗମ୍ଭୀର ସମ୍ପର୍କ କି?

ମା: ଏପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ନିଶ୍ଚିତ ନୁହେଁ, କିନ୍ତୁ ବୋଧହୁଏ |

ମୁଁ: ବୋଧହୁଏ?

ମା: (ମୋ ଉପରେ ହସିଲେ) ଏହା ଏକ ଗମ୍ଭୀର କି ନୁହେଁ ମୁଁ ଆପଣଙ୍କୁ ଜଣାଇବି | ତୁମେ ତାଙ୍କୁ ଭେଟିବା ଉଚିତ୍ | ସେ ଜଣେ ସୁନ୍ଦର ଲୋକ ମୁଁ ତାଙ୍କୁ ରାତ୍ରୀ ଭୋଜନ ପାଇଁ ନିମନ୍ତ୍ରଣ କରିବି କି?

ମୁଁ: ଠିକ୍ ଅଛି |

ତେଣୁ ମା ତାଙ୍କୁ ରାତିରେ ରାତ୍ରି ଭୋଜନ କରିବାକୁ ନିମନ୍ତ୍ରଣ କଲେ | ସେ ଆସିଲେ ଏବଂ ଆମେ ସମସ୍ତେ ଏକ ସୁନ୍ଦର ବାର୍ତ୍ତାଳାପ କଲୁ | ଜୟ, ବହୁତ ହାସ୍ୟାସ୍ପଦ ଏବଂ ବୁଦ୍ଧିମାନ ସହିତ କଥାବାର୍ତ୍ତା କରିବାକୁ ବହୁତ ସୁନ୍ଦର ଥିଲା | ସେ କିଛି ଘଣ୍ଟା ମଧ୍ୟରେ ମୋ ସହିତ ବହୁତ ବନ୍ଧୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ହେଲେ | ଆମେ ଭଲ ରାତ୍ରୀ ଭୋଜନ କଲୁ ଏବଂ ସେ ଚାଲିଗଲେ | ସେ ଚାଲିଯିବା ପରେ,

ମା: ତେବେ, ଜୟ ବିଷୟରେ ତୁମେ କ’ଣ ଭାବୁଛ?

ମୁଁ: ସେ ଭଲ, ଏବଂ ମୁଁ ତାଙ୍କୁ ପସନ୍ଦ କଲି | କିନ୍ତୁ ତୁମେ ଭାବୁନାହଁ ଯେ ସେ ତୁମ ପାଇଁ ବହୁତ ଛୋଟ?

ମା: ଆରେ, ମୁଁ ବୃଦ୍ଧ ଦେଖାଯାଉଛି କି?

ମୁଁ: ନା, ଲୁକ୍ ଦ୍ୱାରା ନୁହେଁ | କିନ୍ତୁ ବୟସ ଅନୁସାରେ?

ମା: ଆହା, ବୟସ କେବଳ ଏକ ସଂଖ୍ୟା | ଏଇଟା ଭୁଲିଯାଅ।

ମୁଁ: ଠିକ୍, ଏହା ଆପଣଙ୍କ ଉପରେ ନିର୍ଭର କରେ | ଯେପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ତୁମେ ଖୁସି, ମୁଁ ଠିକ ଅଛି |

odia sex story :- ମା ହସି ହସି ମୋ ଗାଲକୁ ଚୁମ୍ବନ ଦେଇ କହିଲା, ଧନ୍ୟବାଦ, ମୁଁ ତୁମକୁ ଭଲ ପାଏ! ଏବଂ ମୁଁ ଉତ୍ତର ଦେଲି, ମୁଁ ମଧ୍ୟ ତୁମକୁ ଭଲ ପାଏ।

ଏହା ସେତେବେଳେ ଡିସେମ୍ବର ଥିଲା ଯେତେବେଳେ ମା ନୂଆ ବର୍ଷ ବିଷୟରେ କଥା ହେବା ଆରମ୍ଭ କଲେ |

ମା: ଆରେ, ଆମେ ମୁମ୍ବାଇରୁ ନୂଆ ବର୍ଷ ପାଳନ କରିବାକୁ ଯୋଜନା କରୁଛୁ |

ମୁଁ: କେଉଁଠାରେ?

ମା: ଆମେ ଏପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ସ୍ଥାନ ବିଷୟରେ ନିଷ୍ପତ୍ତି ନେଇନାହୁଁ | ଆପଣ ଆମ ସହିତ ଯୋଗ ଦେବାକୁ ଚାହୁଁଛନ୍ତି କି?

ମୁଁ: ୟା, ନିଶ୍ଚିତ |

ମା ନିୟମିତ ଭାବେ ଜୟଙ୍କ ସହିତ ବାହାରକୁ ଯିବା ଆରମ୍ଭ କଲେ | ସେମାନେ ଏକାଠି ଅନେକ ସପିଂ ଏବଂ ଡିନର୍ କରିଥିଲେ | ମୁଁ କହିପାରେ ଯେ ସେମାନେ ପ୍ରକୃତରେ ସଂଯୁକ୍ତ ହୋଇଥିଲେ ଏବଂ ଏହା ପ୍ରାୟ ଏକ ସମ୍ପର୍କ ପରି ଥିଲା | ତା’ପରେ ଖ୍ରୀଷ୍ଟମାସ ଅତିକ୍ରମ କଲା,

କିନ୍ତୁ ତଥାପି, ସେମାନେ ସେମାନଙ୍କର ଭ୍ରମଣ ସ୍ଥାନ ଯୋଜନା କରିନାହାଁନ୍ତି | ଶେଷରେ, ମା 28 ତାରିଖ ସନ୍ଧ୍ୟାରେ ଘରକୁ ଫେରି କହିଲା ଆମେ ଗୋଆକୁ ଯାଉଛୁ | ସେହି ଦିନ ରାତିରେ ଆମେ ଆମର ବ୍ୟାଗ ପ୍ୟାକ୍ କରିଥିଲୁ ଏବଂ ଆମର ବିମାନ 29 ତାରିଖ ମଧ୍ୟାହ୍ନରେ ଥିଲା |

ପରଦିନ ଜୟ ଆମକୁ ନେବାକୁ ସକାଳେ ଆସିଥିଲେ | ସେ ମୋତେ ବିମାନ ବନ୍ଦରକୁ ଯିବାକୁ ଦେଲେ। ଗାଡି ଚଳାଇବା ସମୟରେ ଦୁହେଁ ପଛ ସିଟରେ ଥିଲେ। ମା ତାଙ୍କ ଉପରେ ଆଉଜିଥିଲେ ଏବଂ ତାଙ୍କ କାନ୍ଧରେ ହାତ ଥିଲା | ମୁଁ ସେମାନଙ୍କୁ ସମୀକ୍ଷା ଦର୍ପଣରେ ଯାଞ୍ଚ କରୁଥିଲି | ସେ ତାଙ୍କ କାନ୍ଧ, କେଶକୁ ଯତ୍ନ ନେଉଥିଲେ ଏବଂ ମୁଁ ମଧ୍ୟ ତାଙ୍କ ହାତକୁ ତା ବାଣ୍ଡକୁ ଘଷୁଥିବାର ଦେଖିଲି |

ବାଟରେ, ସେ ଏକ ବେଳାଭୂମି ରିସର୍ଟକୁ ମଧ୍ୟ ଏକ କଲ କରିଥିଲେ ଯେଉଁଠାରେ ସେ ଗୋଆ ପରିଦର୍ଶନ କରିବା ସମୟରେ ସାଧାରଣତ। ରହିଥା’ନ୍ତି | ସେ ୨ଟି କୋଠରୀ ସଂରକ୍ଷଣ କରିଥିଲେ। ଆମେ ବିମାନବନ୍ଦରରେ ପହଞ୍ଚି କାର ପାର୍କିଂ କଲୁ | ଆମେ ବିମାନ ନେଇ ଗୋଆରେ ପହଞ୍ଚିଲୁ ଏବଂ ରାତି ପ୍ରାୟ 4 ଟା ସମୟରେ ହୋଟେଲରେ ପହଞ୍ଚିଲୁ |

ହୋଟେଲରେ ପହ As ୍ଚିବା ବେଳକୁ ଆମକୁ ଏକ shock ଟକା ଲାଗିଥିଲା ​​| ରିସର୍ଟ ମ୍ୟାନେଜର ଆମକୁ କହିଥିଲେ କେବଳ ଗୋଟିଏ କୋଠରୀ ଉପଲବ୍ଧ ଅଛି | ସେମାନଙ୍କର ଜଣେ ଅତିଥି ସେମାନଙ୍କ ରହଣି ବୃଦ୍ଧି କରିବାକୁ ଚାହୁଁଥିଲେ | ତେଣୁ ଅନ୍ୟ କୋଠରୀ ଯାହା ଆମର ବୋଲି ଅନୁମାନ କରାଯାଉଥିଲା ଖାଲି ନଥିଲା | ଏହା ଶୁଣି ଜୟ ଏବଂ ମା ନିରାଶ ହୋଇଥିଲେ ଏବଂ ଏହା ସେମାନଙ୍କ ମୁହଁରେ ସ୍ପଷ୍ଟ ହୋଇଥିଲା।

କିଛି ସମୟ ପାଇଁ ନୀରବତା ରହିଲା | ମୁଁ ପରିସ୍ଥିତିକୁ ବୁ understood ିଲି ଏବଂ କହିଲି, ମୁଁ ଅନ୍ୟ କିଛି ହୋଟେଲ ଚେଷ୍ଟା କରିପାରିବି | ମ୍ୟାନେଜର କହିଛନ୍ତି, ଏହା ନୂଆ ବର୍ଷର ସମୟ, ଏବଂ ସମସ୍ତ ହୋଟେଲ ସମ୍ପୂର୍ଣ୍ଣ ବୁକ୍ ହୋଇଯିବ | ତେବେ ସେ ନିକଟସ୍ଥ ହୋଟେଲଗୁଡ଼ିକୁ ଡାକି କ rooms ଣସି କୋଠରୀ ଉପଲବ୍ଧ ଅଛି କି ନାହିଁ ଯାଞ୍ଚ କରିଥିଲେ। ଦୁର୍ଭାଗ୍ୟବଶତ।, କ none ଣସିଟି ଉପଲବ୍ଧ ନଥିଲା |

ଶେଷରେ, ଜୟ କହିଛନ୍ତି ଯେ ଆମେ ଉପଲବ୍ଧ କୋଠରୀ ନେଇ ମୋ ପାଇଁ ଏକ ଅତିରିକ୍ତ ଶଯ୍ୟା ଯୋଗ କରିପାରିବା | କିନ୍ତୁ ତାଙ୍କର ସ୍ୱର ଅତ୍ୟନ୍ତ ନିରାଶାଜନକ ଥିଲା | କ guests ଣସି ଅତିଥି ଖାଲି ଅଛନ୍ତି କି ନାହିଁ ତାହା ଜଣାଇବାକୁ ସେ ମ୍ୟାନେଜରଙ୍କୁ ଅନୁରୋଧ କରିଥିଲେ। ଯାହାଫଳରେ ଆମେ ସେହି କୋଠରୀ ନେଇପାରିବା | ଏପରିକି ମୁଁ ସେମାନଙ୍କ ପାଇଁ ଖରାପ ଅନୁଭବ କଲି କିନ୍ତୁ ମୁଁ କିଛି କରିପାରିବି ନାହିଁ |

ଆମେ ଆମ ରୁମକୁ ଯାଇ ସତେଜ ହୋଇଗଲୁ | ଆମେ କିଛି ଚା ପିଇଲୁ ଏବଂ ସମୁଦ୍ର କୂଳକୁ ଗଲୁ | ଜୟ ଏବଂ ମାଆ ପ୍ରେମୀ ବା ଦମ୍ପତି ପରି ସମୁଦ୍ର କୂଳରେ ହାତ ଧରିଥିଲେ | ଆମେ ସୂର୍ଯ୍ୟାସ୍ତକୁ ଉପଭୋଗ କଲୁ ଏବଂ ସମୁଦ୍ର କୂଳରେ ଥିବା ଏକ ରେଷ୍ଟୁରାଣ୍ଟରେ କିଛି ମଦ ସହିତ ରାତ୍ରୀ ଭୋଜନ କଲୁ | ରାତି ପ୍ରାୟ 10 ଟାରେ ଆମେ ରୁମକୁ ଫେରିଲୁ |

ତା’ପରେ ଆମେ ବର୍ଷା କରି ଶଯ୍ୟା ପାଇଁ ପ୍ରସ୍ତୁତ ହେଲୁ | କିଏ ଅତିରିକ୍ତ ଶଯ୍ୟା ନେବାକୁ ଯାଉଛି ସେ ବିଷୟରେ କହିବା ପୂର୍ବରୁ, ମୁଁ ଯାଇ ଏହାକୁ ଦଖଲ କଲି | ଏହା ରାଜା ଆକାରର ଶଯ୍ୟା ପାଖରେ ଥିଲା |

ତା’ପରେ କିଛି ସମୟ ପରେ ଜୟ ଏବଂ ମା ମଧ୍ୟ ଖଟ ଉପରେ ଆଘାତ କଲେ | ମା ଏକ ନାଇଟ୍ ଗାଉନ୍ ପିନ୍ଧିଥିଲେ ଏବଂ ଜୟ ବକ୍ସର ଥିଲେ | ଏହା ଆମ ତିନିଜଣଙ୍କ ପାଇଁ ଅତ୍ୟନ୍ତ ଲଜ୍ଜାଜନକ ପରିସ୍ଥିତି ଥିଲା | ପ୍ରାୟ 30-45 ମିନିଟ୍ ଅତିକ୍ରମ କଲା | ଏହା ସମ୍ପୂର୍ଣ୍ଣ ନୀରବତା ଥିଲା | ମୁଁ ଶୋଇ ନଥିଲି କିନ୍ତୁ କେବଳ ମିଛ କହି ଶୋଇବାକୁ ଚେଷ୍ଟା କରୁଥିଲି ଏବଂ ପରିସ୍ଥିତି ଭୁଲିଯିବାକୁ ଚେଷ୍ଟା କରୁଥିଲି |

ଏବଂ, ମୁଁ ଭାବିଲି ଯେ ଜୟ ଏବଂ ମା ଶୋଇଛନ୍ତି | ହଠାତ୍ ମୁଁ କିଛି ଫୁସ୍ଫୁସ୍ ଶୁଣିଲି | ଏହା ମା ବହୁତ କମ୍ ସ୍ୱରରେ କହୁଥିଲା | ନିମ୍ନଲିଖିତ ବାର୍ତ୍ତାଳାପ ଅତି ନିମ୍ନ ସ୍ୱରରେ ଘଟିଲା ଯେପରି ସେମାନେ ଫୁସ୍ଫୁସ୍ କରୁଥିଲେ |

ମା: ହନି, ସେ ଶୋଇଛି କି ନାହିଁ ଯାଞ୍ଚ କର |

ଜୟ: ଠିକ୍ ଅଛି |

ମୁଁ ଅନୁଭବ କଲି ଯେ କେହି ଖଟରେ ନଇଁପଡି ମୋ ପାଖକୁ ଆସୁଛନ୍ତି | ମୁଁ ଆଖି ବନ୍ଦ କରି ଶୋଇବାର ବାହାନା କଲି |

ଜୟ: ଶିଶୁ, ସେ ଶୋଇଥିଲେ |

ମା: ତା’ପରେ ଆସ, ମୋତେ ନେଇଯାଅ ପ୍ରିୟେ |

ତା’ପରେ ମୁଁ ଦୁହେଁ ଗାଡ଼ି ଓ ଚୁମ୍ବନ ଶୁଣିଲି | ଏହା ଏତେ ନୀରବ ଥିଲା ଯେ ମୁଁ ସେମାନଙ୍କ ଚୁମ୍ବନ ଶୁଣିବାକୁ ସକ୍ଷମ ହେଲି | ମୁଁ ଦେଖିଲି ମା’ର ନାଇଟ୍ ଗାଉନ୍ ବିଛଣାର ଅପର ପାର୍ଶ୍ୱରେ ଚଟାଣରେ ଫୋପାଡି ଦିଆଗଲା | ମୁଁ ନିଜକୁ ଭାବିଲି, ‘ଠିକ୍ ଅଛି, ସେମାନେ ଆରମ୍ଭ କରିଛନ୍ତି।’ ତା’ପରେ ମୁଁ ଦେଖିଲି ଜୟ ବିଛଣାର ଅପର ପାର୍ଶ୍ୱକୁ ଓହ୍ଲାଉଛନ୍ତି।

ମୁଁ ଖଟ ତଳେ ତାଙ୍କ ଗୋଡ ଦେଖିପାରିଲି | ସେ ଠିଆ ହୋଇଥିଲେ। ତା’ପରେ ମୁଁ ଶୋଷିବାର ଶବ୍ଦ ଶୁଣିଲି | ମା ତା ବିଆକୁ ଚୁଚୁଥିଲା | ସେ କ୍ରନ୍ଦନ କରୁଥିଲା ଏବଂ ମା କହିଲା, “ଶବ୍ଦ କର ନାହିଁ। ଯଦି ସେ ଜାଗ୍ରତ ହୁଏ ତେବେ ଏହା ଅତ୍ୟନ୍ତ ଲଜ୍ଜାଜନକ ହେବ। ” ତା’ପରେ ସେମାନେ ସେମାନଙ୍କର କ୍ରନ୍ଦନକୁ ନିୟନ୍ତ୍ରଣ କଲେ।

ମୁଁ ଶୋଷିବା ଶୁଣିପାରେ | ଜୟ ପାଟି କରି କହୁଥିଲେ, “ବେବି, ମୁଁ ଏହାକୁ ଭଲ ପାଏ | ମୋର ପ୍ରିୟତମ, ମୋତେ ଚୁପ୍ କର। ” ଏହା ପ୍ରାୟ 5 ମିନିଟ୍ ପର୍ଯ୍ୟନ୍ତ ଚାଲିଲା | ତା’ପରେ ମୁଁ ଜୟଙ୍କୁ ଆଣ୍ଠୁମାଡି ବସିଥିବାର ଦେଖିଲି | ମୁଁ କଳ୍ପନା କଲି ସେ ତାଙ୍କୁ ଖାଇବାକୁ ଯାଉଛନ୍ତି | ମୁଁ କଳ୍ପନା କରିଥିବା ପରି ଏହା ଘଟିଛି 



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ଜୟ ମା’ର ଭାଉଜ ଖାଇବା ଆରମ୍ଭ କରିବା ମାତ୍ରେ ସେ ଏକ ହାଲିଆ ସ୍ୱରରେ ଏକ କ୍ରନ୍ଦନ ଦେଲା | ମୁଁ କ୍ରମାଗତ ଭାବରେ ଅତି ନିମ୍ନ ସ୍ୱରରେ କ୍ରନ୍ଦନ ଶୁଣୁଥିଲି | ମୁଁ ଅନୁଭବ କରିପାରିଲି ଯେ ସେମାନେ ପ୍ରକୃତରେ ଏହାକୁ ଉପଭୋଗ କରୁଛନ୍ତି | କିନ୍ତୁ ମୁଁ ଭାବିଲି ଯଦି ମୁଁ ସେଠାରେ ନଥା’ନ୍ତି ସେମାନଙ୍କ ପାଇଁ ଭଲ ହୋଇଥାନ୍ତା |

ତେଣୁ ସେ ତାଙ୍କୁ କିଛି ସମୟ ଖାଇଲେ ଏବଂ ବର୍ତ୍ତମାନ ସେ ପୁଣି ଠିଆ ହେଲେ | ମୁଁ ଅନୁମାନ କଲି ସେମାନେ ଫ୍ୟାକ୍ କରିବାକୁ ପ୍ରସ୍ତୁତ | ମୁଁ ଦେଖି ପାରିଲି ନାହିଁ, କିନ୍ତୁ ଜୟଙ୍କ ସ୍ଥିତିରୁ, ମୁଁ କହିପାରେ ଯେ ମା କୁକୁର ଅବସ୍ଥାରେ ଅଛନ୍ତି | ତା’ପରେ ଜୟ ପଚାରିଲେ

ଜୟ: ଶିଶୁ, ତୁମର କଣ୍ଡୋମ ଅଛି କି?

ମା: ହେ ମହୁ, ମୁଁ ଭାବିଲି ତୁମର ଏହା ଅଛି |

ଜୟ: ନା, ମୁଁ କିଣିବାକୁ ଭୁଲିଗଲି | ବର୍ତ୍ତମାନ କଣ କରିବା?

ମା: ହନି, ଏହାକୁ ଭୁଲିଯାଅ, ମୋତେ ଚୁଚୁମି |

ଜୟ: ପ୍ରିୟ, ତୁମେ ନିଶ୍ଚିତ କି?

ମା: ହଁ, ମୋତେ ଚୁଚୁମି, ତୁମେ ମା ଫ୍ୟାକର୍, ମୋତେ ବିଚ୍ ପରି ଚୁଚୁମି |

ଜୟ: ଓ ,, ତୁମେ ପ୍ରକୃତ ବ୍ୟଭିଚାର ପରି ଦେଖାଯାଉଛ |

ମା: ହଁ, ବର୍ତ୍ତମାନ ଚୁଚୁମି |

ମୁଁ ଅନୁମାନ କରୁଛି ଜୟ ତାଙ୍କ କୁକୁରକୁ ଭର୍ତ୍ତି କଲା | ମା ପୁଣି କ୍ରନ୍ଦନ କଲା | ଖଟଟି ସାମାନ୍ୟ ଥରି ଉଠୁଥିଲା, ତେଣୁ ଏହା ନିଶ୍ଚିତ ହୋଇଛି ଯେ ଜୟ ବର୍ତ୍ତମାନ ମାଙ୍କୁ ଚୁଚୁମିଛନ୍ତି | ମା କାନ୍ଦୁଥିବା ସ୍ୱରରେ କ୍ରନ୍ଦନ କରୁଥିଲା, “ଆସ, ଶିଶୁ, ମୋତେ ଚୁଚୁମି, ଓଁ ହଁ ମୋତେ ଚୁଚୁମି, ପ୍ରିୟଙ୍କା |”

ଜୟ ଉତ୍ତର ଦେଉଥିଲେ, “ହଁ, ଶିଶୁ, ମୁଁ ତୁମକୁ ଧୋକା ଦେବି | ତୁମେ ବହୁତ ଶୃଙ୍ଗ। ତୁମର ଭାଉଜ ଏତେ ଓଦା ଏବଂ ଟାଣ। ” ଦୁହେଁ ଆନନ୍ଦ ନେଉଥିଲେ | ମ In ିରେ, ମା କାନ୍ଦିବାକୁ ଲାଗିଲା |

Friday, April 16, 2021

Mausi ki chudai ki bangla sex story

April 16, 2021 0 Comments

bangla sex story

bangla sex story  :- নমস্কার দ্বৈত, আপনি কি জানেন যে আমরা আপনাকে বলছি যে আপনি সবার কাছে এসেছেন আমাদের এক নতুন দিকের বুহত হিট হিস্ট্প্পরিজ কাহিনী তার কাছে পড়ুন আপনি সমস্ত বুকহ মজা এখন এসেছেন। আজকের গল্পটি খুব মজাদারের কাছে পড়তে হবে আপনার সবগুলিই চলমান চড় جائগা। আজকের গল্পটি হ'ল রাজস্থানের জাহাজের একটি ছেলের সাথে তার পুরো রাত্রে চাপ পড়ছে। জি হ্যাঁ, এই ছেলেটির নাম নিহার হয়েছে যে বুহত হি বিগডা হ'ল। মন মন স্কুলও না ভাবি। যিনি বেশিরভাগই তাঁর আগাগারগিদিতে থাকলেন যা পুরো স্কুলটিতেই নাম বদলেছে।

কিছু দিনের ছুটির দিনে শিক্ষার্থীদের নিজের নানীর বাড়ি চালানো হয়েছিল যেখানে তিনি বেশ ভাল এবং রোমান্টিক সময় নিযুক্ত করেছেন। জি, হ্যাঁ, যখন আপনার নানীর বাড়ির বাড়ির কিছুটা নেই তবে বাড়ি থেকে বের হয়ে এসেছিল। দুজনের পাসে বুর্তির খুব দুরত্বের অভিজ্ঞতা রয়েছে যার নীহার নে বুধত উপস্থিত হয়েছে। যখন ভো ভাদ হয়েছে সে আগে তার প্রথম দিন তোমার আভারাগর্দী অনুসন্ধান শুরু করল। ভোদা সিডা মউসির সাথে কথা বলতে হবে এবং সেগুলি খুব কম নয় जा মৌসুমীও হরকতে দুদিকের অজিব ততক্ষণে ততক্ষণে রাতের খাবার খাওয়ার পরে ভোজনিও পুরোপুরি ধাক্কা খায় এবং রান্নার অ্যাকাউন্টে এতটা ধরণের থাকে না।
ভঞ্জে নে হিম্মত অনুসন্ধানের মউসির চুদনে প্রদত্ত চাপুর




সব রান্না খায়া এবং মুসি পাশের নিহার উপরে ছাত উপর তলতে যাওয়া হয়েছে। তড়িঘড়ি তল্লাশির পরে মুসি এবং নিহারের দূরত্ব কম হওয়া এবং নিহার নে মৌসীর কান্ডে হাত রাখা হয়েছে। মৌসি নে দেখেছে এবং দেখছি যখন ততক্ষণ নিহার নে মসি না দেখানো হয়েছে যেমন নিহার নে আপনার চোখের মুন্সীর জায়গা ঘোরাঘুরি তত্ক্ষণে নিশি কোমর নিভৃত এবং সম্পূর্ণরূপে মুড বুহত হিक्सी তৈরি করেছে। নিহারের সাথে যোজনা হচ্ছিলো তবে সে এই রকম হবে না সে সোহাক হয়ে গেছে। নিহার হেরান থু বৌসী সম্পূর্ণরূপে এবং চুম্বন এর উপভোগ করুন। নীহার নে আবার আপনার দিব্যি মাবুদের কৌতুক কম এবং তার বাহিরে প্রবেশ করিয়েছে।

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সে মাউসির কাসের সিলেকে ধরেছিল এবং নিজের হোথো থেকে জোর থেকে মাউসির চুমনা শুরু করল उसने মাছি নেও তার কাশ গ্লে থেকে নেওয়া হয়েছে এবং চুম্মিত হয়েছে। আবার দু'জনের উপরের দর্শনে একই স্তরের উপরের লট এবং দরজা বন্ধ করা হয়েছে। তিনি এতটাই ভাল কথা বলছেন যে এই মুহুর্তের মধ্যে কিছুটা হতাশাগ্রস্থ হয়ে ওঠেনি वस মাউসী হেল বিস্টারে লেটা কর বুহত দেরী হ্যাভস বুজাই এবং দুটো পুরো নাঙ্গা হকের সাথে অন্য এক সাথে খেলছে। মাউসী নিহার সমস্ত বদন উপর চুমা এবং বুহত হেক্সি কাছাকাছি সময়ে সমস্ত বদন আপনার হঠো থেকে চিত্র লুকো।

নিহার নে তার পরে মউসির বৌলবসের বেশ কয়েকদিন ধরে চাপ দিন এবং বুহত হেক্সির কাছাকাছি সময়ে মাইসির বড় হয়ে গেছে এবং নারায়াম বুদবস চুশতা রহ। মৌসি নে তার পরে নীহারের লন্ড ধরা পড়েছে এবং তোমার মুছে ফেলেছে সমস্ত বিস মিনিটুন মুসি ইন নিহারের বন্ধুরা থেকে চুদা এবং নিহার একবার বার সন্তুষ্টিত। নিহার নেতিও এনি তাড়াতাড়ি হার না মানি এবং মউসির বুহত হ'ল তত্পরতা থেকে নিজের মোটা এবং সক্ত লন্ড চুসায়া। মাউসির হালকান অবধি লন্ডস লুকোয়েনির পরে নিহারে একবার বার্সা হয়ে গেলো আপনার মুঠোফোনে প্রকাশ হয়েছে। তারপরে সে তার মাসিকে ধীরে ধীরে 15 মিনিট চুমা এবং তার সমস্ত জিম্মের বন্ধুরা অনুভব করেছিল।

তারপরে নিহার নে আপনার মোটা এবং মজবুত লন্ড মুসি এর চূড়ান্তভাবে ডল্ট এবং মউসির বুহাত এর চিকিত্সা চর্মুখ নেমেছে এবং মসি বুহত জোর জোর থেকে চিল্লেন লাগিয়েছে মাউসির চক্ষু সোনার পরে নীহার এবং বেশি লিখিত এবং ভোসসি এবং জোর থেকে চৌদ্দনে লাগানো হয়েছে। মুন্সি চিকেনেন এবং তিউজ হয়েছে তবে মুসি নেহারের সাথে সারারাত চিরমুশ হয়েছে। পুরো 1 ঘন্টা মৌসুমীর চৌদ্দনের পরে নিহার নে আপনার পুনর্বার ঘোষিত এবং পুনরায় স্বর্ণের পরে পুনরায় মৌসির গন্ধ মরি।

bangla sex story :- যে রাত মৌসি নিহার থেকে সমস্ত তিন বার চুদি যখন সকালের দিকে কিছুটা চলতে শুরু করে তবে মৃন্ময়ীর সাথে আনন্দ হয় নিহারের বাঁড়াটি উপভোগ করা যায় এবং তার সমস্ত ভালোবাসার চূড়ান্ত এবং গণ্ডিতে নামানো হয়। তারপরে নিহার যখন ততক্ষণে রাকা তখন ততক্ষণে চুদাতি হয়ে গেছে এবং রোজ রাত্রে হাওয়াসের নঙ্গা নাচ যেমন বরকর রহ। তবুও, ক্যাসি দুর্বার আজকের গল্প, আপনি পেন্দে আই হ্যাঁ কাল পুনর্বাসনা করুন ওয়েবসাইটটি পড়ুন এবং পড়ুন রাইমেন্সিক এবং হাভেসের ভরি কাহিনী।

Thursday, April 15, 2021

Padosan bahbhi ki chudai ki kahani

April 15, 2021 0 Comments

Chudai ki kahani :- 

हलो दोस्तों मेरा नाम युवी है और मई पंजाब पटिआला से हु. मेरी आगे २६ ईयर है और मई हमेशा चुदाई का प्यासा ही होता हु. मुझे बड़ी उम्र की गर्ल्स भाभियाँ और औंटीएस को छोड़ने में और उनका पानी निकाल कर पीने में बहुत मज़ा आता है.ये मेरी फर्स्ट स्टोरी है और आप लोग प्लीज मुझे फीडबैक ज़रूर देना की आपको मेरी स्टोरी कैसी लगी.तो चलिए आपको बोर न करते हुए स्टोरी पर आते है-दोस्तों उस टाइम मई २२ ईयर का था और मई अपने दोस्त की कॉलोनी में अक्सर उसके घर जाता रहता था.

 हम साथ में ही एक कॉलेज में थे तो आना-जाना लगा रहता था. तो एक बार उनकी कॉलोनी में एक नई कपल आया.वो लोग अपना सामान अपने में लेकर जा रहे थे.

Padosan bahbhi ki chudai ki kahani
Padosan bahbhi ki chudai ki kahani

 

 

 वो किसी को जानते भी नहीं थे और गर्मियों के दिन थे. दोनों हस्बैंड वाइफ गर्मी में सामान ऊपर ३र्ड फ्लोर पर कर रहे थे.मई आपको उस फॅमिली के बारे में बता दू. अमित और उसकी वाइफ मीरा ही थे फॅमिली में. मीरा ज़्यादा ब्यूटीफुल तो नहीं थी लेकिन उसका फिगर तो वाह! क्या बताऊ लुंड खड़ा हो जाता है याद करके.

Chudai ki kahani :- उसके बूब्स तरबूज़ जैसे थे और उसकी गांड देख कर तो लुंड बेकाबू हो जाता है. तो मई उनके पास गया और मैंने अमित को हलो बोलै और उनको अपना नाम बताया. फिर मैंने उनको हेल्प के लिए पुछा तो अमित ने कहा-अमित: येह सूरे.तो हमने सामान ऊपर undefined किया और मई बार-बार मीरा को देख रहा था. उसको भी अब शक सा होने लगा था की मई उसको ताड़ रहा हु. अब सामान सारा ऊपर हो गया था.वो दोनों थक गए थे और सोफे पर बैठे थे. इतने में मीरा कोल्ड ड्रिंक ले आयी और हमने कोल्ड-ड्रिंक पी ली. 

मैंने मीरा को काम-वासना की नज़र से देखा लेकिन उसने कुछ नहीं कहा.अब मैंने उनको बाई कहा और अपने घर आ गया. मेरी आँखों में बस मीरा का फिगर था. मई वाशरूम गया और उसके नाम की मुठ मारी. अब रात हो गयी थी और मुझे नींद नहीं आ रही थी.नेक्स्ट डे मई फिरसे वह गया और मई जान-बूझ कर उनके के सामने से १-२ बार गुज़रा ताकि वो मुझे देख सके. इतने में अमित ने मुझे आवाज़ दी और मैंने उसको ही कहा. फिर उसने मुझे अंदर बुलाया और कोल्ड ड्रिंक ऑफर की.

मैं कोल्ड ड्रिंक पी रहा था की इतने में मीरा बाथरूम से नाहा कर निकली. क्या मस्त लग रही थी वो. उसने अपने हेयर खुले छोड़े हुए थे. मेरा तो लुंड खड़ा हो गया लेकिन मैंने किसी तरीके से उसे छुपा लिया.लेकिन मीरा ने मेरा लुंड देख लिया था और उसने हलकी सी स्माइल की. फिर उसने मुझे हलो बोलै और मैंने भी ही कहा. फिर वो अपने रूम में गयी और कुछ मिनट्स बाद आयी और हमारे साथ बैठ गयी.वो मेरे बारे में पूछ रहे थे की मैं कहा से हु क्या करता हु वगैरा-वगैरा. 

मैंने उन्हें सब बताया और मैंने उनसे पुछा तो उन्होंने बताया की अमित की जॉब के कारण उन्हें यहाँ  होना पड़ा और मीरा पहले टीचर थी और अभी फ्री है मतलब हाउस वाइफ है.उसके बाद अमित और मेरे बीच दोस्ती हो गयी और हमने नंबर एक्सचेंज कर लिए. उसके बाद मई अपने दोस्त के घर चला गया. मेरे दोस्त के घर से मीरा की बालकनी दिखाई देती थी तो मई वह खड़ा रहता था की कब मुझे मीरा दुखायी दे.इतने में मीरा वह आयी और हमारी नज़रे मिली और उसने एक स्माइल की और मैंने भी. अब मुझे मीरा को छोड़ना ही छोड़ना था. मुझसे कण्ट्रोल नहीं हो रहा था.

 ऐसे ही कुछ वीक्स निकल गए.एक दिन मुझे अननोन नंबर से कॉल आयी और मैंने पुछा: कोण बोल रहा है?तो उसने बताया: मीरा बोल रही हु.मीरा का नाम सुन कर मेरी तो हार्टबीट तेज़ हो गयी. मैंने उसका हाल चाल पुछा और उसको पुछा 

Chudai ki kahani मैं: मेरा नंबर आपको कहा से मिला?उसने कहा: अमित के फ़ोन से लिया है.फिर मैंने पुछा: कैसे याद किया मुझे आज.उसने कहा: मुझे घर में सामान सही ढंग से लगाना है तो क्या आप मेरी हेल्प कर सकते है?ये सुनके मेरे मैं में लड्डू फूटने लग गए. मेने तुरंत हां कर दी और मई अपनी बाइक से वह पहुँच गया. मैंने दूर बेल्ल बजायी और उसने दूर ओपन किया. मैंने उसको देखा तो देखता ही रह गया.उसने मैक्सी पहनी हुई थी और उसकी ब्रा जैसे अभी फट जाएगी ऐसा लग रहा था. उसने कहा-मीरा: अंदर भी आओगे की वही खड़े रहना है?

तो मई होश में आया और अंदर चला गया.फिर उसने पुछा: क्या लोगे?मैंने नॉटी स्माइल करते हुए कहा: जो आप दे दो.तो उसने स्माइल की और कोल्ड ड्रिंक लेकर आ गयी. फिर हमने उनका बीएड सेट किया और बाकी का फर्नीचर भी सेट किया.मैंने पुछा: अमित कहा है?तो उसने कहा: वो काम के लिए २ दिन के लिए बाहर गया है.तो मेरी तो लाटरी निकल आयी. अब मुझे उसे छोड़ना था लेकिन कैसे ये समझ में नहीं आ रहा था.

Chudai ki kahani 

फिर उसने कहा: लंच करते है.मैंने बोलै: ठीक है.फिर वो बोली: मई नाहा कर आती हु फिर कही बाहर चल कर लंच कर लेंगे.उसके बाद वो नाहा कर और तैयार हो कर आयी. अब उसने जीन्स और शार्ट टॉप पहना हुआ था. बी गॉड एक-दम आईशा तकिए लग रही थी.फिर उसने कहा: हमारी कार में चलते है.तो हम मॉल गए और वह पिज़्ज़ा हूत में गए. फिर कुछ हॉर्स वह स्पेंड किये और इतने में शाम हो गयी. फिर हम वापस उसके घर आ गए.शाम को उसने कहा: मुझे तुम्हारी दोस्ती अछि लगी. तुम कुछ ही दिनों में हमारे काफी क्लोज आ गए जैसे बहुत पुराने दोस्त हो.और फिर वो रोने लग गयी. मैंने उसे चुप करवाया और रोने का कारण पुछा तो उसने नहीं बताया. 

मेरे लाख पूछने पर उसने बताया की उसके हस्बैंड का कही और अफेयर है और वो उस पर ध्यान नहीं देता.मैंने कहा: कितना बड़ा बेवक़ूफ़ है तुम्हारा हस्बैंड. इतनी प्यारी बीवी हो तो कोण बाहर जायेगा. मैंने उसको गालिया दी और मीरा को चुप करवाया. मैंने मीरा से फ़्लर्ट करते हुए कहा-मई: अगर मेरी ऐसी बीवी होती तो मई हमेशा उसको प्यार करता.और अब उसे भी कुछ हो रहा था.

तो उसने कहा: क्या करते तुम.तो मैंने कहा: मई उसको खुश रखता और उसको पलकों पर बिठा कर रखता.उसने पुछा: मैं तुम्हे कैसी लगती हु?मैंने बिना डर के उसको कहा: मुझे तुम पारी जैसी लगती हो.और ये सुन कर वो शर्मा गयी. 

फिर मैंने अपने हाथ से उसके फेस को पकड़ा और उसको किश करने के लिए आगे बढ़ा. इतने में उसने मुझे किश कर दिया और मेरे लिप्स को बाईट करने लगी.वो ऐसे बाईट कर रही थी जैसे बहुत सालो के बाद उसने किश की हो. वो वाइल्ड हो रही थी. मुझे उसने सोफे पर लिटा दिया और खुद किश किये जा रही थी. फिर मई उठा और उसको बाहो में उठा कर बीएड पर ले गया और किश करने लगा.फिर वो मेरी शर्ट के बटन खोल रही थी और किश कर रही थी. इतने में मैंने अपनी पंत भी खोल दी और अंडरवियर भी. अब मैंने उसकी जीन्स और टॉप खोल दिए और ब्रा भी. 

फिर मई उसके बूब्स पर टूट पड़ा और उनको मसलने और निचोड़ने लगा.फिर मैंने उसकी पंतय उतारी और उसकी छूट को जीभ से लीक करने लगा और ऊँगली भी अंदर-बाहर करने लगा. वो फिश के जैसे तड़प रही थी और उसने कहा-

मीरा: अब बर्दाश्त नहीं होता अब chod दो मुझे.मैंने बिना टाइम लगाए लुंड उसकी छूट पर रखा और छूट गीली होने के कारण लुंड अंदर जाने लगा. मैंने थोड़ा सा धक्का मारा तो आधा लुंड अंदर चला गया. वो सिसकिया लेने लगी और दर्द के कारण चीखने लगी.फिर मैंने और ज़ोर लगाया तो पूरा लुंड अंदर चला गया. मई उसे धीरे-धीरे छोड़ने लगा और उसके बूब्स पर बाईट करने लगा. फिर मैंने धक्को की स्पीड तेज़ करदी.कुछ टाइम बाद मैंने उसे घोड़ी बनाया और लुंड छूट में पेल दिया.

मैं उसे छोड़ते टाइम उसकी गांड के छेद को भी मसल रहा था वो अब तक २ बार पानी निकाल चुकी थी. हम १९-२० मिनट से चुदाई कर रहे थे.मैंने उसे कहा: मेरा निकलने वाला है.

तो उसने कहा: अंदर मत छोड़ना.लेकिन इतने में देर हो चुकी थी. मैंने अपना सारा पानी उसकी छूट के अंदर ही छोड़ दिया और उस पर लेट गया. फिर कुछ मिनट्स के बाद मई उठा और उसको सॉरी बोलै. उसने मुझे किश किया और कहा- आईटी’स ोकय .फिर हम एक-दुसरे को किश करते रहे और मेरा लुंड फिर खड़ा हो गया.तो दोस्तों नेक्स्ट पार्ट में मई आपको बताऊंगा की कैसे मैंने उसकी गांड छोड़ी.

Tuesday, April 13, 2021

Mausi ki jabardast chudai ki kahani - Bangla sex story

April 13, 2021 0 Comments

bengla sex story

 আমি আশা করি আপনারা আমার গল্পটি পছন্দ করবেন এবং এই গল্পটি পড়তেও উপভোগ করবেন।


এই গল্পটি কয়েক মাস আগের। আমি যখন বন্ধুদের পড়াশোনা করি। এই সময়ের বিষয় যে আমার এক মামা মাসিমা আছে, তিনি আমাকে প্রায়শই তার বাড়িতে ডাকতেন, কিন্তু আমি জানতাম না যে সে তার বাড়িতে যাচ্ছে।

আমার কলেজে আমারও বন্ধু রয়েছে এবং আমি 12 এ পড়ি। আমার কাগজপত্রও আসছিল, তাই আমি আমার কাগজের প্রস্তুতি নিচ্ছিলাম। এমন সময় আমার খালা আমাকে এখানে আসতে বলছিলেন।


Bangla sex story
Mausi ki jabardast chudai ki kahani - Bangla sex story


তারপরে আমি মামিকে বললাম যে আমার পরীক্ষা আসতে চলেছে এবং আমার পরীক্ষা শেষ হলে আমি নিশ্চিত হয়ে যাব, তখন খালা বলল।

আপনি ভাল পড়া এবং পাস, তারপর এসে ফোন হ্যাং আপ। বন্ধুরা, আমি আমার চাচীকে 5 বছর আগে দেখেছি এবং সে আমাকে এখনও দেখেনি বা খালা আমাকে তখনও দেখেনি। তারপরে আমি আমার পরীক্ষার জন্য প্রস্তুতি শুরু করি এবং কয়েক দিনের মধ্যে আমার পরীক্ষাও এসেছিল।

bengla sex story  :- আমি পরীক্ষা দিতে গিয়েছিলাম কারণ আমার কাগজপত্র অন্য জায়গায় অনুষ্ঠিত হচ্ছিল এবং আমার বন্ধুরা আমার কলেজের কেন্দ্রে তখন দুটি জায়গায় গিয়েছিল। আমি একা ঘরে থাকতাম এবং কারা আমার বন্ধু ছিল। তারা একসাথে থাকত। আমি ভাবতাম যে এই কাগজটি শীঘ্রই শেষ করা উচিত এবং আমার বাড়িতে যাওয়া উচিত। তারপরে আস্তে আস্তে আমার পরীক্ষাও শেষ হয়ে গেল এবং আমি আমার বাড়িতে চলে গেলাম।

তারপরে পরীক্ষার জন্য তিন মাসের ছুটি থাকে এবং আমার মনে হয়েছিল সেই দিনগুলিতে আমি কোথাও বেড়াতে এলে ভেবেছিলাম আমার খালা দীর্ঘদিন ধরে ডাকছেন calling আমি এখানে ঘোরাঘুরি। আমি আমার খালাকে সেদিন ডেকেছিলাম এবং আজ আমি যেখানে যাচ্ছি আপনার জন্য এখানে আসার পরে আমি তার বাড়ির উদ্দেশ্যে রওনা হয়েছি।

তারপরে আমি আমার খালার বাড়িতে পৌঁছে গেলাম কিন্তু আমি তার বাড়িটি চিনি না। তারপরে চাচিকে বললাম যে আমি এখানে দাঁড়িয়ে আছি, কেউ যদি বাসায় থাকে তবে পাঠাও, তখন সে বলেছিল যে এটা একটা থাইক। আমি আমার শ্যালকাকে পাঠাচ্ছি।

এর 5 মিনিট পরে, একটি মেয়ে আমাকে ডেকে বলেছিল যে আমি কী ধরণের পোশাক পরেছি, তাই আমি তাকে নিজের সম্পর্কে বললাম। তারপরে একটি মেয়ে বন্ধু এল, সে দেখতে দুর্দান্ত লাগছিল looking তারপরে আমি তার সাথে মাসির বাড়িতে গেলাম।

chudai ki kahani :- Holi Ke Din chachi ki chudai

খালাকে দেখে আমি ওর দিকে তাকিয়ে রইলাম। সে বিয়ের আগের মতোই দেখতে সুন্দর ছিল। এখন সে তার থেকে আরও ভাল দেখাচ্ছে এবং তার শীতল সেক্সি ফিগারটি হ'ল শীতল বুবস এবং তার পাছা আগের চেয়ে বড় ছিল।

তারপর মাসি আমাকে বসিয়ে দিলেন এবং চা নিয়ে এসে নোনতা বিস্কুট এবং কিছু খাবার খেতে দিলেন। খাওয়ার পরে আমি চাচীকে জিজ্ঞেস করলাম ওয়ার্টটি কোথায়? তিনি বলেছিলেন যে কাজের কারণে, তিনি বছরে মাত্র 4 - 5 বার বাইরে থাকেন এবং যখন তিনি আসেন, তখন তিনি 5 - 6 দিন অবস্থান করেন।

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তারপর চলে যাও। আমি এতো বড় বাড়িতে একা থাকি। তখন আমি জিজ্ঞাসা করলাম এই মেয়েটি কোথায় থাকে? আন্টি বলেছিল যে সে সামনে থাকে এবং আমি যখন একা থাকি তখন ফোন করি।

আমি এবং আমার খালা এভাবে কথা বলতে থাকলাম এবং তখন রাত হয়ে গেল এবং আমি খাবার খেয়ে ঘুমিয়ে পড়লাম। সকালে ঘুম থেকে উঠে ব্রাশ করে প্রাতঃরাশ করলাম। তারপর ছাদে, আমি এখানে এবং সেখানে তাকিয়ে ছিল।

আমি নীচে নেমে গেলে, খালা আমাকে খেতে বললেন। তারপরে আমি খেতে বসেছিলাম যে যখন তারা আমাকে খেতে দিতে মাথা নত করল, তখন তাদের মসৃণ মসৃণ দুধগুলি আমার কাছে উপস্থিত হতে শুরু করল। আমি ওদের বাড়া গুলো দেখতে লাগলাম। সে আমাকে দেখে চুষে তাকিয়ে হাসতে হাসতে ভিতরে .ুকল।

এইভাবে আমি সেখানে 8 দিন ছিলাম এবং সে আমার হাতে কখনও কখনও আমার পাছায় ঠাট্টা করত। আমিও ওর পাছায় হাত usedুকতাম। এই দেখে তিনি হাসতেন এবং আমার কপালে কিছু করতেন। আমি বুঝতে পেরেছিলাম যে সে আমাকে চুদতে চেয়েছিল তবে আমি তাকে এটি বলতে পারি না। আমি তার বলার অপেক্ষা করছিলাম।

তারপরে সে রাতে সে আমার কাছে এসেছিল এবং সেই সময় সে শাড়ি পরেছিল। তিনি আমার হাত ধরে এবং তার উরুর উপর এটি রেখে আমার উপর বসে এবং এটি দু: খ শুরু। আমি আমার একটা হাত ওদের বুকে নিয়ে আলতো করে টিপলাম। তিনি ঠিক 20 মিনিট আমার সাথে মজা করতে থাকলেন। তারপরে সে আমাকে তার শোবার ঘরে নিয়ে গেল এবং আমি তার শাড়িটি সরিয়ে ফেললাম, তারপরে সে আমার সামনে ব্লাউজে এসেছিল। আমি যখন তার ব্লাউজ এবং পেটিকোটটি খুললাম, তখন সে ব্রা এবং প্যান্টি দিয়ে আমার সামনে এসেছিল।

bengla sex story :- আমি ওর একটা দুধ আমার হাতে ধরে বললাম তোমার দুধটা কত বড়। তিনি বললেন হ্যাঁ, কিছু করুন এবং দেখুন মজাদার হবে। আমি ওর একটা দুধ ব্রা এর উপর দিয়ে দিলাম এবং চুষতে লাগলাম। ওদের বাড়া চুষার সাথে সাথে আমি তাদের ব্রাও খুললাম এবং তাদের দুধগুলি লাফিয়ে আমার সামনে এল।

তারপরে আমি ওর দুধের একটা মুখে andুকিয়ে চুষতে শুরু করলাম। তিনি আমার মাথা ধরে এবং এটি দু: খিত শুরু। আমি ওর একটা দুধ মুখে পুরে দিয়ে চুষছিলাম আর অন্য হাতে হাত দিয়ে দুধের স্তনের বোঁটাটা ঘুরিয়ে ঘুরিয়ে চুষছিলাম। ওদের দুধ চুষার পাশাপাশি আমি ওদের মুখের মধ্যে রেখে ঠোঁট চুষতে শুরু করলাম।

 

sex story in bengla :- আমি তাদের গুদে চুদতে শুরু করলাম যখন ওদের বাড়া inুকিয়ে দিয়েছিলাম। তারা তাদের মাই গুলোকে আঘাত করছে, তারা… তারা… তারা…। উআই উঁই উঁই মা মা মা… .. করছিল।

আমি ওর কোমরটা চেপে ধরে আমাকে আরও টেনে ধরলাম আর জোরে ঠুং ঠুং শব্দ দিয়ে ওকে ঠাপাতে লাগলাম। তিনি পুরো বিছানার উপর যন্ত্রণাদায়ক ছিল। ওদের গুদে ফেলে দেওয়ার সময় আমি তাদের চুদছিলাম।

আমি ওর দুটো দুটোই চেপে ধরে জোরে জোরে জোরে গুদে চুদছিলাম। সে আমার ঠোটে আমাকে চুমু খাচ্ছিল। আমি তাদের কিছুক্ষণের জন্য চোদনের বারে পড়তে দিয়েছি।

সে বলেছিল যে আমার গুদে একটা আঙুল দিয়ে জোর করে ঝাঁকান আমি তার গুদে একটা আঙুল putুকিয়ে দিয়ে খুব শক্ত করে কাঁপতে শুরু করি, এরপরে কিছুক্ষণের মধ্যে তার গুদ থেকে জল ফোলা বেরিয়ে আসে।

bengla sex story :- তারপরে আমার মাসি আর আমি এভাবে ঘুমিয়েছিলাম, সকালে ঘুম থেকে ওঠার সময় তার খোলা শরীরের দিকে তাকিয়ে আমার বাঁড়া আবার দাঁড়িয়ে গেল। আমি সকালে তাদের আবার চুদলাম, যতক্ষণ না আমি আমার খালার বাড়িতে প্রতিদিন দীর্ঘ সময় থাকতাম।

Monday, April 12, 2021

Anjan Aunty ki chudai ki kahani - Hindi sex story

April 12, 2021 0 Comments

Aunty ki chudai ki kahani

ही दोस्तों मेरा नाम जय है और मई दिल्ली का रहने वाला हु. मेरी उम्र २५ साल है और मेरा बॉडी टाइप एथलेटिक है. ये कहानी मेरे पहले सेक्स एनकाउंटर की है जो एक आंटी के साथ हुआ.तो स्टोरी कुछ इस तरह से शुरू होती है. साल २०१५ की गर्मी की छुट्टिया चल रही थी. मई कॉलेज से फ्री था तो मई रोज़ मॉर्निंग वाक पर जाता था.

Aunty ki chudai ki kahani
Aunty ki chudai ki kahani

 

जिस पार्क में मई जाता था वह बहुत सी खूबसूरत लड़किया और auntiesआती थी. मई रोज़ उनको देखता और घर आकर खुद को ठंडा करता था. एक दिन पार्क में मैंने एक ौंतियो का ग्रुप देखा जिसमे मैंने एक आंटी को देखा जो उन सब से उम्र में छोटी लग रही थी.वो बिलकुल एक २४ साल की लड़की की तरह थी. उसने रेड लोअर और थोड़ा ढीला येलो टॉप पहना हुआ था. उसकी गांड बहुत शेप में थी. जब वो चलती थी तो उसके ३४″ के बूब्स हिलते मस्त लग रहे थे. 

aunty ki chudai ki kahani  :- मैं रोज़ उस ग्रुप के पीछे चलता और उस आंटी की गांड देखता था.उसके टाइट बूब्स ढीले टॉप में और भी मस्त लगते थे. ऐसे ही कुछ दिन बीते तो एक दिन मई सुबह वाक के लिए गया. मैंने देखा की वो आंटी अकेली ही चल रही थी. 

मैं उसके पीछे चलने लगा और उसकी गांड निहार रहा था.मेरा दिल कर रहा था की उसकी गांड को बस पकड़ लू पीछे से. तभी वो थोड़ा तेज़ चलने लगी. २ राउंड के बाद अचानक उसका पेअर मुद गया और वो गिर गयी. मैंने जैसे ही उसको गिरते हुए देखा तो भाग कर उसके पास गया.पास जाके मई उसको देखता हे रह गया. दूध सा गोरा रंग और लाल होंठ थे उसके. तो उसने अचानक मुझे आवाज़ दी-

आंटी: देख क्या रहे हो हेल्प करो मेरी.फिर मैंने उसे उठाया और बेंच पर बिठा दिया. उसको दर्द हो रहा था. वो बोली-आंटी: शायद मेरा पेअर मुद गया है इसलिए दर्द हो रहा है.जब मैंने उसका पेअर देखा तो उसको बताया की उसके पेअर में मोच आ गयी है.

 तो वो बोली-आंटी: मुझे प्लीज घर ले चलो मेरे..तो मैंने उसको बाहो में उठा लिया और चल पड़ा. वो मेरी तरफ देखने लगी. उसकी कर्तव्य बॉडी मेरे मैं में हवस जगा रही थी. मैंने खुद को कण्ट्रोल किया और उसके घर की तरफ चल पड़ा.वो बहुत हे क्यूट सी दिख रही थी. रास्ते में उसने बात शुरू की और मेरे बारे में पुछा. फिर मैंने उसको अपना नाम बताया. मैंने बताया-मैं: मैं लास्ट ईयर में हु बी.टेक के.फिर मैंने उससे उसके बारे में पुछा तो वो बोली-आंटी: मेरा नाम समिति है और मई एक स्कूल में टीचर हु.उसने बताया की उसका पति दिल्ली में जॉब करता है और ज़्यादा टाइम वही रहता है. 

उसकी एक बेटी भी है जो कॉलेज में है. जब उसने बेटी का बताया तो मैं हैरान था. फिर उसका घर आ गया तो उसने दुर्बल बजायी और उसकी बेटी मानसी ने दरवाज़ा खोला.मानसी बिलकुल अपनी माँ की तरह खूबसूरत थी. 

उसने हमें देखा तो वो घबरा गयी और मैंने उसको साड़ी बात बताई. फिर उसने डॉक्टर को कॉल किया. डॉक्टर ने उनके पेअर को ठीक किया और उनको आराम करने के लिए बोलै.फिर मैं अपने घर आ गया.

 ४ दिन बाद समिति फिरसे वाक के लिए आयी. इस बार वोखुद मेरे साथ चलके वाक करने लगी और मुझसे बाते करने लगी. अब हम रोज़ मिल रहे थे. मई उसके साथ काफी खुल गया था और मैं उसके साथ बीच-बीच में फ़्लर्ट भी करता था.

वो भी जानती थी पर वो कुछ नहीं बोलती थी. फिर एक दिन उसने मुझसे मेरी गर्लफ्रेंड के बारे में पुछा तो मैंने उसे बताया की मेरी कोई भी गर्लफ्रेंड नहीं है.तो वो बोली: ऐसा क्यों?

तो मैंने बोलै: मुझे कोई लड़की अछि ही नहीं लगी.

फिर वो बोली: कैसी लड़की देख रहे हो?तो मैंने झट्ट से बोलै: आपके जैसी.और वो ये सुन कर हसने लग गयी और बोली-

समिति: मुझमे क्या पसंद आया तुम्हे.मैंने कहा: सब कुछ ही पसंद है ऊपर से नीचे तक सब ाचा लगता है.ये सुन कर वो थोड़ा गुस्से से मेरी तरफ देखने लगी और बाई बोल कर चली गयी. 

मैंने सोचा आंटी नाराज़ हो गयी तो मैंने उसको व्हाट्सअप पर सॉरी भेजा. मैंने लिखा-मैं: आंटी सुबह के लिए सॉरी. मई मज़ाक कर रहा था.तो उसने थोड़ी देर बाद आईटी’स ओके बोल के रिप्लाई कर दिया. 

aunty ki chudai ki kahani  :- नेक्स्ट मॉर्निंग वो वाक पर आयी तो उसने मुझे रात को डिनर पर इन्विते किया. मई बहुत खुश था डिनर का इनविटेशन पाकर. मई रात को डिनर पर गया तो वह मई मानसी और समिति थे.फिर हम डिनर करने लग गए. मैंने मानसी से खूब बाते की और समिति मुझे प्यार से देख रही थी. अगली सुबह मई वाक पर गया. जब समिति आयी तो उसने टाइट ब्लैक लोअर और पिंक टाइट टॉप पहना था जिसमे उसका बदन कस गया था पूरा. वो किसी मॉडल की तरह लग रही थी.वो मेरे साथ वाक करने लगी और उसने मेरा हाथ पकड़ लिया. मैंने उसको देखा तो वो बोली-स्मिता: क्या हुआ? अपने बॉयफ्रेंड का हाथ नहीं पकड़ सकती मैं?उसकी ये बात सुन कर मई हैरान हो गया.

 उसके बाद हम वह बैठे तो वो बोली-स्मिता: अब तुम क्या करोगे अपनी गर्लफ्रेंड के साथ?तो मैंने बोलै: सब कुछ.ये सुन कर वो हसने लगी. फिर हम रोज़ फ़ोन पर घंटो बात करते. फिर एक दिन वो बोली-स्मिता: मुझे चंडीगढ़ जाना है किसी काम से तो मेरे साथ चलो.

मैंने कहा: ठीक है.हम ट्रैन में चल दिए. उसने टाइट जीन्स और टॉप पहना हुआ था. हम चंडीगढ़ पहुंचे और एक रूम बुक करवा लिया. उसने मुझे २ दिन के लिए रूम बुक करवाने को कहा. 

फिर हमने थोड़ी देर रेस्ट की और बाद में मॉल गए.वो मेरे साथ ऐसे चल रही थी जैसे मेरी बीवी हो और वो सुन्दर इतनी थी की पत्नी लग भी रही. उसने शॉपिंग की और मैंने उसे एक ओने पीेछे ब्लू कलर का गिफ्ट किया. वो उसने तभी पहन लिया और मेरे साथ घूमने लगी.हम वापस रूम में आये तो मैंने उसको पकड़ा और अपनी और खींचा.

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 फिर उसने अपने होंठो को मेरे होंठो पे रख दिया और हम स्मूच करने लगे. लग-भाग १० मिनट के बाद वो हॉर्नी हो गयी.हम बिस्तर पर आये और मैंने उसका ओने पीेछे उतार दिया और उसने ब्रा और pant उतार दी. मई उसके बूब्स को मसल कर चूसने लगा और वो बस मोअन कर रही थी मम…. माहाहहहहांम..आआह्ह्ह्हह….फिर मैं नंगा हुआ और अपना ६ इंच लम्बा और २.५ इंच मोटा लुंड उसके हाथ में दिया तो वो बोली-स्मिता: इतना लम्बा!और फिर धीरे से वो लुंड मुहमे ले गयी और घुप्प.. घुप्प.. करके चूसने लगी. वो डीप थ्रोट कर रही थी और मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. फिर मैंने उसके बूब्स मसलने शुरू कर दिए.उसके बूब्स बहुत नरम और भरे हुए थे. हम दोनों एक-दुसरे में खो गए. मैंने उसके बूब्स को खूब चूसा और फिर मैंने उसकी chut चाटनी शुरू कर दी. 

aunty ki chudai story :- वो बस आअह्ह्ह… आअह्ह्ह्हह्हह…. ममम… कर रही थी.फिर वो बोली: मैंने आज तक अपने पति के अलावा किसी से नहीं छुड़वाई तो तुम थोड़ा ध्यान से डालना.फिर मैंने अपना लुंड उसकी छूट पर रखा. मेरा फर्स्ट टाइम था तो मई डर भी रहा था. लेकिन उसे देख कर कण्ट्रोल नहीं हुआ मुझसे. मैंने लुंड छूट के मुँह पर रखा और एक धक्का दिया तो मेरा सुपाड़ा उसकी छूट के अंदर चला गया. Land chut में जाते ही उसके मुँह से चीख निकली आआह.. आए… धीरे.उसकी छूट बहुत टाइट थी. मेरे लुंड का टांका भी टूट गया और मुझे भी दर्द हुआ.

 फिर मैंने एक और धक्का मारा तो वो चिल्ला पड़ी अअअअअअअ……मैंने अपने होंठ उसके होंठो पर रखे और धीरे-धीरे लुंड पूरा अंदर दाल दिया. उसे बहुत दर्द हो रहा था. १० मिनट हम उसी तरह रहे फिर जब दर्द काम हुआ तो मैंने धीरे-धीरे झटके मारने शुरू कर दिए.वो आआह्ह.. आह्ह्ह्ह.. कर रही थी. २० मिनट की चुदाई में हम दोनों साथ में झाड़ गए और सो गए.

aunty ki chudai kahani :-  नेक्स्ट मॉर्निंग मैंने देखा की उसकी छूट सूज गयी थी क्युकी बहुत टाइम बाद उसकी चुदाई हुई थी.हम दोनों का वीर्य बेडशीट पर लगा हुआ था. उसकी गोरी जांघो को देख कर मेरा दिल फिरसे उसकी छूट मारने का हुआ पर वो सो रही थी और उसकी chut वैसे ही सूज गयी थी तो मैंने कण्ट्रोल किया.फिर जब वो उठ कर चली तो उससे चला नहीं जा रहा था. वो लंगड़ा कर चल रही थी. हम दोनों रेडी हुए और उसके काम के लिए गए. वह से शाम को वापस आये तो मेरा दिल कर रहा था की उसको chod लू एक बार.जब मैंने उसको बोलै तो दर्द की वजह से उसने मन कर दिया. फिर मेरी उदासी देख कर वो बोली-स्मिता: चलो chut नहीं तो मुँह को ही chod लो मेरे.मैंने अपना लुंड निकला और उसके मुँह में दे दिया. फिर १० मिनट की मुँह की चुदाई में मई झाड़ गया और हम दोनों एक-दुसरे से लिपट कर सो गए. अगले दिन हमें वापस आना था. हम वह से ट्रैन में बैठ गए.स्मिता ने जीन्स और लॉन्ग कुर्ती पहनी हुई थी जिसमे वो गज़ब की रांड लग रही थी.

aunty ki chudai ki kahani :-  मेरा ध्यान उसकी सांस के साथ ऊपर नीचे हो रहे बूब्स पर था. मेरा दिल कर रहा था की उसको वही chodna शुरू कर दू लेकिन बहुत भीड़ थी और हम चिपक कर बैठे थे.वो मेरी तरफ देख रही थी और कान में बोली: क्या हुआ ऐसे क्या देख रहे हो? खा जाओगे क्या?और ये बोल कर वो हसने लग गयी. अभी सिटी आने में टाइम था तो मैंने उसको बोलै-

मैं: मुझे तुम्हे chodna है फिरसे.तो वो मेरी तरफ देखने लगी और बोली: यहाँ लोग है.तो मैंने उसको वाशरूम जाने को बोलै. वो गयी और थोड़ी सेकण्ड्स में ही बाहर आ गयी क्युकी वह बहुत स्मेल थी. जब मैंने उसको देखा तो उसने मुझे अपनी तरफ आने का इशारा किया. मैं उठ कर उसकी तरफ गया तो वो बोली-स्मिता: अंदर बहुत स्मेल है बाबू.ये सुनके मैं उदास हो गया.

 फिर वो बोली-स्मिता: उदास क्यों हो रहे हो?और वो अपने हाथ से मेरी पंत के ऊपर से ही मेरे लुंड को सहलाने लगी और बोली –स्मिता: मेरे पीछे खड़े हो जाओ.मुझे कुछ समझ नहीं आया तो मैं उसके पीछे खड़ा हो गया. भीड़ थी तो वो चिपक गयी मेरे साथ और झुक के कड़ी हो गयी. उसके आगे एक और औरत कड़ी थी.फिर उसने एक हाथ से कुर्ती को साइड किया तो मैंने देखा उसकी जीन्स में नीचे की तरफ एक छेद किया हुआ था. फिर उसने मुझे आँख मारी और मुझे land अंदर डालने का इशारा किया.

मैंने ज़िप खोली और लुंड उसकी chut में दाल दिया. उसने एक लम्बी सांस ली और फिर मैंने धीरे-धीरे उसको छोड़ना शुरू कर दिया. वो भी पूरा मज़ा ले रही थी पब्लिक में चुदाई का.उसको थोड़ा दर्द हो रहा था क्युकी उसकी टाँगे बिलकुल साथ चिपकी हुई थी जिससे उसकी chut और टाइट हो गयी थी. मैंने उसको १:३० घंटे तक choda जिसमे वो दो बार झड़ी. मैंने उसका माल रुमाल से साफ़ किया ताकि किसी को दिखे ना.अब मैं झड़ने वाला था तो मैंने उसको पकड़ा और सारा माल उसकी छूट में निकाल दिया और उसको बोलै-मैं: माल बाहर मत आने देना नहीं तो जीन्स पर दिखेगा.वो मुझे गुस्से से देखने लगी और कुर्ती को सही करके वही कड़ी हो गयी. 

उसकी chut का दर्द उसके चेहरे पर दिख रहा था. मैंने उसे पकड़ा और अपना सहारा दिया ताकि वो कड़ी रहे. मैंने उसे पीछे से पकड़ा हुआ था.वो बस आँखें बंद करके मुझसे चिपक कर कड़ी रही. थोड़ी देर बाद हम वापस सीट पर बैठ गए और अपनी सिटी पहुँच गए. जब वो ुहति तो मैंने देखा नीचे मेरा थोड़ा सा माल पड़ा था जो शायद उसकी छूट से गिरा था.हम ट्रैन से उतरे तो उसको उसकी बेटी लेने आयी थी मानसी जो मेरी उम्र की थी. फिर वो उसके साथ चली गयी. उसके बाद कैसे मैंने उसे प्रेग्नेंट किया और शादी भी की वो सब अगले पार्ट aunty ki chudai kahani में बताऊंगा.